
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 19 दिसम्बर 2025
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
*शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें । *शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
*शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352_
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌦️ मास – पौष मास
🌚 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि शुक्रवार पौष माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या पूर्ण रात्रि तक
🖍️ तिथि स्वामी – अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र ज्येष्ठा 10:51 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी – ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता इंद्र हैं, जो देवताओं के राजा, शक्ति और अधिकार के प्रतीक हैं, और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध हैं, जो बुद्धि और संचार को दर्शाते हैं।
⚜️ योग – शूल योग 03:46 PM तक, उसके बाद गण्ड योग
⚡ प्रथम करण : चतुष्पाद – 06:07 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : नाग – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:45:00_
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:11:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:19 ए एम से 06:14 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:47 ए एम से 07:09 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:39 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:43 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:25 पी एम से 05:53 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:28 पी एम से 06:50 पी एम
💧 अमृत काल : 01:03 पी एम से 02:50 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:51 पी एम से 12:46 ए एम, दिसम्बर 20
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मन्दिर में खीर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – दर्शवेला अमावस्या/ वाकुला अमावस्या (उड़ीसा)/ ‘शहादत दिवस’/ गोवा मुक्ति दिवस/ काकोरी कांड के महानायक अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल शहीद दिवस, स्वतंत्रता सेनानी अशफाक उल्ला खान शहीद दिवस, स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर रोशन सिंह शहीद दिवस, भारत की राष्ट्रपति महिला प्रतिभा देवीसिंह पाटिल जन्म दिवस, नेशनल अगली क्रिसमस स्वेटर डे , नेशनल ओटमील मफिन डे, नेशनल इमो डे, नेशनल अंडरडॉग डे, नेशनल हार्ड कैंडी डे, प्रसिद्ध चरित्र अभिनेता ओम प्रकाश जन्म दिवस, गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री बाबूभाई पटेल स्मृति दिवस ✍🏼 *तिथि विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
घर में पानी से जुड़ी चीजें किस दिशा में लगानी चाहिए?
*”पानी या फिर जल से जुड़ी ये सभी वस्तुऐं हमारी दिनचर्या में अहम भूमिका निभाती हैं इसलिये ये अगर सही दिशा में न लगी हो तो ये नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती हैं।
*आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार पानी के नल को और शावर को घर की उत्तर पूर्व दिशा में लगाना चाहिये। *वाश बेसिन को भी उत्तर या फिर ईशान कोण पर होना चाहिये।
*गीजर को घर के आग्नेय कोण पर होना चाहिये। *नहाने के लिये उपयोग में आने वाला बाथ टब भी आप उत्तर या ईशान कोण में रख सकते हैं।
*साथ ही घर से पानी के निकासी की व्यवस्था उत्तर दिशा में करवानी चाहिए। *इन सब के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना चाहिये कि पानी के नल और शावर को उपयोग करने के बाद सही ढंग से बंद कर देना चाहिये क्योंकि अगर इससे पानी टपकता है तो घर में धन संबंधी दिक्कतें आती
*हैं और कई तरह की समस्यायें लगी रहती हैं। ❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
काला हकीक के फायदे-कहते हैं हकीक एक ऐसा रत्न हैं,जिसे धारण करने से भगवान शनि प्रसन्न हो जाते हैं।
*काला हकीक रत्न धारण करने से कर्ज दूर होता है। और आर्थिक तंगी से निजात मिलता है।
*जिस व्यक्ति का व्यापार घाटे में चल रहा हो। व्यापार नहीं चल पा रहा हो। या व्यापार बिजनेस में कोई भी समस्या आ रही हो तो काला हकीक धारण करने से यह सभी समस्याएं दूर हो जाती है। *माना जाता है कि हकीक को धारण करने से सभी तरह की बाधाएं दूर हो जाती हैं।
*इससे किसी भी प्रकार का संकट नहीं रहता और शनि, राहु एवं केतु के दोष दूर हो जाते हैं। *माना जाता है कि हकीक को घर में या पास में रखने से सौभाग्य की वृद्धि होती है अर्थात भाग्योदय होता है।
*कहते हैं कि जिसके पास असली हकीक होता है, वह कभी गरीब नहीं रहता और दरिद्रता का नाश हो जाता है। *हकीक रत्न हनुमानजी के किसी मंत्र का जप किया जाए, तो यह बहुत ही फायदेमंद सिद्ध होता है।
*काला हकीक मंगाया रत्न धारण करने से एक्सीडेंट , चोट , रोग एवं भय का नाश होता है। *काला हकीक रत्न धारण करने से या माला धारण करने से इंसान का सोया भाग्य जग जाता है।
*काला हकीक माला या रत्न धारण करने से कालसर्प दोष,पित्र दोष, प्रेत दोष, विष दोष में आराम मिलता है और दोष नष्ट होने लगते हैं। *काला हकीक धारण करने से इंसान, व्यापार, बच्चे, नकारात्मक उर्जा एवं नजर दोष से बचे रहते हैं।
🍃 *आरोग्य संजीवनी* ☘️
सुबह उठते ही क्या खाना चाहिए?
सुबह उठते ही बासी मुंह गुनगुना पानी पीते हैं, 2–4 गिलास अपनी क्षमता अवश्यकता अनुसार। 45 मिनट से 1 घंटा तक कुछ खाना नहीं चाहिए। इसके बाद जब खाए तो एक पौष्टिक नाश्ता कर सकते हैं। यही हमारी पारम्परिक व्यवस्था रही है। बस, उठते ही चाय, काॅफी का सेवन हानिकारक है। (पानी भी प्यास के हिसाब से पीये, एक — दो गिलास काफी हो जाता है, अगर प्यास नहीं है तो न पीये, एक – दो घूंट भी बासी मुंह पानी काफी है) पानी पीने का एक अलग विषय हो सकता है। दवाइयां भी गर्मी पैदा करती हैं इसलिए पानी अपनी आवश्यकता अनुसार पीना चाहिए)
*नाश्ते के कुछ समय पहले अगर आप कुछ खाना चाहते हैं तो वह आपकी आवश्यकता के हिसाब से होगा। यदि कोई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या है तो इस समय खाली पेट इलाज हेतु कुछ खाना फायदा करता है। कुछ पर्याय नीचे दिए हैं….जो आसानी कर सकते हैं और लगभग सभी के लिए ठीक है।
📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
पौराणिक कथा – क्यों चढ़ाते है शनि देव को तेल :-
कथा इस प्रकार है शास्त्रों के अनुसार रामायण काल में एक समय शनि को अपने बल और पराक्रम पर घमंड हो गया था।
*उस काल में हनुमानजी के बल और पराक्रम की कीर्ति चारों दिशाओं में फैली हुई थी। जब शनि को हनुमानजी के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई तो शनि बजरंग बली से युद्ध करने के लिए निकल पड़े। *एक शांत स्थान पर हनुमानजी अपने स्वामी श्रीराम की भक्ति में लीन बैठे थे, तभी वहां शनिदेव आ गए और उन्होंने बजरंग बली को युद्ध के ललकारा।
*युद्ध की ललकार सुनकर हनुमानजी शनिदेव को समझाने का प्रयास किया, लेकिन शनि नहीं माने और युद्ध के लिए आमंत्रित करने लगे। अंत में हनुमानजी भी युद्ध के लिए तैयार हो गए। *दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। हनुमानजी ने शनि को बुरी तरह परास्त कर दिया।
*युद्ध में हनुमानजी द्वारा किए गए प्रहारों से शनिदेव के पूरे शरीर में भयंकर पीड़ा हो रही थी। इस पीड़ा को दूर करने के लिए हनुमानजी ने शनि को तेल दिया। *इस तेल को लगाते ही शनिदेव की समस्त पीड़ा दूर हो गई। तभी से शनिदेव को तेल अर्पित करने की परंपरा प्रारंभ हुई।
*शनिदेव पर जो भी व्यक्ति तेल अर्पित करता है, उसके जीवन की समस्त परेशानियां दूर हो जाती हैं और धन अभाव खत्म हो जाता है। *जबकि एक अन्य कथा के अनुसार जब भगवान की सेना ने सागर सेतु बांध लिया, तब राक्षस इसे हानि न पहुंचा सकें, उसके लिए पवन सुत हनुमान को उसकी देखभाल की जिम्मेदारी सौपी गई।
*जब हनुमान जी शाम के समय अपने इष्टदेव राम के ध्यान में मग्न थे, तभी सूर्य पुत्र शनि ने अपना काला कुरूप चेहरा बनाकर क्रोधपूर्ण कहा- हे वानर मैं देवताओ में शक्तिशाली शनि हूँ। *सुना हैं, तुम बहुत बलशाली हो। आँखें खोलो और मेरे साथ युद्ध करो, मैं तुमसे युद्ध करना चाहता हूँ। इस पर हनुमान ने विनम्रतापूर्वक कहा- इस समय मैं अपने प्रभु को याद कर रहा हूं।
*आप मेरी पूजा में विघन मत डालिए। आप मेरे आदरणीय है। कृपा करके आप यहा से चले जाइए। *जब शनि देव लड़ने पर उतर आए, तो हनुमान जी ने अपनी पूंछ में लपेटना शुरू कर दिया। फिर उन्हे कसना प्रारंभ कर दिया जोर लगाने पर भी शनि उस बंधन से मुक्त न होकर पीड़ा से व्याकुल होने लगे।
*हनुमान ने फिर सेतु की परिक्रमा कर शनि के घमंड को तोड़ने के लिए पत्थरो पर पूंछ को झटका दे-दे कर पटकना शुरू कर दिया। *इससे शनि का शरीर लहुलुहान हो गया, जिससे उनकी पीड़ा बढ़ती गई।
*तब शनि देव ने हनुमान जी से प्रार्थना की कि मुझे बधंन मुक्त कर दीजिए। मैं अपने अपराध की सजा पा चुका हूँ, फिर मुझसे ऐसी गलती नही होगी ! तब हनुमान जी ने जो तेल दिया, उसे घाव पर लगाते ही शनि देव की पीड़ा मिट गई। *उसी दिन से शनिदेव को तेल चढ़ाया जाता हैं, जिससे उनकी पीडा शांत हो जाती हैं और वे प्रसन्न हो जाते हैं।
*हनुमानजी की कृपा से शनि की पीड़ा शांत हुई थी, इसी वजह से आज भी शनि हनुमानजी के भक्तों पर विशेष कृपा बनाए रखते हैं। 🌹🙏🌹#जयश्री_शनिदेव🌹🙏🌹
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⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।



