क्राइम

चौकीदार ने खुद को मारी ब्लेड, पर शर्ट नहीं फटी, बार-बार बदल रहा था बयान, 41 लाख की लूट का चंद घंटे में हुआ खुलासा

पूछताछ में टूटने के बाद साथियों के मोबाइल नंबर बताए, साइबर पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए पहले सभी की लोकेशन ली
फिर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को भेजकर उनकी घेराबंदी कराई, इससे बदमाश भाग नहीं सके और रुपए सहित दबोच लिए

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह, बटियागढ़ । फतेहपुर के मध्यांचल बैंक में मंगलवार की रात लाखों की डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने घटना के कुछ घंटों के भीतर ही पटाक्षेप कर दिया। दरअसल ऐसा इसलिए हो सका, क्योंकि घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी बैंक का चौकीदार पुलिस के पास ही था, जो वारदात का फरियादी बनकर चौकी पहुंचा था। पूछताछ में आरोपी चौकीदार रोहित विश्वकर्मा पिता हरिनारायण 25 पुलिस के चंगुल में फंस गया और उसने घटना की पूरी कहानी सुना दी।
आरोपी ने खुद के हाथ में ब्लेड से कट लगाया और कस्बे की पुलिस चौकी पहुंच गया। यहां पहुंचकर उसने बैंक में डकैती डलने की घटना बताई और कहा कि चार पांच नकाबपोश आरोपियों ने बैंक में घुसकर मेरे साथ मारपीट की टेबल पर मैनेजर का बैग रखा था, जिसमें लॉकर की चाबियां थीं, जिससे लॉकर खोलकर आरोपियों ने 41 लाख से अधिक की रकम निकाली और भाग गए। इधर घटना सुनकर चौकी पुलिस ने सूचना जिला पुलिस मुख्यालय को दी और तत्काल ही घटना से सागर आइजी को भी अवगत करा दिया गया। इधर वरिष्ठ अधिकारी घटना सुनते ही मौके के लिए रवाना हो गए, जिसमें डीआइजी सागर भी देर रात फतेहपुर पहुंच गए।
इस तरह दिया लाखों की डकैती को अंजाम
बैंक के चौकीदार रोहित ने अपने तीन साथियों दुर्गेश उर्फ कमलेश पिता कलू काछी 25 निवासी पिपरिया, घनश्याम निवासी फतेहपुर व देवी उर्फ दिव्वल पिता लोटन काछी 23 फतेहपुर के साथ मिलकर बैंक में डकैती डालने की योजना बनाई थी। आरोपी रोहित को पता था कि किस दिन लाखों की रकम बैंक में रहेगी। सोमवार को ऐसा ही हुआ। बैंक में 41 लाख 23 हजार 327 रुपए लॉकर में रखे थे, जो चौकीदार को पता था। जैसे ही शाम को बैंक बंद हुआ, तो आरोपी रोहित ने अपने साथियों को बुला लिया और लॉकर से रकम निकालकर दे दी। इधर रकम लेकर तीनों निकल गए। इसके बाद आरोपी ने पूर्व में बनाई साजिश को अंजाम देना शुरू किया।
अफसरों को पहली नजर में घटना लगी संदिग्ध
अधिकारियों ने मामला की रिपोर्ट करने वाले चौकीदार रोहित को अपने चंगुल में लिया और सवाल के जवाब पूछना शुरू कर दिए। लेकिन आरोपी रोहित अधिकारियों को अपने जवाबों से संतुष्ट नहीं कर पा रहा था और बार बार अपने कथन बदलने लगा। ऐसा होने पर अधिकारी भांप गए कि चौकीदार झूठ बोल रहा है। इसके बाद जब सख्ती बरती गई, तो चौकीदार ने घटना की झूठी कहाने से पर्दा हटा दिया और घटना को अंजाम देने वाले साथियों का नाम पुलिस को बता दिए।
पिता के साथ मैनेजर गया था वसूली पर
इस घटना के दौरान सबसे बड़ा सवाल यह सामने आया था कि बैंक मैनेजर लॉकर की चाबियां छोड़कर क्यों गया था। इसके जवाब में सामने आया कि बैंक मैनेजर आरोपी के ही पिता के साथ समीपस्थ गांव में वसूली के लिए गया था। जिस बैग में लॉकर की चाबियां थीं उसमें मैनेजर के खुद के एक लाख रुपए भी रखे थे। यही वजह थी कि बैंक घटना के दौरान बंद नहीं हुआ था। हालांकि अभी मैनेजर से पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस ने आरोपियों से बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की मौके से निकाली गई हार्डडिस्क भी बरामद की है।
ऐसे खुला राज, पकड़ा गया चौकीदार
पुलिस को मिली सफलता में मुख्य सुराग यह रहा जिसमें पुलिस ने पाया कि घटना की रिपोर्ट कर रहे रोहित के कहे अनुसार उसे हाथ में चाकू मारा गया है। लेकिन उसकी शर्ट में चाकू से हमले का कोई निशान नहीं है। इससे माना कि रिपोर्ट करने वाले ने स्वयं ही अपने हाथ में ब्लेड से मारा है। यही वह पहला सुराग पुलिस को मिला और घटना का मास्टरमाइंड बैंक का चौकीदार है यह उजागर हो गया।
रकम बरामद, सभी आरोपी हिरासत में
घटना के कुछ घंटों के भीतर ही पुलिस ने सभी आरोपियों को दबोच लिया और आरोपी रोहित के साथी के घर पर रखी रकम बरामद की। इस दौरान पुलिस ने घटना में उपयोग की गई बाइक व एक देसी कट्टा भी बरामद किया। बता दें कि आरोपियों को पुलिस की सायबर टीम ने फरार होने का मौका नहीं दिया और परफेक्ट लोकेशन टीम को दी, जिससे आरोपी फतेहपुर से भागने के पहले ही पकड़ गए।
श्रुतकीर्ति सोमवंशी, एसपी दमोह ने बताया कि घटना में शुरुआती जांच में कुछ तथ्य ऐसे सामने आए जिनके आधार पर सूचनकर्ता ही संदेह के घेरे में आ गया, यह घटना हुई और आसपास के लोगों को भनक न लगे यह संभव भी नहीं था, क्योंकि बैंक रहवासी क्षेत्र में है। बाद में पूछताछ पर हकीकत सामने आ गई। सभी आरोपी पकड़े जा चुके है।
इस कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, एएसपी संदीप मिश्रा, एसडीओपी हटा नीतेश पटेल, एसडीओपी पथरिया रघु केसरी के निर्देशन में थाना प्रभारी हटा मनीष कुमार, थाना प्रभारी बटियागढ़ नेहा गोस्वामी, थाना प्रभारी पथरिया सुधीर कुमार बेगी, थाना प्रभारी हिंडोरिया अमित गौतम, थाना प्रभारी गैसाबाद विकास सिंह चौहान, थाना प्रभारी मगरोन बृजलाल पटेल, चौकी प्रभारी जबलपुर नाका शिवनारायण यादव, चौकी प्रभारी फतेहपुर नागेंद्र सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक राकेश अठया, प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन, प्रधान आरक्षक अजीत दुबे, संजय पाठक, प्रधान आरक्षक कामता, प्रधान आरक्षक आलोक भारद्वाज, प्रधान आरक्षक महेश यादव, प्रधान आरक्षक देवेंद्र रैकवार, आरक्षक नवीन, देवेंद्र आरक्षक निखिल परस्ते, आरक्षक चालक राकेश, प्रधान आरक्षक केवल नारायण, आरक्षक रामकिशोर, राममिलन, कृष्ण कुमार, जालम सिंह, चालक कमल दुबे, गनमैन नवनीत गौतम, चालक उदयभान, गनमैन रघुवीर और पुलिस स्टाफ मौजूद रहा।

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