डटे सिहोरावासी, अड़ी सरकार, यूँ ही बीत गए 46 रविवार, सिहोरा जिला बनाओ आंदोलन लगातार जारी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l सिहोरा 2003 में जिला बन चुका है सरकार इसे लागू करे, इस संकल्प के साथ सिहोरावासी 46 हफ़्तों से प्रत्येक रविवार धरना पर डटे हुए है। रविवार के धरने में इंद्रदेव ने भी आंदोलनकारियों की परीक्षा ली, जोरदार बारिश होने लगी पर सिहोरा के लिए संघर्ष करने वालों का हौसला न डिगा। जिसके पास छाता था उसने लगा लिया बाकी भीगते रहे पर मैदान न छोड़ा। वहीं सरकार स्तर से आज तक कोई भी पहल नही हुई।
अब वर्षगाँठ मनाएँगे:- समिति के विकास दुबे,मानस तिवारी,अमित बक्शी ने कहा कि समिति ने पूर्व के 50 वें धरने पर अनशन के निर्णय में परिवर्तन किया है अब यह अनशन आंदोलन के एक वर्ष पूर्ण होने पर होगा।इस अनशन के बाद सरकार से दो दो हाथ करने आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने जबाब देना किया बंद:- समिति के अनिल जैन, रामजी शुक्ला, कृष्ण कुमार क़ुररिया ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को कोई भी पत्र प्रेषित करने पर उनके कार्यालय प्रमुख को पत्र को संबंधित विभाग को कार्यवाही हेतु भेजकर आवेदक को सूचना देने का नियम है।पर शिवराज सरकार के कार्यालय ने अब सिहोरा जिला के धरने के बाद प्रेषित ज्ञापन की पावती भेजना बंद कर दी है। सरकार की सिहोरा के प्रति ऐसी सोच को जन जन तक पहुंचाया जाएगा । 46 वें धरने में नत्थू पटेल, रामलाल यादव, पन्नालाल, अजय कुमार, रजनीश उपाध्याय सहित अनेक सिहोरावासी मौजूद रहे।



