क्राइम

तेन्दूखेड़ा में 17 वर्षीय बालक का किया अपहरण किया जानलेवा हमला, दिया लूट को अंजाम

नामजद आवेदन के बाद भी पुलिस खाली
पीड़ित की माँ ने लगाए पिता के साथियों एवम झलोन निवासियों पर गम्भीर आरोप

रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी

तेन्दूखेड़ा । नगर तेन्दूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 12 की निवासी ने सोमवार को पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है। जहाँ पर पुलिस पर आरोप लगाते हुए आवेदिका ने लिखा कि उसका 17 वर्षीय पुत्र रामकृष्ण उर्फ राहुल रैकवार को दिनाक 27 नम्बवर 22 को शाम 4 बजे उसे वार्ड नम्बर 11 के पावर हाउस के पीछे बने मैदान पर खेल रहा था तभी दो नकाबपोश ब्यक्तियो द्वारा उनके बेटे को जबरजस्ती अपने दो पहिया वाहन में बैठा कर ले गए। और उसे वार्ड क्रमक 9 में बने मुक्ति धाम में ले गए जहा पर उसके साथ जानलेवा हमला किया है जहाँ पर उसे गम्भीर चोट आई है और उसके जेब मे रखे 2000 हजार रुपये तथा उसका आधार कार्ड की लूट को अंजाम दिया। पीड़ित की माँ ने आवेदन में लिखा कि रात्रि में जब मेडिकल कालेज में उसे होश आया तो उसने बताया कि उसमे से एक लड़का कट्टा लिए था और बोल रहा था कि चिल्लाओगे तो हम गोली मार देंगे। इसलिये वो चिल्लाया नही है। आवेदिका पूजा रैकवार ने आवेदन में लिखा कि की उसके पति एक अखबार में समाचार इखट्टा करने का कार्य करते हैं और भगवती मानव कल्याण संग़ठन के स्थाई सदस्य है और उनका अधिकतर कार्य क्षेत्र झालोंन ओर झलोन के आस पास रहता है इसलिये उनके क्रिया कलापों से कुछ झलोन के लोग उनसे नाराज रहते थे।इसलिए पूजा रैकवार ने अपने आवेदन में साथी पत्रकारों के एवम झलोन के कुछ लोगो के नामजद आवेदन में उल्लेख किया है। घटना वाली शाम को लक्ष्मण रैकवार द्वारा एक आवेदन दिया जिसमे जिन लोगो पर शक था तथा जिस समय जिन लोगो के साथ वह खेल रहा था उन लड़कों के नाम भी दिए थे। मगर पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नही की है। पूजा रैकवार ने आवेदन में लिखा कि अपहरणकर्ताओं ने कहा था अपने पापा से कह देना की झलोन में ना दिख जाए नही तो गोली मारेंगे, भगवती मानव कल्याण संग़ठन के साथ मिलकर हमारा बहुत नुकसान किया है।घटना के बाद राहुल जब घर आया और घर आकर घटना बताई तो उसे पुलिस थाना तेन्दूखेड़ा ले गए जहा पर पुलिस ने कोई एफआईआर नही लिखी, कहा आवेदन दे दो फिर इलाज के लिए तेन्दूखेड़ा अस्पताल ले गये जहा पर प्रस्थमिक इलाज किया और शरीर मे गम्भीर चोटे होने की बजह से राहुल की हालत ठीक नही थी इसलिये उसे मेडिकल कालेज जबलपुर रिफर किया, जहा उसका इलाज जारी है।घटना के 36 घण्टो के बाद भी पुलिस ने अभी तक कोई पुछताछ नही की ना ही कोई कागजी कार्यवाही की । तेन्दूखेड़ा नगर में अराजकता चारो तरफ पसर गयी है। पुलिस का लचर रवैया इसका जिम्मेदार है।
इस संबंध में थाना प्रभारी बीएल चौधरी कहना है कि ऐसे अपराध नही होते हैं सारे केस फाल्स होते हैं। अभी में जबलपुर जा रहा है कल आकर देखूंगा, आवेदन लेने को स्टाफ से बोल दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक डीके तेनिवार ने कहा कि में अभी टी आई को बोलता हूं।

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