आज का पंचांग मंगलवार, 27 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 27 दिसम्बर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायन
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – पञ्चमी 26:45 PM बजे तक उपरान्त षष्ठी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – पंचमी (पंचमी) के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – धनिष्ठा 20:10 PM तक उपरान्त शतभिषा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल हैं और देवता वसु हैं। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देव अष्ट वसवाल हैं और राशि स्वामी शनि हैं।
🔊 योग – वज्र 17:28 PM तक उपरान्त सिद्धि योग है।
⚡ प्रथम करण : बव – 12:11 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 10:52 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक- मंगलवार दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक.
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 02:53:00 P.M से 04:10:00 P.M तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:23 ए एम से 06:18 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:50 ए एम से 07:12 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:02 पी एम से 12:43 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:05 पी एम से 02:47 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:22 पी एम से 05:46 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:32 पी एम से 06:54 पी एम
💧 अमृत काल : 06:04 ए एम, दिसम्बर 28 से 07:33 ए एम, दिसम्बर 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:55 पी एम से 12:50 ए एम, दिसम्बर 28
❄️ रवि योग : 02:27 पी एम से 07:13 ए एम, दिसम्बर 28
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में मसूर की दाल अर्पण करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
💮 पर्व एवं त्यौहार – ज़ोर मेला (पंजाब) जारी, पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो शहीद दिवस, उर्दू-फ़ारसी के प्रख्यात कवि मिर्जा ग़ालिब जन्म दिवस, हिन्दी साहित्यकार शंकर दयाल सिंह जन्म दिवस, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का जन्म दिवस, अल्बर्ट एक्का (परमवीर चक्र से सम्मानित) जन्म दिवस, पंचक जारी (पंचांग भेद)
✍🏽 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🧹 Vastu tips 🏚️
हर घर या दफ्तर में सफाई के लिए झाड़ू का इस्तेमाल किया जाता है। वास्तु के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। झाडू लगाने से घर से दरिद्रता दूर होती है। इसलिए इसका बड़ा महत्व है। वास्तु के अनुसार झाड़ू से जुड़े कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है। जानिए झाड़ू को पकड़ने की सही दिशा के साथ कुछ नियम।
इस दिशा में झाड़ू न लगाएं वास्तु के अनुसार झाड़ू पकड़ने की एक सही दिशा होती है। झाड़ू को कभी भी ईशान कोण यानी ईशान कोण में नहीं रखना चाहिए। क्योंकि इसे देवी-देवताओं की दिशा माना जाता है। इसलिए इस दिशा में रखने से भगवान नहीं आते हैं।
वास्तु के अनुसार किचन में झाड़ू नहीं रखना चाहिए। इसे रसोई में रखने से प्रदूषण बढ़ता है, जो परिवार के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इससे भोजन की कमी हो जाती है। इसलिए सुखी जीवन के लिए कभी भी किचन में झाड़ू नहीं रखनी चाहिए।
झाड़ू पकड़ने की सही दिशा घर में झाड़ू को हमेशा दक्षिण या पश्चिम-दक्षिण दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अनिद्रा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। नींद की कमी से एकाग्रता में कमी, कई तरह के परेशानियां, पेट की गड़बड़ी, आंखों के नीचे काले घेरे, उल्टी, चिड़चिड़ापन आदि समस्या हो सकती हैं। इसलिए आप अच्छी और सुकून की नींद से समझौता बिल्कुल न करें, क्योंकि भरपूर नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
आज हर कोई अपनी जिंदगी में तनाव का शिकार है। यह तनाव ही है जो इंसान की नींद में खलल डालता है, और उसे चैन से सोने नही देता है। नींद नही आना सेहत के लिए अच्छे संकेत नही हैं अगर आप भरपूर नींद नहीं ले पा रहे हैं तो निष्चय ही आप गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं, आपके रिष्ते खराब हो सकते हैं साथ ही आपके कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होने से आपके कैरियर में भी खराबी आ सकती हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
40 प्रतिशत लोगों को खर्राटे थकान के कारण आते हैं और 60 प्रतिशत लोगों को जो खर्राटे आते हैं वे संकेत देते हैं कि शरीर में रोग जमा हो रहा है | इसका जल्दी इलाज करो, नहीं तो ह्रदयघात (heart attack), उच्च रक्तचाप ( hypertension), निम्न रक्तचाप (low B.P.) की समस्या पैदा हो सकती है | किसी भी थोड़ी-सी बीमारी में ज्यादा धक्का लग सकता है |
खर्राटे आते हैं तो उनको नियंत्रित करने का उपाय बताता हूँ | 5 ग्राम गुड़, 10 मि.ली. अदरक का रस व संतकृपा चूर्ण मिला के थोडा-थोडा लो | खर्राटे बंद हो जायेंगे, कफ और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित हो जायेगा | 21 दिन करो | फिर 5-10 दिन छोडो, फिर करो | नाड़ियाँ साफ़ हो जायेंगी | केला, फलों का र्स, मिठाई- इनका सेवन नहीं करना |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
🤷🏻♀️ क्यों होता है गृह क्लेश
अगर आपके घर में गृह क्लेश बढ़ रहा है तो शनिवार के दिन उपाय करें तो गृह क्लेश का संपूर्ण नाश हो जाएगा। वैसे तो सभी मेहनत करते हैं, पूजा पाठ करते हैं और अच्छे कर्म करते है फिर भी हमारे घर में बरकत नहीं होती है, सुख संपत्ति का वास नहीं होता है और हमारे घर में क्लेश बढ़ता जाता है। कभी—कभी तो तमाशा इतना बढ़ जाता है कि पूरी सोसाइटी तमाशा देखती है। बता दें कि ये सब कुंडली में दोष के चलते या फिर घर का वास्तु ठीक नहीं होने के चलते होता है या फिर में किसी नेगेटिव एनर्जी का साया हो।
नेगेटिव एनर्जी के मुख्य प्रभाव नेगेटिव एनर्जी से मतलब है कि आपके घर में हंसी खुशी का माहौल हो और अचानक से झगड़ा हो जाए। कहीं घूमने जा रहे हो तो परिवार के लोगों से मन मुटाव हो जाए। बार—बार आपका एक्सीडेंट हो। कोई बीमारी आपके पीछे लग जाए। समाज में आपको मान—सम्मान ना मिले तो समझो आप किसी नेगेटिव एनर्जी से पीड़ित हैं।
🪐 गृह क्लेश को दूर करने के उपाय:—
शनिवार के दिन भोज पत्र या पीपल का पत्ता लेवें और उस पर अपने पति का नाम लिखकर ‘ॐ हं हनुमते नमः’ के मंत्र का 21 बार उच्चारण करके घर के किसी कोने में दबा दें। इसके साथ ही दिनभर हनुमान जी का ध्यान धरे।
घर में पोछा लगाते वक्त पानी में एक चम्मच नमक डाल लें, ताकि आपके घर से सारी नेगेटिव एनर्जी दूर हो जाए। लेकिन गुरुवार और शुक्रवार के दिन ये काम नहीं करना चाहिए।
घर में हमेशा पूर्व की तरफ या फिर दक्षिण की तरफ सिर करके सोना चाहिए। इससे हमारी बॉडी चार्ज हो जाती है।
हनुमान जी की पूजा उपासना करनी चाहिए। अपने घर पर हनुमान जी महाराज का व्रत, पूजन और निष्ठा अनुसार प्रसाद वितरण करना बहुत लाभकारी माना जाता है। इसके लिए पंडित से सलाह ले सकते हैं।
घर की दहलीज के अंदर जूते—चप्पल नहीं लाने चाहिए। कभी खाना बिस्तर पर बैठकर नहीं खाना चाहिए। ये उपाय करने से कुछ हद तक आपके घर का गृह क्लेश दूर हो सकता है।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।


