कृषि

धान की नई किस्म तैयार, प्रति एकड़ 55 क्विंटल तक उत्पादन

जेआर- 206 नई किस्म हुई रिलीज, 5 से 10 क्विंटल तक अधिक पैदावार, नकतरा कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने किया तैयार
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। कृषि वैज्ञानिकों की ओर से धान की अधिक पैदावार और गुणवत्ता को लेकर लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ स्वप्निल दुबे की मौजूदगी में कृषि वैज्ञानिकों ने धान की दो नई किस्मों को तैयार किया है। ये अधिक पैदावार बढ़ाने में कारगार तो होंगी ही उच्च गुणवत्ता के साथ ही रोगरोधी भी होंगी। कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा ने जेआर- 206 नई किस्म को रिलीज किया है। यह धान 115 से 120 दिन में पककर तैयार होगी, यानि करीब 15 दिन पहले तैयार हो जाएगी। वहीं उत्पादन में प्रति हेक्टेयर 5 से 10 क्विंटल तक बढ़ोत्तरी होगी। जिससे किसानों को फायदा होगा। विदित हो कि प्रदेश में धान का रकबा लगातार बढ़ रहा है। धान की खेती का क्षेत्र बढ़कर 95 लाख हेक्टेयर तक पहंच गया है।
ये किस्में भी तैयार- कृषि वैज्ञानिकों ने जेआर- 206 के अलावा धान की अन्य किस्मों को भी पूर्व में तैयार किया है। इन किस्मों में आईआर-64, जेआर-81, जेआरबी-1, पीएस-4, क्रांति आदि शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ.स्वप्निल दुबे कहते हैं कि इन किस्मों की खासियत है कि यह प्रदेश के मौसम और वातावरण के अनुकूल हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है जिससे किसानों को उपज अच्छी होगी।
5 हजार क्विंटल बीज तैयार- वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ दुबे ने बताया कि इस बार करीब 5000 क्विंटल प्रजनक बीज तैयार किए हैं। बीज निगम की मांग के आधार पर केंद्र नकतरा ने इन्हें तैयार किया है। इन बीजों को शासकीय एजेंसियों को उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा प्रगतिशील किसानों को भी बीज दिए गए हैं।
डॉ.स्वप्निल दुबे वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक नकतरा बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से धान की नई किस्मों पर लगातार काम किया जा रहा है। तैयार की गई नई किस्म उत्पादन बढ़ाने के साथ ही रोगों से लड़ने में भी सक्षम है।

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