नाग पंचमी पर इस बार बेहद खास संयोग, चौरसिया दिवस पर उमरिया पान में होता है भव्य कार्यकम
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस दिन नाग देवता की विधि विधान से पूजा की जाती है। माना जाता है की नाग देवता की पूजा करने और उन्हें दूध अर्पित करने से जीवन मंगलमय रहता है। इस साल नाग पंचमी 2 अगस्त को मनाई जाने वाली है। नाग पंचमी इस साल और भी ज्यादा खास होगी क्योंकि नाग पंचमी पर एक खास योग बन रहा है। नाग पंचमी पर शुभ मुहूर्त में पूजा करना बहुत लाभ देता है। साथ इस साल नाग पंचमी के दिन मंगला गौरी का व्रत भी रखा जाएगा और दो शुभ योग भी बनेंगे। 2 अगस्त को नाग पंचमी पर शिव योग और सिद्धि योग भी बन रहे हैं। इन दोनों ही योग मैं पूजा करने से शिवजी को नाग देवता की विशेष कृपा होगी। साथ ही जातक की सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी। नाग पंचमी की अखाड़ा मैं तैयारियां शुरू कर दी गई है और चौरसिया समाज द्वारा चौरसिया दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस तरह करें पूजा,,,,, पंडित सतीश गर्ग शास्त्री ने बताया कि नाग पंचमी के दिन अष्ट नागों की पूजा करनी चाहिए। इन अष्ट नागों मैं अनंत, वासुकि, पद्ध, महापद्ध, तक्षक, कुलीर, कर्कट, और संख नाग शामिल है। इसके लिए एक चौकी पर नाग देवता की फोटो या मूर्ति को स्थापित करें। इसके बाद नाग देवता को हल्दी, रोली, अक्षत आदि अर्पित करें। उन्हें फूल चढ़ाएं। साथ ही दूध भी अर्पित करें। इसके बाद नाग पंचमी की कथा सुने और आरती करें। इस दिन सपेरों को दान जरूर करना चाहिए। संभव हो तो नाग पंचमी का व्रत करें और शाम को एक समय का भोजन करें। नाग पंचमी के दिन ही मंगला गौरी व्रत 2 अगस्त मंगलवार के दिन नाग पंचमी पड़ रही है सावन के महीने के हर मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति के लिए रखती हैं। सावन के महीने मैं सोमवार की तरह ही मंगलवार को भी बहुत विशेष दिन माना जाता है। ऐसे में इस साल नाग पंचमी के दिन नाग देवता के साक्षथ साथ भगवान शिव और माता पार्वती की भी पूजा की जाएगी। इस दिन नाग देवता और शिव पार्वती की सच्चे मन से पूजा करने से कई शुभ फल प्राप्त होते हैं।



