ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 11 मई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 11 मई 2023

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ माह का कृष्ण पक्ष षष्ठी 11:27 AM तक उसके बाद सप्तमी
✏️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र स्कन्द कुमार है।
💫 नक्षत्र- उत्तराषाढा 02:37 PM तक उसके बाद श्रवण है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। तथा राशि स्वामी गुरु है।
🔊 योग-शुभ योग 03:16 PM तक, उसके बाद शुक्ल योग
प्रथम करण : वणिज – 11:27 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 10:16 पी एम तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (अशुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:26:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:34:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:09 ए एम से 04:51 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:30 ए एम से 05:33 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:26 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:01 पी एम से 07:22 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 07:02 पी एम से 08:05 पी एम
💧 अमृत काल : 08:38 ए एम से 10:08 ए एम 03:20 ए एम, मई 12 से 04:49 ए एम, मई 12
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 12
❄️ रवि योग : 05:33 ए एम से 02:37 पी एम01:06 ए एम, मई 12 से 05:33 ए एम, मई 12
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-मंदिर में आम चढाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – परमाणु परीक्षण दिवस, शक्ति सिन्हा – भूतपूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव जन्म दिवस, मृणालिनी साराभाई जन्म दिवस, अभिनेता सदाशिव अमरापुरकर जन्म दिवस, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🌷 Vastu tips
🌸
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हमेशा फलदार पेड़ ही लगाना चागिए। पेड़ हमे प्राणवायु प्रदान करते है, साथ ही ये अपने आसपास का वातावरण शुद्ध बनाये रखते है। इसलिए घर के आसपास पेड़ों को लगाना चाहिए। वास्तु शास्त्र में फलदार पेड़ बहुत शुभ माने जाते है और घर के आसपास फलदार पेड़ों को लगाने से संतान की प्राप्ति होती है।
पेड़-पौधे मनुष्य के सच्चे दोस्त होते है व इनका आस-पास होना बहुत शुभ माना जाता है| वास्तु शास्त्र में पेड़ों की दिशा के बारे में विस्तार से बताया गया है जिसके अनुसार ऊँचे और घने पेड़ों को दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए और इन्हें घर की दीवार से थोडा दूर लगाना चाहिए, जिससे उन्हें पर्याप्त सूर्य का प्रकाश मिल सके। पहले से उपस्थित पेड़ों को कभी नहीं काटना चाहिए बलकी उनकी देख रेख करनी चाहिये।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ध्यान दें : इन ग्रहों के कारण आपके रिश्तों पर पड़ता है असर
घर की सभी खिडकियों को हर रोज कम से कम 20 मिनट अवश्य खोलना चाहिए।
गाय के देशी घी का दीपक हर रोज घर में जलाना भी घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
घर के मंदिर में देवी देवताओं को चढ़ाए गए फूल के हार दूसरे दिन अवश्य उतार देने चाहिए। पुराने फूल भी नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
धूल-मिट्टी, कबाड़, बिजली के खराब उपकरणों को भी घर से हटा देना चाहिए। ये भी नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
तनावों से बचने के उपाय
शरीर को अति थकाओ मत ।
“मैं थक गया हूँ |” ऐसा सोचकर मन से भी मत थको । मन को तनाव में न डालो । कभी चिंतित न हों, कभी दु:खी न हों । चिंता आये तो चिंतित न हों वरन् विचार करो कि चिंता आयी है तो मन में आयी है । चिंता नहीं थी तब भी कोई था, चिंता है तब भी कोई है और चिंता आयी है तो जायेगी भी क्योंकि जो आता है वह जाता भी है । जो होगा, देखा जायेगा ।
भावनाओं एवं कल्पनाओं में मत उलझो लेकिन ‘हरि ॐ तत् सत् और सब गपशप’ इस मंत्र की गदा से तनाव वाली कल्पनाओं व भावनाओं को मार भगाओ ।
शारीरिक और मानसिक तनाव दूर करने के लिए सुंदर उपाय है- अजपा गायत्री । शरीर को खूब खींचे, फिर ढीला छोड़ दें । मन ही मन चिन्तन करें कि “मैं स्वस्थ हूँ … शरीर की थकान मिट रही है…” इस प्रकार शारीरिक आराम लेकर फिर श्वासोच्छ्वास की गिनती करें । इससे शारीरिक एवं मानसिक तनाव मिटेंगे ।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
मनुष्य जीवन पद, परिवार, विद्या और धर्म के इर्द गिर्द घूमता है. इन्हें सुरक्षित रखने के लिए व्यक्ति जी तोड़ मेहनत करता है लेकिन कई बार अथाह प्रयासों के बाद छोटी सी गलती हमारे परिवार और भविष्य को अंधकार में डाल देती है. इसलिए हमने इन चारों चीजों को संयोए रखने का अचूक तरीका बताया गया है. हमने एक श्लोक के जरिए बताया है कि अगर जीवन को आर्थिक, मानसिक तौर पर सुरक्षित रखना है तो किन चीजों का पालन करना चाहिए.
वित्तेन रक्ष्यते धर्मो विद्या योगेन रक्ष्यते।
मृदुना रक्ष्यते भूपः सत्स्त्रिया रक्ष्यते गृहम्॥
अर्थ – आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार धर्म की रक्षा धर्म की रक्षा धन से की जाती है, योग से विद्या को सुरक्षित और अपनाया जा सकता है, कोमलता से राजा, शासन-प्रशासन बेहतर रहता है और घर-परिवार की रक्षा स्त्री सही ढंग से करती है.
विद्या की सुरक्षा ही सफलता का राज है इसलिए कहते हैं कि विद्या तभी आपको फलेगी जब इसका निरंतर प्रयास किया जाए. भविष्य को सुरक्षित करना है तो विद्या का योग यानी प्रयास बेहद जरुरी है. विद्या न सिर्फ हमें अंधकार से दूर ले जाती है बल्कि ये सुनहरे भविष्य का अहम पड़ाव है जिसे पार करने के बाद ही धन-सुख मिल सकता है. जो लोग विद्या का निरंतर प्रयास करते हैं वह कभी दुख की घड़ी में घबराते नहीं क्योंकि ये ऐसा धन है जो आपको हर मुसीबत से बाहर निकाल सकता है.
इसे सुरक्षित रखना बेहद जरुरी है हमने बताया है कि सत्ता पर बैठेना है या फिर लीडरशिप को कायम रखना है तो अपने से नीचे लोगों के साथ विनम्रता से व्यवहार करें. अपने रुतबे का अहंकार न करें क्योंकि शासन-प्रशासन और राजा को अपनी सत्ता पर काबिज रहने के लिए कोमलता और मधुरता व्यवहार में होना चाहिए.
धन और धर्म की रक्षा से संवरेगा भविष्य धन से धर्म की रक्षा होती है. कहते हैं धन के बिना धर्म का कोई कारय नहीं हो सकता है. धर्म ही इस संसार में सब कुछ है, सार है, इसलिए धर्म की रक्षा करनी चाहिए. वहीं धन की रक्षा के लिए अपनी कमाई को खर्च करना जरुरी है. खर्च से अर्थ है दान-धर्म के कामों में खर्चा, इनवेस्टमेंट ताकि भविष्य संवर सके. जिस तरह धर्म के काम में धन का उपयोग करने पर कभी न खत्म होने वाला सुख मिलता है उसी प्रकार मुश्किल समय के लिए धन की बचत इनवेस्टमेंट के तौर पर की जाती है ताकि बुरे वक्त में किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े.
घर को सुरक्षित रखने के लिए ये है जरुरी कहते हैं कि एक स्त्री न सिर्फ घर बल्कि पूरे परिवार की रीढ़ होती है. एक अच्छी स्त्री अपने घर को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करती है. एक संस्कारवान और गुणों से परिपूर्ण स्त्री के घर में होने से परिवार न सिर्फ फलता फूलता है बल्कि पीढ़ियों को उद्धार हो जाता है
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⚜️ यदि आपके उपर मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजनकरें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति केलिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा परबाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमनेका कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायेंमनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होताहै और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

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