कृषि

पैमत सोसाइटी ने घटिया मूंग की खरीदी कर वेयरहाउस की गोदाम में किया स्टॉक

अमानक स्तर की तो आधी अच्छी क्वालिटी की समर्थन मूल्य पर की खरीदी की मूंग उपज की,
सोसाइटी प्रबंधक मालामाल किसानों ने मजबूरी में गल्ला मंडी में बेची औने पौने दामों में मूंग फसल
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
रायसेन जिले में शासन के आदेश पर सोसायटीओं में समर्थन मूल्य पर मूंग फसल खरीदी की गई। मूंग खरीदी में सोसाइटी प्रबंधकों द्वारा भारी गड़बड़झाला किया गया और अमानक स्तर की मूंग खरीदी की गई है। इतना ही नहीं वेयरहाउस मालिकों को फायदा दिलाने के लिए आधी मूंग क्वालिटी की तो आधी मूंग अमानक घटिया किस्म की खरीद कर स्टॉक किया गया है। ऐसा ही गड़बड़झाला का मामला रायसेन जिले की पैमत सोसाइटी में भी सामने आया है ।अधिकांश किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि पैमत सोसाइटी के प्रबंधक कैलाश गौर द्वारा घटिया स्तर की मूंग खरीद कर एसआर वेयरहाउस रतनपुर में स्टॉक कर लिया गया है ।बदले में एसआर वेयरहाउस मालिक से भी मोटी कमीशन के वसूले जानकारी भरोसेमंद सूत्रों से मिली है। समिति प्रबंधक पैमत कैलाश गौर पर जिला विपणन संघ के अधिकारीकी भी बड़ी मेहरबानी है । जिम्मेदार अधिकारी और सोसाइटी प्रबंधक गौर ने मिल जुलकर किसानों से मोटा कमीशन लेकर उनकी उपज को खरीद लिया गया। बताया जाता है कि इसमें क्वालिटी की मूंग है और बाकी दागदार कंकड़ मिट्टी पत्थर की मूंग की खरीदी के गोदामों में स्टाक कर लिया गया है ।
जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र यादव, किसान भैरो सिंह, शिवनारायण सिंह, रसीद खान, रतनलाल आदिवासी, श्याम सिंह गौर आदि ने बताया कि यह कंप्यूटर ऑपरेटर रवि गौर द्वारा समिति प्रबंधक के इशारे पर जमकर मूंग खरीद में घोटाला किया गया है। किसानों ने समर्थन मूल्य पर की गई सोसाइटी की मूंग खरीदी की जांच की मांग कलेक्टर अरविंद दुबे, स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, सहकारिता एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ अरविंद भादौरिया से की गई है । उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों ने समय रहते जांच नहीं की तो हम पेमत रतनपुर रोड पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे । इधर सोसाइटी प्रबंधक कैलाश गौर का कहना है कि हमने एसआर वेयरहाउस रतनपुर पर सिर्फ 3 हजार मूंग क्वालिटी की खरीदी की गई है । कुछ मूंग बारिश के कारण दागदार होने की वजह से खरीदी की गई है । इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है। मेरे ऊपर किसानों ने जो आरोप लगाए हैं वह सरासर गलत है।उधर उधर किसानों का कहना है कि मूंग खरीदी में एफएक्यू मानक का गंभीरता से ध्यान नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में किसानों ने कम दामों में मूंग फसल मंडी में बेच दी है ।जिससे उनको भारी नुकसान हुआ है। मूंग खरीदी में भारी लेन देन समर्थन मूल्य पर मूंग की उपज खरीदी में भारी लेनदेन की शिकायतें भी सामने आई हैं । लेकिन जिला विपणन संघ के अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं । वह मूंग खरीदी जांच का सिर्फ कोरा आश्वासन दे रहे हैं ।
बहरहाल अब देखना यह है कि जिला विपणन संघ के जांच अधिकारी नीरज भार्गव द्वारा पैमत सोसाइटी में की गई मूंग खरीदी की जांच कराई जाएगी या फिर ठंडे बस्ते में मामले को रख दिया जाएगा। पैमत सोसाइटी प्रबन्धक पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। या उसे एक बार फिर घोटालेबाज पैमत सोसाइटी प्रबन्धक को सजा की बजाय अभयदान…. मिलेगा।
इस संबंध में जिला विपणन संघ के डीएम नीरज भार्गव का कहना है कि अगर पैमत सोसाइटी द्वारा रतनपुर के एक वेयरहाउस में घटिया मूंग की खरीदी हुई है।तो मामले की बारीकी से जांच पड़ताल करवाकर दोषियों पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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