ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 29 सितम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 29 सितम्बर 2023

29 सितम्बर 2023 दिन शुक्रवार को भादपद मास के शुक्ल पक्ष की पुर्णिमा तिथि है। आज स्नान-दानादि की पुर्णिमा है। आज से महालयारम्भ हो जाता है। आज नांदी मातामह श्राद्ध किया जाएगा। जिसे प्रौष्ठपदि श्राद्ध भी कहा जाता है। यह सब लोकपाल पूजन के बाद किया जाएगा। आप सभी सनातनियों को पूर्णिमा की एवं श्राद्ध पक्ष के आरंभ की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 03:27 PM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि का स्वामी – पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र देव जी और प्रतिपदा तिथि के अग्नि देव जी है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 11:18 PM तक उपरांत रेवती
🪐 नक्षत्र स्वामी : उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं। तथा स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति देव हैं।
🔊 योग : वृद्धि योग 08:03 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग
प्रथम करण : बव – 03:26 पी एम तक
द्वितीय करण : बालव – 01:51 ए एम, सितम्बर 30 तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:03:00
🌅 सूर्यास्तः- सायः 05:57:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:36 ए एम से 05:25 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:01 ए एम से 06:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:47 ए एम से 12:35 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:11 पी एम से 02:59 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:10 पी एम से 06:34 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:10 पी एम से 07:22 पी एम
💧 अमृत काल : 07:00 पी एम से 08:26 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:47 पी एम से 12:36 ए एम, सितम्बर 30
सर्वार्थ सिद्धि योग : 11:18 पी एम से 06:13 ए एम, सितम्बर 30
🌊 अमृत सिद्धि योग : 11:18 पी एम से 06:13 ए एम, सितम्बर 30
🚕 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-पवित्र नदी में स्नान कर पितृ तर्पण करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/अमृत योग/स्नान दान पूर्णिमा/महालय/पितृ तर्पण (श्राद्ध पक्ष) प्रारंभ/पूर्णिमा श्राद्ध/प्रतिपदा श्राद्ध, प्रौष्ठपदी पूर्णिमा, संन्यासी ननो का चातुर्मास समाप्ति, भागवत सप्ताहरंभ, निर्माता-निर्देशक महमूद जन्म दिवस, पम्पकिन (कद्दू) दिवस, विश्व हृदय दिवस, खाद्य हानि और अपशिष्ट के बारे में जागरूकता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, फिजिसिस्‍ट एनरिको फर्नी जन्‍म दिवस, न्यायाधीश एस. एच. कपाड़िया जन्म दिवस, महिला क्रांतिकारी मातंगिनी हज़ारा पुण्य तिथि, पंचक जारी
✍🏼 विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
🗼 _Vastu tips
🗽
मिट्टी के गमलों और शोपीस हम सभी के घरों में होता है। कुछ लोगों को तो इसका इतना शौक होता है आप उनके घरों में इन चीजों को भर-भरकर देखेंगे। अब जैसा कि हम जानते हैं हर चीज को रखनी की अपनी एक सही दिशा होती है। ऐसे में इस बात का बहुत फर्क पड़ता है कि आप मिट्टी से बनी चीजों को कहां और किस दिशा में रख रहे हैं। वास्तु शास्त्र में आज हम आपको मिट्टी से बनी अन्य चीजों को रखने की सही दिशा के बारे में आचार्य श्री गोपी राम से जानेंगे। साथ ही उन चीजों पर भी बात करेंगे कि उचित दिशा में इन चीजों को रखना क्यों जरूरी है।
मिट्टी की चीजें किस दिशा में रखें वास्तु शास्त्र के अनुसार हर चीज को रखने के लिये एक उचित दिशा निर्धारित की गई है, जिससे उस दिशा को तो लाभ मिलता ही है। साथ ही उस घर, कार्यालय या अन्य जगह पर स्थित व्यक्ति को भी बहुत लाभ मिलता है। ऐसे ही मिट्टी की चीज़ों को रखने के लिये भी उचित दिशा का वर्णन किया गया है । वास्तु शास्त्र के अनुसार मिट्टी से बनी चीज़ों जैसे मिट्टी का कोई शो-पीस या मिट्टी के गमले या कोई अन्य चीज़ रखने के लिये सबसे उचित दिशा ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा को बताया गया है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सर्वलाभ की कुंजी
कैसा भी बीमार व्यक्ति हो, उसको हरिनाम की, ‘हरि ॐ’ की साधना दे दो, चंगा होने लगेगा | बिल्कुल पक्की बात है !
आपको स्वस्थ रहना है तो भी भगवान का नाम, प्रसन्न तथा निरहंकारी रहना है तो भगवान का नाम, उद्योगी एवं साहसी होना है तो भगवान का नाम और पूर्वजों का मंगल करना है तो भी भगवान का नाम….
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज-COPD क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के दौरान हमारे फेफड़ों के वायुमार्ग सिकुड़ जाते हैं, जिस वजह से सांस लेने में परेशानी आती है। सुबह की हवा या वातावरण में प्रदूषण के कुछ कण इसे ट्रिगर कर सकते हैं। ऐसे में कार्बन डाई ऑक्साइड बाहर नहीं निकल पाती और शरीर के अंदर ही रह जाती है। इसमें फेफड़ों के लिए गैस का आदान-प्रदान करना और ऑक्सीजन लेना कठिन हो जाता है और व्यक्ति ज्यादा खांसता है। सीने में घरघराट और सांस लेने में कठिनाई महसूस करता है।
अस्थमा में सुबह-सुबह वातावरण में उपस्थित पॉलेन (Pollen), वायु प्रदूषण या कुछ मौसम की स्थितियां इसे ट्रिगर करती हैं। इससे एलर्जी होती है और व्यक्ति तेजी से खांसने लगता है। बता दें कि अस्थमा के कारण वायुमार्ग में पुरानी सूजन और जलन होती है और सुबह-सुबह ये आसानी से ट्रिगर हो सकती है। इससे वायुमार्ग सिकुड़ जाता है और व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होती है और व्यक्ति खांसने लगता है।
ब्रोंकाइटिस-ब्रोंकाइटिस ब्रोन्कियल नलियों में सूजन की वजह से होता है, जो फेफड़ों तक हवा की यात्रा में मदद करती है। कभी-कभी, जब आप सुबह उठते हैं तो कुछ बैक्टीरिया या वायरस इस सूजन को ट्रिगर कर देते हैं। ऐसे में सीने में जकड़न की वजह से व्यक्ति खांसता है। हालांकि, गंभीर होने पर ये सूखी खांसी बलगम वाली खांसी के रूप में बदल सकती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कामयाब व्यक्ति के लक्षण: कामयाबी सुनने और देखने में जितनी आसान लगती है असल में वो इतनी ही मुश्किल है। दरअसल, कोई भी व्यक्ति एक दिन में कामयाब नहीं होता बल्कि वो लगातार छोटी-छोटी चीजों को करने में लगा रहता है जिससे वो एक दिन कामयाब हो जाता है। अगर इन गुणों की बात करें तो ये हर कामयाब व्यक्ति में आपको एक से ही मिल जाएंगे। इसे आप उनकी आदत समझ सकते हैं जो कि उन्हें भीड़ से अलग करती है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनने में मदद करती है। तो, जानते हैं हर कामयाब व्यक्ति में कौन सी बातें कॉमन हैं।
हर कामयाब व्यक्ति में कॉमन होती हैं ये 5 बातें-बड़े मौकों का इंतजार नहीं करते आपने सुना होगा कि कुछ लोग हमेशा कहते रहते हैं कि अरे हमारे पास ये होता, तो ये कर डालते। हमें बड़े मौके ही नहीं मिले और इस बीच अपने छोटे-छोटे मौकों को भी गवा देते हैं। दरअसल, बड़े मौकों का इंतजार करने वाला व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता है। सफल वो है जिसमे छोटे-छोटे मौकों पर काम किया और उसे बड़ा बना दिया।
दूसरों का इंतजार नहीं करते हर कामयाब व्यक्ति दूसरों के आने का इंतजार नहीं करते। न ही वो किसी भी काम के लिए दूसरों की तरफ मुड़कर देखते हैं। वो खुद आगे बढ़ते हैं और अपने बल पर सारी चीजें करने की कोशिश करते हैं। इसलिए, आपने देखा होगा कि कामयाब व्यक्ति आगे बढ़ता है और खुद काम की जिम्मेदारी लेता है और लीड करता है। वो ऑर्डर का इंतजार नहीं करता।
अकेले चलना जानते हैं अगर आप कामयाब होना चाहते हैं तो अकेले चलना आपको आना चाहिए। आपको अकेले चलने में डर महसूस नहीं होना चाहिए। दरअसल, अकेले चलना मुश्किल जरूर है लेकिन अगर आप एक बार चल पड़े तो, राह अपने आप नजर आएगी और आप अपना रास्ता खुद बना लेंगे।
समय और काम के पक्के होते हैं हर कामयाब व्यक्ति में ये दो चीजें हमेशा कॉमन रहती है। पहला समय का पाबंद और दूसरा अपने काम का पक्का होना। आप कुछ भी कर रहे हैं और छोटी से छोटी जगह पर क्यों न हो ये बातें आपको दूसरों से अलग कर देती हैं। तो, अगर आप भी कामयाब होना चाहते हैं तो इन दोनों चीजों को पूरी तरह से फॉलो करें।
निराशा में भी आशा खोज लेते हैं कामयाब व्यक्ति निराशा के दौर में भी आशावान रहता है। वो एक पल को दुखी होता है पर हर पल इस दुख में नहीं जीता। ऐसे लोग निराशा में भी आशा खोज लेते हैं और हमेशा आगे बढ़ते रहते हैं। तो, अपने अंदर इन बातों को शामिल करें और हमेशा अपनी कोशिशों को जारी रखें।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म पूर्णिमा तिथि को होता है, वह व्यक्ति पूर्ण चन्द्र की तरह आकर्षक और मोहक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। इनकी बुद्धि उच्च स्तर की होती है। ऐसे जातक अच्छे खान पान के शौकीन होते हैं तथा ये सदा ही अपने कर्म में जुटे रहते हैं। ऐसे लोग अत्यधिक परिश्रमी होते हैं और इसी वजह से धनवान भी होते हैं। परन्तु इनमें एक बहुत बड़ी कमी ये होती है, कि ये सदैव परायी स्त्रियों पर मोहित रहते हैं।

Related Articles

Back to top button