बेटे के अपहरण की रिपोर्ट लिखवाने पिता को बैठना पड़ा अनशन
रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा । बेटे के अपहरण की बात नहीं मान रही थी पुलिस, पिता खोज लाया सीसीटीवी फुटेज ।
दरसल मामला दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र का है। बीते एक सप्ताह पहले नगर के खेल मैदान से एक नाबालिग को दो नकाबपोश अपने साथ बाइक पर ले गए थे और मुक्तिधाम में जाकर मारपीट की और छोड़ कर चले गए । पिता ने बताया कि पुलिस ने घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे देखे और कह दिया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई जवकि पिता ने बारीकी से सीसीटीवी कैमरे देखा और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दो नकाबपोश बेटी राहुल को बीच मे बैठाकर ले जाते दिख रहे बावजूद इसके पुलिस बिना जांच किए अपहरण जैसी गंभीर घटना को मानने को तैयार नहीं थी । पिता ने इस पूरे मामले पर कार्यवाही की गुहार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर की इसके बाद भी स्थानीय पुलिस के द्वारा अपहरण मारपीट एफआईआर दर्ज नहीं की और 1 सप्ताह से पिता थाने के चक्कर लगाता रहा और आज शनिवार को पिता थाने के सामने एफआरआई की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गया । जिसके समर्थन में भगवती मानव कल्याण संगठन, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी सहित स्थानीय लोग शामिल होते देख पुलिस हरकत में आई और थाना प्रभारी बीएल चौधरी अनशन स्थल पर पहुंचे और पिता को तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन देकर अनशन खत्म करवा दिया गया । जिसके बाद भगवती मानव कल्याण संगठन भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पिता के साथ पहुंचकर तेंदूखेड़ा एसडीएम अविनाश रावत को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच करते हुए अपहरण के आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग की वहीँ दूसरा ज्ञापन एसडीओपी तेंदूखेड़ा को देते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों पर एफआईआर करते हुए गिरफ्तारी की मांग की है ।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है की अपहरण मारपीट के शिकार 16 वर्षीय नाबालिग रिपोर्टिंग का काम करते हैं और हाल में ही एलएनटी पाइप चोरी शराब माफिया के खिलाफ रिपोर्टिंग की गई थी जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है खुन्नस खाए अपराधिक तत्व के द्वारा अज्ञात दो नकाबपोश के द्वारा बेटे का अपहरण करवा कर मारपीट करते हुए पत्रकारिता छोड़ने की धमकी देते हुए जान से मारने की धमकी दी है और डर दहशत का माहौल तैयार किया जा रहा है। जिससे पत्रकार व उसके परिजनों की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया और पुलिस पत्रकार की सुरक्षा देने की वजह अपहरण जैसे संगीन अपराध पर कार्यवाही तक करने आनाकानी कर रही है अब ऐसे में सवाल उठता है जब अपराधिक तत्वों से पत्रकार व उसके बच्चे सुरक्षित नही है तो फिर आमजन की सुरक्षा के प्रति जवाब देह निष्क्रिय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है।




