ब्रज की गोपियों के साथ महारास, श्री कृष्ण का विवाह का हुआ चित्रण

सिलवानी । मां बिजासन मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा के षष्टम दिवस कथा व्यास अभिषेक शास्त्री ने बताया है कि भगवान ब्रज में किस तरह अपनी लीलाएं कर रहे हैं सभी सखाओं के लिए बैकुंठ के दर्शन कराएं भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज की गोपियों के साथ महारास रचाया उस महारास में भगवान भोलेनाथ स्वयं गोपी का रूप बनाकर गए महारास में शामिल हुए । आगे चलकर के भगवान श्री कृष्ण ने कंस का उद्धार किया अपने माता पिता को बंधन से मुक्त किया। महाराज उग्रसेन को पुनः राजा बनाया गया इसके बाद में भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन जाते हैं उज्जैन में जाकर के भगवान ने 64 प्रकार के विद्याओं का अध्ययन किया भगवान श्री कृष्ण ने जरासंध से युद्ध किया। कथा व्यास अभिषेक शास्त्री ने बताया भगवान श्री कृष्ण ने रुक्मणी मैया का हरण किया द्वारकापुरी में आए, द्वारकापुरी में दो दल बनाए गए एक वर पक्ष और वधू पक्ष इसके बाद में भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी जी का विवाह किया गया। सभी भक्तजनों ने बहुत धूमधाम से भगवान श्री कृष्ण का विवाह मनाया गया।


