भवावेश में किए अपराध का पश्चाताप जीवन भर होता है : न्यायाधीश वर्मा
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । तहसील विधिक सेवा समिति अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायधीश राजकुमार वर्मा ने उप जेल में निरुद्ध बंदियों के राजीनामा, विड्रावल व प्ली- बारगेनिंग योग्य प्रकरणों के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए कहाकि बंदियों को प्ली- बारगेनिंग व आपसी सहमति से राजीनामा कर लेना चाहिए ताकि आपका जीवन अच्छे से गुजरे। जो भी मतभेद या विवाद हो उन्हें खत्म किया जाना चाहिए । भावावेश या फिर क्षणिक आवेश में किया गया अपराध जीवन भर पश्चाताप कराता है ।
अन्य कानूनी जानकारी के संबंध में विस्तार पूर्वक बताते हुए बंदियों को कहाकि पक्षकार यदि अपने प्रकरण का शीघ्र निराकरण कराना चाहते हैं, तथा प्रकरण को न्यायालय से समाप्त करवाना चाहते हैं तो वे दोनों पक्ष आपसी सहमति से या मध्यस्थता द्वारा राजीनामा कर अपने प्रकरण को शीघ्र समाप्त अथवा निराकृत करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त पक्षकार चाहे तो आपस में बातचीत कर आपसी सहमति से प्रकरण का विड्रावल कराकर भी अपने प्रकरण को न्यायालय से समाप्त करवा सकते हैं।
शिविर में प्रथम श्रेणी व्यवहार न्यायाधीश मो. असलम देहलवीं द्वारा बंदी जनों को मजिस्ट्रेट न्यायालय में अधिवक्ता योजना के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई साथ ही समस्त बंदीजनों से उनके अधिवक्ता है या नहीं इस संबंध में जानकारी ली गई ।
शिविर उपरांत उपजेल परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार वर्मा, व्यवहार न्यायाधीश प्रथम श्रेणी मो. असलम देहलवी एवं उप जेल अधीक्षक कमलकिशोर कोरी, जेल एवं न्यायालय स्टॉफ तथा तहसील विधिक सेवा समिति स्टॉफ द्वारा क्रमश नीम, आंवला, नींबू, कबीट, आम आदि विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।



