मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन

सिलवानी । बुधवार को मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सिलवानी विधायक रामपाल सिंह राजपूत के विधायक प्रतिनिधि विभोर नायक को 21 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा ।
ज्ञापन में इन मांगो का उल्लेख किया गया है जिनमे प्रमुख रूप से 1. म.प्र. यस विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को निम्नलिखित राजस्व / पुलिस के समानतनमान एवं 13 माह का वेतन प्रदान किया जाये। 2. धनकर्मचारियों को सशस्त्र बल घोषित करने हेतु आई.पी.सी. एवं सी.आर.पी.सी. में संशोधन कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान किये जायें। 3. नरक से लेकर अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक स्तर तक के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को वर्दी अनिवार्य की जाये तथा अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 45 की उन्मुक्ति प्रदान की जाए। 4. समस्त वनरक्षकों को नियुक्ति दिनांक से ग्रेड-पे 1900/5680 का लाभ दिया जाये एवं जिन्हें लाभ प्राप्त हो गया है उनकी वसूली पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार वसूली पर रोक लगाई जाये। 5. स्थाईकर्मी, वनरक्षक एवं वन क्षेत्रपाल के संशोधित नर्ती नियम को स्वीकृति प्रदान कर लागू करवाया जाये। 6. स्थाईकर्मी को चतुर्थ श्रेणी में म.प्र. शासन के आदेशानुसार समायोजित कर सातवां वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति एवं वर्दी प्रदान की जाये। 7. वन अधिकार अधिनियम 2005 के शेष बचे आवेदनों को समाप्त कर वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण राजनितिक संरक्षण / भू-माफिया / नक्शलाईट से संरक्षण प्रदान किया जाये। 8. वनकर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर 5000/- रूपये वर्दी भत्ता प्रदान किया जावे। 9. वनकर्मचारियों को 13 माह का वेतन, पोष्टिक भत्ता, नक्सलाईट क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियों को नक्सलाईट भत्ता एवं टाईगर रिजर्व की बीटों में दो वनरक्षकों की पदस्थिति की जावे। 10. राष्ट्रीय उद्यान, टाईगर रिजर्व एवं अभ्यारण्य में कार्यरत कर्मचारियों को केन्द्र शासन के निर्देशानुसार देय राशि एवं अन्य सुविधाओं का भुगतान किया जाये एवं ‘सुरक्षा श्रमिकों को जो पांच वर्ष पूर्ण कर चुके है। उन्हें दैनिक वेतन भोगी मानवार न्यूनतम भुगतान राशि कलेक्टर दर अनुसार प्रदान किया जाय। 11. वर्ष 2005 के पश्चात नियुक्त कर्मचारियों को भी पूर्व की भांति पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाने । 12. वनविभाग के कर्मचारियों की सेवा को तकनीकी सेवा घोषित की जाये एवं कर्मचारियों को विश्राम का समय प्रदान किया जाकर 12 घंटे की ड्यूटी तय की जावे । 13. वन सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियों को वन शहीद का दर्जा दिया जाए एवं शहीद के समान शहीद परिवार के सदस्यों को 1 करोड़ की राशि एवं अन्य सुविधायें प्रदान की जावे । 14. वन अपराध के दौरान हुई वन हानि की वसूली वनकर्मचारियों से बंद की जाये, एवं डिपो में परिवहन की गई वनोपज का परिवहन एक माह में मिलान किया जाए एवं वनोपज की कमी को अमान्य किया जाये। 15. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं ग.प्र. शासन वनविभाग के पालन में दिनांक 12 मई 2016 के पूर्व संपादित डी.पी.सी. के पदोन्नति आदेश की पालना कराई जाये । 16. वन विभाग में कार्यरत समस्त वर्ग के लिपिकों एवं निज सहायक एवं वरिष्ठ निज सहायक का वेतनमान मंत्रालय में कार्यरत लिपिकों के समान किया जाये। 17. वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की पदोन्नति पुलिस राजस्व के समान या उच्च पद के प्रभार दिये जाने के आदेश जारी किये जाये। 18. 5 वर्ष से पूर्व नियुक्त वन विभाग में कार्यरत कम्प्युटर आपरेटर को संविदा नियुक्ति दी जाए एवं मुख्यालय के समान प्रदेश के समस्त कंप्युटर ऑपरेटर को समान वेतन प्रदान किया जावे। 19. तेंदुपत्ता प्रबंधकों को नियमित किया जाकर न्यूनतम मानदेय 20000/- रू. + TA+DA+ स्टेशनरी प्रतिमाह प्रदान किया जावे। 20. वन विभाग में मानचित्रकारों को छत्तीसगढ़ राज्य की भांति पदनाम परिवर्तित करते हुए नवीन मानचित्रकार का ग्रेड पे पूर्व ग्रेड पे 3200 के अनुसार संशोधन एवं मानचित्रकार के पद में एक एस.डी.ओ. कोटे से पदोन्नति दी जावे । 21. वनरक्षक को बीट परिसर में एवं अन्य शासकीय कार्यों में आने-जाने हेतु फिक्स TA निर्धारित किया जाकर भुगतान किया जाये।
इस अवसर पर मेहबूब उल्ला, दीनानाथ श्रीवास्तव, हरनारायण सिंह, कमलेश तिवारी, मनोज साहू, दीपक कौरव, पुष्पेंद्र शर्मा, ऋषि गुप्ता, परसोत्तम रजक, जोखना बसूनिया, मदन मोहन शुक्ला, अशोक यादव, तखत सिंह, मोहम्मद शोएब, आनंद चौरसिया सहित बड़ी संख्या में वन कर्मचारी उपस्थित थे।

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