रीवा, भाेपाल में बौछारें पड़ने के आसार, मानसून वापसी के भी मिलने लगे संकेत

भाेपाल । राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान पर बना कम दबाव का क्षेत्र समाप्त हाे गया है। मानसून ट्रफ भी हिमालय में पहुंच गया है। उधर दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात भी कमजाेर पड़ गया है। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक वातावरण में काफी नमी मौजूद है। जिसके चलते रविवार काे भाेपाल, रीवा, शहडाेल, जबलपुर संभागाें के जिलाें में कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। उधर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षाेभ के आने एवं सुबह के समय ओंस गिरने का सिलसिला शुरू हाेने से मानसून की भी संकेत मिलने लगे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार काे सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक नरसिंहपुर में आठ, भाेपाल शहर में 7.3, उमरिया में सात, नौगांव में दाे, सिवनी में एक, मलाजखंड में एक, छिंदवाड़ा में 0.6, नर्मदापुरम में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। इस सीजन में मध्य प्रदेश में शनिवार काे सुबह साढ़े आठ बजे तक 927.9 मिमी. वर्षा हाे चुकी है। जाे सामान्य वर्षा (742.3 मिमी.) की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। हालांकि अभी भी पांच जिलाें सीधी, रीवा, दतिया, झाबुआ एवं आलीराजपुर में सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि वर्तमान में काेई भी प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मानसून ट्रफ भी हिमालय में पहुंच गया है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात भी कमजाेर पड़ गया है। इस वजह से प्रदेश में कहीं भी अब भारी वर्षा हाेने की संभावना नहीं है। वातावरण में मौजूद नमी के कारण तापमान बढ़ने के कारण कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं। अफगानिस्तान और उसके आसपास एक पश्चिमी विक्षाेभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। सुबह के समय अब ओंस भी गिरने लगी है। इससे मानसून की वापसी के संकेत भी मिलने लगे हैं।



