मध्य प्रदेश

गौरझामर में शासकीय महाविद्यालय अविलंब खोलने की पुरजोर मांग, अभाव में भटक रहे छात्र छात्राएं

रिपोर्टर : कुन्दन लाल चौरसिया
गौरझामर । लंबे अरसे से गौरझामर में शासकीय महाविद्यालय खोलने की पुरजोर मांग छात्र-छात्राओं अभिभावकों नागरिकों जनप्रतिनिधियों बुद्धिजीवियों द्वारा की जा रही है लेकिन शासन की पक्षपात नीति के चलते गौरझामर में महाविद्यालय खोलने की कवायद ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।
बता दें कि गौरझामर में महाविद्यालय खोलने की आवश्यकता क्यों पड़ी यहां मध्यप्रदेश शासन द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक विद्यालय एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय संचालित है इसके अलावा अन्य निजी विद्यालयों में हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा प्रदान की जा रही है शासकीय तथा अशासकीय विद्यालयों से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद करीब 300 छात्र-छात्राएं महाविद्यालयीन शिक्षा के लिए लालायित रहते हैं लेकिन इन छात्र-छात्राओं में सिर्फ वही छात्र-छात्राएं अग्रिम शिक्षा पाने में सफल रहते हैं जिनकी अपनी निजी सुविधाएं व पारिवारिक आर्थिक स्थिति सुदृढ़ रहती है गौरझामर क्षेत्र काफी बड़ा व पिछड़ा हुआ कृषि प्रधान क्षेत्र है जहां लोगों को आर्थिक क्षेत्र में कृषि पर ही निर्भर रहना पड़ता है फिर चाहे वह कृषक हो अथवा खेतिहर मजदूर , निर्धन व अभावग्रस्त व्यक्ति अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के मंसूबे तो रखता है लेकिन स्थानीय सुविधाओं के अभाव में वह बच्चों को अग्रिम शिक्षा दिलाने में वंचित रह जाता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब अपने भांजे भांजी यों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं तब गौरझामर के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है बता दें कि विगत चार दशकों से कालेज की मांग यहां पुरजोर रूप से उठाई जा रही है लेकिन यह अति महत्वपूर्ण मांग ठंडे बस्ते में कैसे पड़ी हुई है शासन छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए गौरझामर में अविलंब शासकीय महाविद्यालय खोलें जिससे उच्च शिक्षा हेतु यहां-वहां भटक रहे छात्र-छात्राओं को गौरझामर में कालेज स्तर की शिक्षा प्राप्त हो सके विदित हो कि पूर्व में गौर झामर ने कॉलेज की मांग को लेकर नागरिक मोर्चा जन संघर्ष समिति गौरझामर के तत्वावधान में स्वर्गीय श्री विनोद पांडे पंकज एवं कुंदनलाल चौरसिया द्वारा चलाए गए व्यापक जनांदोलन जिसमें चक्काजाम नगर बंद एवं जुलूस निकालकर शासन के नाम ज्ञापन दिए गए तब शासन द्वारा जो आश्वासन दिए गए थे वह आज तक पूरे नहीं किए गए बच्चों के भविष्य को देखते हुए गौरझामर में शासकीय महाविद्यालय खोला जाना नितांत आवश्यक है शासन इस ओर शीघ्र ध्यान दें।

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