मध्य प्रदेश

आदिवासी सरपंच पन्नी की छांव कर रहने को मजबूर, अपने अधिकारों से वंचित

आदिवासी महिला सरपंच अपने अधिकारों से वंचित, रोजगार सहायक चला रहा ग्राम पंचायत, सरपंच न कभी ग्राम पंचायत गई न जनपद पंचायत और न ही सीईओ साहब को जानतीं
रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़। पलेरा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बारी में लोकतांत्रिक आरक्षण की हवा निकलती नजर आ रही है, यहां कहने सुनने को आदिवासी महिला सरपंच है लेकिन उसे अपने अधिकार ही पता नहीं है सरपंच को दूसरों को आवास दिलाना चाहिए लेकिन सरपंच खुद पन्नी में रहने को मजबूर हैं। आदिवासी महिला सरपंच भुमानीबाई आदिवासी ने जानकारी देते हुए बताया की जब से वो सरपंच बनी है तब से एक बार भी जनपद पंचायत नहीं गई है और न ही कभी ग्राम पंचायत भवन नहीं गई है। पंचायत के किसी भी काम की जानकारी सचिव द्वारा उनको नहीं दी जाती है राशि का आहरण भी रोजगार सहायक और सचिव के द्वारा अपने आप कर लिया जाता है। रोजगार सहायक और सचिव केवल हस्ताक्षर करवा के ले जाते है। आपको बता दे की सरपंच भुमानीबाई आदिवासी की इतनी दयनीय स्थिति है, की जब बेटे मजदूरी करके लाते है तब उनके घर का चूल्हा जलता है और उनके परिवार को खाना नसीब होता है। शासकीय उचित मूल्य की दुकान से 5 किलो गेहूं भी नहीं मिलता है, उन्होंने बताया की जब से सरपंच बनी तब से राशन कार्ड से नाम काट दिया है रोजगार सहायक ब्रजेश यादव परिवार पर धौंस दिखाकर सरपंची चला रहा है और सरपंच भुमानीबाई अपने अधिकारों से वंचित है। सरपंच अनपढ़ होने से सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा उन्हें मूर्ख बनाकर शासकीय राशि का बंदरबांट कर लिया जाता है। भले ही पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संकेत दिए है की सरपंच पति नहीं अब महिलाएं ही बनेगी आत्मनिर्भर लेकिन यहां जमें आला अधिकारी इस खबर से अनजान बने बैठे है। महिला सरपंच भुमानीबाई ने प्रशासन से मांग की है की उन्हें उनका अधिकार दिया जाए।
इस संबंध में प्रताप सिंह चौहान, एडीएम टीकमगढ़ का कहना है कि मामले को दिखवाता हूं अगर जरूरत पड़ी तो मैं स्वयं वहां जाकर जांच करूंगा, महिला सरपंच को उनका अधिकार दिया जायेगा।
अवनीश सिंह बुंदेला, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस ने कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में चाहे उनके नेतागण हो या अफसर सभी आदिवासी एवं दलितों का दमन करने में माहिर हैं इसलिए दलित आदिवासी अपने अधिकारों से वंचित है देश में सबसे ज्यादा दुर्दशा आदिवासी वर्ग की मध्य प्रदेश में है।
मुन्नालाल आदिवासी, जिलाध्यक्ष आदिवासी समाज टीकमगढ़ का कहना है कि आदिवासियों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है हम सभी लोग 9 तारीख को विश्व आदिवासी दिवस पर एकत्रित होकर आवाज उठाएंगे
रोजगार सहायक को हटाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

Related Articles

Back to top button