जिले में भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध हेतु कलेक्टर के आदेश की प्रतिक्षा

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । भिक्षावृत्ति जैसी कुप्रथा ने भारत वर्ष की विकासशीलता पर एक गम्भीर प्रश्नचिन्ह लगाकर रख दिया आजादी के आठ दशको बाद भी भारत के लोग भीख मांग रहे है यह कैसा भारत है एक तरफ हम विकसित भारत की परिकल्पना कर आगामी वर्षो मे इसके लिये हम ताने बाने बुन रहे है दूसरी तरफ भिक्षाबृत्ति का भूत हमारे पीछे पीछे चल रहा है जो नासूर बनकर हमारी अन्तर्राष्टीय छबि को कलंकित कर रहा है सागर जिले के सीमावर्ती जिलो के कलेक्टरो ने भिक्षाबृत्ति पर पूरी तरह लगाम लगाने हेतु कमर कस ली है वही लोग अब सागर कलेक्टर संदीप जीआर जी के सख्त रुख की प्रतिक्षा कर रहे है
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंतर्गत धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर सागर जिले में भी किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके लिये भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कुछ भी देना या उनसे किसी भी प्रकार के सामान को खरीदना प्रतिबंधित किया जाय इसमे किसी व्यक्ति द्वारा भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कोई चीज प्रदान करने अथवा देने या इनसे कोई सामान खरीदने पर संबंधित के विरूद्ध भी आदेश उल्लंघन पर कानूनी कार्यवाही की जाए
उल्लेखनीय है कि समाचार पत्रों एवं अन्य विभिन्न माध्यमों से ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानो पर भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों द्वारा स्वयं या अपने परिवारों के साथ भिक्षावृत्ति करने के मामलो को संज्ञान में लेकर जिला दण्डाधिकारी इस पर सघन व कडी कार्रवाई के आदेश शीघ्र जारी करे । इस संबंध में पूर्व मे जारी आदेशो में उक्त भिक्षावृत्ति से शासन के भिक्षावृत्ति पर अंकुश संबंधी आदेशो की अवहेलना हो रही है। बता दें की आम नागरिकों के आवागमन के दौरान भी भिक्षुको से बाधा उत्पन्न होती है। ट्रैफिक सिग्नलों पर दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। जिले में भिक्षावृत्ति में अन्य राज्यों व शहरों के व्यक्ति भी संलग्न रहते है और प्रायः कई व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास भी होता है। भिक्षावृत्ति कार्य में संलग्न अधिकांश व्यक्ति नशे और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं। यह सामाजिक बुराई भी है। उपरोक्त कारणों से भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध लगाया जाना जनहित व राष्टहित मे बहुत जरुरी है। नवीन आदेश पारित किया जाता है तो इसके परिपालन मे सागर कलेक्टर महोदय आदेश के उल्लंघन पर भी संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्यवाही भी सुनिश्चित करे ताकि आदेश अपने सही ढंग से उपयोग मे आ सके उल्लेखनीय है की सागर जिले मे कुछ जातियो ने तो भिक्षावृत्ति को पराम्परागत जन्म सिध्द अधिकार बना लिया है इसमे वासुदेव बसदेबा समाज के लोग चाहे युवक हो या अधेड सभी अलसुबह ही चटकोरा घुनघुना लेकर भीख मांगने अधिकार के साथ गांव गांव मे जा पहुंचते है इसी प्रकार किन्नर भी लोगो से जबरिया भीख मांगकर लोगो को परेशान करते है इसमे अब कुछ लोग नर्मदा परिक्रमा वासी बनकर भी भीख मांगते देखे जा रहे है सरकार जब सभी गरीब लोगो को मुफ्त राशन मकान व पेन्सन इत्यादि की सुविधाये प्रदान कर रही है तब यह भिक्षाबृत्ति का कलंक देश पर क्यों लगाया जा रहा है शासन इसके विरोध में कब ओर रूख अख्तियार करे।



