मध्य प्रदेश

साईखेडा मै पॉलीटेक्निक कॉलेज खोलने जाने की पुरजोर मांग

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेडा । लगभग 15 हजार की आबादी वाले नगर परिषद साईखेडा में रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम की सीमाओं से सटा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र की छात्र छात्राएं व्यावसायिक शिक्षा से बंचित है। नगर के शिक्षा स्तर को बढाते हुऐ उत्कृष्ट बिधालय का उन्नयन कर सीएम राईज, शासकीय कालेज की स्थापना कर दी गई है । स्कूल की पढाई के बाद बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के लिये बाहर जाना पडता है।जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है बीते दिनों प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह के नगर आगमन पर युवाओ द्वारा साईखेडा में पालीटेक्निक कालेज खोले जाने की मांग का ज्ञापन सौंपा गया था। राजनीतिक रस्साकशी और क्षेत्रवाद की राजनीति के कारण साईंखेड़ा क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा। बहुत जल्द पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिए सम्पूर्ण क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की जायेगी और जिम्मेदार अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम माँग पत्र सौंपा जायगा ।
साईखेडा मै पॉलिटेक्निक कालेज खोलने जाने से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलगे। छात्र जूनियर इंजीनियर, लोको पायलट , कंस्ट्रक्शन कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर, फील्ड इंस्पेक्टर, क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर, स्टोर इंचार्ज , साइट इंजीनियर अन्य सरकारी विभागों में टेक्निकल, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग मे सिविल इंजीनियरिंग में, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग मे, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग में ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग में जैव प्रौद्योगिकी की डिग्री लेकर पात्रता हासिल कर सकते है। जनप्रतिनिधियों की आपसी खीचतान और क्षेत्र वाद की राजनीति के कारण साईखेडा के सौतेले व्यवहार की बजह से नगर मै एनटीपीसी का चला जाना, आईटीआई का वापिस होना, कृषि उपज मंडी मै ताला लटका रहना, गाडरवारा मै, इंजीनियरिंग कालेज का न खुलना, साईखेडा मै स्टेडियम न होना, शासकीय कॉलेज की बिल्डिंग शीग्र काम शुरु न होना, मृदा परीक्षण केन्द्र की अनदेखी, कृषि महाविद्यालय न होना, होना, साईंखेड़ा से बारछी घाट तक एप्रोच सडक दूधी नदी पुल जैसी मूलभूत सुबिधाओं की उपेक्षा की।आगामी विधानसभा चुनाव में उक्त मुद्दे हावी होकर राजनीति युवा फिजा बदल सकते है।

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