सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार चरम पर, दावों में गुणवत्ता, हकीकत में गुण पर बट्टा
जानकारी के बाद भी अफसर कार्यवाही करने के बजाए बन रहे संरक्षणदाता
एक साल में ही उखड़ने लगी सड़क, अधूरी पड़ी पुलियां
सिलवानी। सरकार सड़कों के निर्माण पर विभिन्न मदों से हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लोक निर्माण विभाग से लेकर नगर परिषद तक सड़कों के निर्माण में लगे हैं। फिर भी, सड़कों की हालत ऐसी कि नगरवासी इन पर हिचकोले खा रहे। सड़कों के निर्माण में तय मानकों व गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा। निर्माण में घटिया सामग्री लगा दी जा रही। तय अनुपात में गिट्टी, रेत व सीमेंट का मिश्रण नहीं किया जा रहा। निगरानी करने वाले पता नहीं कहां सोए रहते हैं। ठेकेदार अधिक मुनाफा कमाने व कमीशन के चक्कर में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को ताक पर रख रहे हैं।
विभागीय अधिकारी व ठेकेदार प्रस्तावित सड़क की लंबाई, चैड़ाई, मोटाई, निर्माण सामग्री के मिश्रण के अनुपात, अवधि आदि की जानकारी नहीं देते। यदि कोई निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत करता भी है है तो अधिकारी संज्ञान नहीं लेते। इसका परिणाम यह होता है कि सड़कें बनने के साथ ही टूटने लगती हैं और जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है।
निर्माण कार्य मापदंड की कसौटी पर खरे नहीं
विधानसभा मुख्यालय के तहत आने वाले गांवों के ग्रामीणों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ें जाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा करोड़ों की राशि से सड़क, पुल पुलियाओं के निर्माण कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के द्वारा आईपीसी कंपनी के माध्यम से कराए जा रहे निर्माण कार्य मापदंड की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे है। इसमें अफसरों व ठेकेदार की सांठगांठ भी उजागर हो रही है।
बताया जा रहा है कि हरियाणा की आईपीसी कंपनी के द्वारा तहसील के विभिन्न गांवों को पक्की सड़क से जोड़े जाने को लेकर करीब 40 करोड़ रूपए की लागत से 35 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। तहसील के गांव गांधी खनपुरा, पडान, राजीव नगर, जुनिया, रानीपुरा, भोडिया, आमापानी कॉलोनी, बटेरा आदि गांवों को जोड़ने वाली डामर और कांक्रीट युक्त सड़क व सड़क के बीच में पड़ने वाले नदी और नाले पर पुल और पुलियाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस दौरान किए जा रहे निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों के द्वारा अनेक सवाल उठाए जाकर जांच की मांग की जा रही है।
सड़क भी क्षतिग्रस्त
अभी तक निर्माण एजेंसी के द्वारा किया गया निर्माण कार्य न केवल घटिया निर्माण की भेंट चढ़ता जा रहा है बल्कि सड़क भी क्षतिग्रस्त होती जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो निर्माण कार्य आगे पाट पीछे सपाट होता जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा- निरीक्षण में अधिकारी बरत रहे औपचरिकता
ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी, उपयंत्री स्थल निरीक्षण के नाम पर औपचारिकता करते है। गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य होने से निर्माण एजेंसी व अफसरों की सांठगांठ उजागर हो रही है। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी की मनमानी पर अंकुश लगाने व तय मापदंड के अनुसार निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की है।
अधूरा पड़ा पुलिया निर्माण
नगर के वार्ड क्रमांक एक के राजीव नगर खनुपरा रोड पर पड़ने वाली पुलिया का निर्माण अधूरा पड़ा है जिससे नागरिकों को परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में सतीश चितवार, एसडीओ लोक निर्माण विभाग उपसंभाग सिलवानी का कहना है कि टर्मिनेट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है, बरसात के बाद थोड़ा बहुत काम चालू किया था फिर बंद कर दिया। अभी मैं छुट्टी पर हूं।




