हत्या के जघन्य अपराध में दोषी को आजीवन कारावास
आरोपी सहानुभूति का पात्र नही : न्यायाधीश कृपाशंकर शाक्य
रिपोर्टर : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कृपाशंकर शाक्य ने सत्र प्रकरण में आरोपी ओमकार पिता खेत सिंह आदिवासी उम्र 45 साल निवासी ग्राम खेरखेड़ी को हत्या के जघन्य सनसनीखेज मामले में दोषी पाकर धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी में बद्री विशाल गुप्ता अपर लोक अभियोजक द्वारा की गई।
अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता द्वारा बताया गया कि घटना ग्राम खेरखेड़ी थाना गैरतगंज 31 मई 20 की है। आरोपी ओमकार द्वारा मृतक बीरन सिंह को अपने घर बुलाया और आरोपी द्वारा उसकी मर्जी से काम पर ना जाने से नाराज होकर कुल्हाड़ी से कई प्रहार किए जिससे मकतूल की मौके पर मौत हो गई घटनास्थल पर मृतक बीरन का पुत्र सुनील मौजूद था किसने बचाने का प्रयास किया वह मुख्य गवाह बना उसने पिता को पिटते हुए देखा तथा मौके के अन्य साक्षियों ने न्यायालय में घटना का समर्थन किया, घटना कि प्रथम सूचना रिपोर्ट देहाती नालसी के रूप में सुनील कुमार ने लिखाई शव परीक्षण में आरोपी को 07 गंभीर चोटे धारदार हथियार से आना पाई गई । मेडिकल रिपोर्ट में डॉ राजेंद्र बढ़ाओ ने मृत्यु पूर्व आई चोटो के कारण ही उसकी मृत्यु होना बताई । प्रकरण में अनुसंधानकर्ता त्रिसला मित्तल पीएसआई द्वारा विवेचना की गई घटना की पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट व साक्षियों के कथन एवं महत्वपूर्ण न्याया दृष्टातों के आधार पर मानते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को आजीव कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण में एडीपीओ माधव सिंह गौड़ द्वारा भी पैरवी की गई।



