04 सितंबर 2023 : से उल्टी चाल चलेंगें गुरु, वक्री होकर कुंभ राशि वालों को गुरु 118 दिनों तक देंगे कैसा फल, जानें
Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
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🔮 04 सितंबर 2023 : से उल्टी चाल चलेंगें गुरु, वक्री होकर कुंभ राशि वालों को गुरु 118 दिनों तक देंगे कैसा फल, जानें
👉🏽 आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, जिनकी कुंडली में गुरु मजबूत होते हैं, उन्हें कभी धन की कमी नहीं होती. क्योंकि गुरु ग्रह को सुख, धन, बड़े भाई आदि का कारक माना गया है. हिंदू धर्म में पंचांग और ग्रहों की स्थिति को महत्व दिया जाता है. सभी ग्रह एक निश्चित अवधि में गोचर करते हैं।
🪐 देव गुरु बृहस्पति सोमवार 04 सितंबर से वक्री होने जा रहे हैं. 04 सितंबर को शाम 07:40 पर गुरु वक्री होंगे और फिर 31 दिसंबर 2023 को सुबह 08:10 पर मार्गी होंगे. ऐसे में 118 दिनों तक गुरु वक्री अवस्था में ही रहेंगे और इस दौरान कई राशियों का भाग्योदय करेंगे तो वहीं कुछ को सावधान रहने की जरूरत है. जानते हैं गुरु वक्री का 118 दिनों तक कुंभ राशि वालों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
⚱️ कुंभ राशि : गुरु दूसरे व 11वे भाव के स्वामी होकर तीरे भाव में वक्री हो रहे हैं. गुरु की पांचवीं, सांतवीं व नौंवीं दृष्टि सातें, नौवें व 11वें भाव पर है।
👉🏽 तीसरे भाव में विराजमान होकर गुरु साहस-पराक्रम में वृद्धि करके आपमें जोखिम लेने की क्षमता प्रदान करेंगे।
👉🏽 छोटे भाई-बहन से रिश्ता मजबूत करने के लिए आप पहल कर सकते हैं. बिजनेस के लिए आपको छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है. आपकी कड़ी मेहनत करने की क्षमता बढ़ेगी और कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर करके मार्केटिंग फील्ड में लाभ कमा पाएंगे।
👉🏽 आपकी आर्थिक योजना सुधरेगी. राइट इनवेस्टमेंट से आप पुराने नुकसान की भरपाई कर पाएंगे. आपको फैमिली और फ्रेंड सर्किल में सोच-समझकर बोलना चाहिए. किसी से अनजाने में बोली गई गलत बात से आपके पर्सनल रिलेशन पर नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है. पुरानी उधारी वसूल कर पाएंगे।
👉🏽 वक्री गुरु की तीसरे भाव से पांचवीं दृष्टि आपके सातवेंं भाव पर पड़ रही है, जोकि पार्टनरशिप का भाव है. आपका लाइफ पार्टनर हो या बिजनस पार्टनर आपके लिए सर्पोटिव होते नजर आएंगे. वैवाहिक जीवन में चल रही पर्सनल प्रोब्लम समाप्त होंगे. अनमैरिड लोग के लिए शादी के योग बन रहे हैं. लव पार्टनर को लाइफ पार्टनर में बदलने का समय चल रहा है आपको फैमिली से बात करनी चाहिए।
👉🏽 गुरु की सातवीं दृष्टि आपके नौवें भाव पर पड़ रही है, जोकि पिता और भाग्य का घर है. गुरु का वक्री प्रभाव आपके भाग्य में वृद्धि करेंगे और पिता की सेहत में इम्प्रुवमेंट के साथ आपके पिता के साथ रिलेशन भी सुधारेंगे. होमटाउन से दूर रहकर जॉब करने वाले अपने परिवार से मिल सकते हैं. इस बार की वीकेंड पार्टी और ट्रिप फैमिली के साथ हो सकती है।
👉🏽 गुरु आपके ग्यारहवें भाव पर नौंवीं दृष्टि डाल रहे हैं. सोर्स ऑफ इनकम हो या पर्सनल अचीवमेंट दोनों से आपको सतुष्टी मिलने वाली है. आपकी सोसायटी में इमेज और स्टेट्स दोनों में पॉजिटिव चेंज देखने को मिलेंगे।
👉🏽 आईटी प्रोफेशन हो या नाॅर्मल वकर्स डेली रूटीन से काम में बोरियत फील करेंगे. वर्कप्लेस और ऑफिस में प्राॅडक्टिविटी बढ़ाने के लिए काम के बीच में आराम भी जरूरी है. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेलेंस रखना आपकी जॉब और बिजनस के लिए लाभदायक सिद्ध होगा. कम्प्यूटर्स और इलेक्ट्राॅनिक हो या ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री सभी प्रकार की मैन्युफेक्चरिंग यूनिट में एम्पलाॅइमेंट बढ़ेगा. वकर्स की सैलेरी इंक्रीमेंट और कंफर्ट में बढ़ोतरी होगी।
👉🏽 स्कूल और काॅलेज स्टूडेंट्स अपनी स्टडी पर फोकस कर पाएंगे. मेडिकल और आईआईटी में एडमिषन चाहने वाले स्टूडेंट्स टाइम मैनेजमेंट के साथ स्मार्ट स्टडी पर फोकस करें. बिजनस और मैनेंजमेंट ग्रेजुएट अच्छा पैकेज प्राप्त कर सकते हैं. काॅमर्स और मार्केटिंग की स्टडी के लिए फाॅरेन यूनिवर्सिटी जाने का सपना पूरा हो सकता है।
👉🏽 लॉग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रह रहे वर्किंग कपल्स की वीकेंड पर मुलाकत होगी. सिंगल पेरेंट्स अपने बच्चे की परवरिश में दिक्कत का सामना करेंगे. बच्चों को अकेला रखना उनकी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है. स्टॉक मार्केट और शेयर मार्केट में लॉग टर्म इनवेस्टमेंट कर सकते है।
👉🏽 आपकी राशि से तीसरे भाव में गुरु को गोचर आपको शोल्डर और बेक पेन से परेशान कर सकता है. वहीं मंगल की राशि में स्थित होने से आपको एंग्जाइटी., एग्रेसन और ब्लड प्रेशर से तकलीफ हो सकती है. हाउस वाइफ हो वर्किंग वुमन दोनों के लिए वर्क लाइफ बैलेंस जरूरी है. पॉजिटिव थिंकिंग और फिजिकल एक्ससाइज आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए रामबाण औषधि है।
🐑 मेष राशि : शुक्र आपके चौथे स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलने में देरी हो सकती है। आपको पैसे बनाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इस दौरान आप अपने जीवनसाथी का सम्मान करें। साथ ही शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए घर के बाहर जमीन के नीचे काला सुरमा दबाएं।
🐂 वृष राशि : शुक्र आपके तीसरे स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे पराक्रम, भाई-बहन तथा यश से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपको भाई-बहन के साथ आपके रिश्तों में मजबूती आएगी। आपको अपनी मेहनत का फल जरूर मिलेगा और आपके काम पूर्ण रूप से बनेंगे। 1 अक्टूबर तक किसी तीर्थ स्थल की यात्रा करने से आपका मन प्रसन्न रहेगा और आप कुछ नया सोच पाएंगे। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं का सम्मान करें और रिश्ते में अपने से बड़ी महिलाओं का आशीर्वाद लें।
👩❤️👨 मिथुन राशि : शुक्र आपके दूसरे स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे धन तथा स्वभाव से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति पहले से अच्छी होगी। आपको सांसारिक सुखों की प्राप्ति होगी। साथ ही 1 अक्टूबर तक पशुपालन और कच्ची मिट्टी के काम से जुड़े लोगों को दुगना फायदा मिलेगा, लेकिन इस दौरान आपको अपने शत्रुओं से थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। लिहाजा 1 अक्टूबर तक शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए दो सौ ग्राम गाय का घी मंदिर में दान करें।
🦀 कर्क राशि : शुक्र आपके पहले यानि लग्न स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का सम्बन्ध हमारे शरीर तथा मुख से है। आपको भरपूर यश-सम्मान मिलेगा, लेकिन धन लाभ पाने के लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। आपको मेहनत का फल जरूर मिलेगा। आपको इस दौरान संतान सुख की प्राप्ति भी होगी। 1 अक्टूबर तक आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए अपने नहाने के पानी में एक चम्मच दही डालकर नहाएं।
🦁 सिंह राशि : शुक्र आपके बारहवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का सम्बन्ध आपके व्यय तथा शय्या सुख से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपको रातों को आराम मिलेगा और धन की प्राप्ति होगी। कविता लेखन में आपकी रुचि बढ़ेगी। आपको लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। हर तरफ से आपको सुख की अनुभूति होगी। आपका स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा। लिहाजा शुक्र की शुभ स्थिति बनाए रखने के लिए गौ माता का आशीर्वाद लें।
👰🏻♀ कन्या राशि : शुक्र आपके ग्यारहवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आय तथा इच्छाओं की पूर्ति से होता है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से 1 अक्टूबर तक आपकी कोई इच्छा पूरी हो जाएगी। आपके स्वभाव में बार-बार बदलाव आ सकते हैं। आपको बचपन की कोई बात याद आ सकती है। साथ ही इस दौरान आप दूसरों से छिपाकर काम करने की कोशिश करेंगे। हालांकि इस बीच आपको धन लाभ भी होगा और आपके चेहरे पर एक अलग तेज नजर आएगा। लिहाजा शुक्र के अशुभ स्थिति से बचने के लिए मंदिर में चमेली का तेल दान करें।
⚖️ तुला राशि : शुक्राचार्य आपके दसवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का सम्बन्ध हमारे करियर, राज्य तथा पिता से होता है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से मेहनत के बल पर ही आपको करियर में सफलता मिलेगी। आपके पिता की उन्नति में थोडा वक्त लग सकता है। साथ ही संतान सुख पाने के लिए आपको कोशिशें करनी पड़ेगी। लिहाजा शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए मंदिर में दही या दही से बनी किसी चीज का दान करें।
🦂 वृश्चिक राशि : शुक्र आपके नवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का सम्बन्ध हमारे भाग्य से होता है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपको किस्मत का पूरा सहयोग नहीं मिल पाएगा। 1 अक्टूबर तक आपको पैसों की तंगी हो सकती हैष इसलिए व्यर्थ के कामों में पैसे खर्च करने से आपको बचना चाहिए। पारिवारिक सुख में कमी रहेगी। अतः 1 अक्टूबर तक शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए काली या लाल गाय की सेवा करें।
🏹 धनु राशि : शुक्र आपके आठवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आयु से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपका स्वास्थ्य फीट रहेगा। इस दौरान आपकी कही हुई बातें पत्थर की लकीर होगी। लोग आपकी बातों से सहमत होंगे। शत्रु आपसे दूरी बनाकर रखेंगे। ईश्वर की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए आपको रोज मंदिर में जाकर अपना सिर झुकाना चाहिए।
🐊 मकर राशि : शुक्र आपके सातवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते में थोड़ी अनबन आ सकती है। भाग्य का साथ मिलने में भी रुकावट आ सकती है। इस दौरान व्यापार में भी धन लाभ सामान्य ही होगा। किसी काम के लिये आपको चादर देखकर ही पैर पसारने चाहिए। लिहाजा शुक्र की अशुभ स्थिति से बचने के लिए गंदे नाले में नीला फूल डालें।
⚱️ कुम्भ राशि : शुक्र आपके छठे स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के छठें स्थान का सम्बन्ध हमारे मित्र,शत्रु तथा स्वास्थ्य से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। इस दौरान मित्रों का साथ मिलेगा। इस बीच आपके कुछ नये दोस्त भी बन सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और आपके भाईयों की तरक्की होगी। लवमेट्स के साथ आपके रिश्ते अच्छे रहेंगे। लिहाजा शुक्र के शुभ फल बनाए रखने के लिए घर की महिला अपने बालों में सोने का या गोल्डन कलर का हेयर क्लिप लगाकर रखें।
🐬 मीन राशि : शुक्र आपके पांचवें स्थान पर मार्गी हुए है। जन्मपत्रिका के पांचवें स्थान का सम्बन्ध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपको विद्या का लाभ मिलेगा। साथ ही संतान सुख की प्राप्ति होगी। आपको अपने गुरुजनों का पूरा सहयोग मिलेगा और पढ़ाई-लिखाई में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपका विवेक बना रहेगा। इस दौरान जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते भी बेहतर रहेंगे। आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। साथ ही इस बीच शत्रु आपसे दूरियां बनाकर रखेंगे। लिहाजा शुक्र के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए इस दौरान अपने से बड़ों का आशीर्वाद लें।


