कृषिव्यापार

12 जून से समर्थन मूल्य पर शक शुरू होगा, मूंग वृद्धि के एमपी में बंपर निर्धारण : कृषि मंत्री कमल पटेल

ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के उत्पादन में मध्यप्रदेश ने बाजी मारी, देश का 40% उत्पादन एमपी में
भोपाल । एमपी के 31 जिलों में इस वर्ष ग्रीष्म कालीन मूंग की बंपर पैदावार हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार किसानों की पंजीयन संख्या भी बढ़ी है तो दूसरी ओर मूंग बोने का हेक्टेयर रकवा भी बढ़ा है। प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि 31 जिलों के अंदर इस वर्ष लगभग 2 लाख 75 हजार 664 किसानों ने 7 लाख 58 हजार 605 हेक्टेयर में मूंग की फसल का पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष की तुलना में 26% अधिक रकवे में मूंग की फसल किसानों ने बोई है। उन्होंने बताया कि किसान 1 हेक्टेयर में एक लाख की फसल ले रहा है। जिससे किसानों की आय कई गुना बढ़ी हैं, किसान संपन्न हो रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि पूरे देश में जितना मूंग पैदा होता है। उसमें से 40% मूंग की पैदावार मध्यप्रदेश में हो रही है। पिछले वर्ष मूंग फसल का समर्थन मूल्य खरीदी का रेट ₹7275 क्विंटल था जबकि मंडी और बाजार में 5000 से 6000 क्विंटल के दर से किसान से खरीदी की जा रही थी। मंडी और बाजार में किसान ने समर्थन मूल्य पर अपनी फसल को न बेचते हुए सरकार को अपनी फसल बेची थी तब भी किसान को उसकी फसल का उचित दाम मिला था। कमल पटेल ने कहा कि वही इस बार सरकार ने मूंग फसल की खरीदी को लेकर घोषणा की कि जून माह से किसानों से समर्थन मूल्य पर सरकार खरीदी करेगी। जिससे परिणाम हुआ कि इस बार मंडी और बाजार में किसान को उसकी फसल का प्रति क्विंटल रेट ₹8000 तक मिलने लगा। इस बार सरकार 12 जून से मूंग की फसल का समर्थन मूल्य पर खरीदी करने जा रही हैं। मध्यप्रदेश में किसानों की आय दोगुनी होने पर में किसानों की और उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का हृदय से धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त करता हूं।

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