ज्योतिषधार्मिक

साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या 20 फरवरी को : पूजा महत्व और विधि

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

✦••• जय श्री हरि •••✦
🔮 सोमवार 20 फरवरी 2023: फाल्गुन माह की सोमवती अमावस्या 20 फरवरी यानी सोमवार को मनाई जा रही है. जानिए सोमवती अमावस्या का पूजा महत्व और विधि

साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या 20 फरवरी को मनाई जाएगी. इस भगवान विष्णु की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन अपने पितरों का तर्पण किया जाता है ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले. फाल्गुन महीने में ये अमावस्या सोमवार को पड़ रही है. महिलाएं भी इस दिन अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं. इसके अलावा सोमवती अमावस्या के दिन लक्ष्मी पूजन करना बेहद शुभ होता है और पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ होता है. जानिए सोमवती अमावस्या का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।
✍🏼 शिवजी की पूजा का विशेष महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ शिवजी की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यतओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. इसके अलावा माता लक्ष्मी की पूजा करने भी बेहद शुभ होता है. पितरों का आशीर्वाद तृपण कर उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. हो सके तो सरोवर या फिर किसी नदी में जाकर स्नान करें. यदि ऐसा संभव नहीं है तो आप पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य जरूर दें।
⚛️ सोमवती अमावस्या की पूजा विधि
स्नान करने के बाद आप मंदिर में दीप प्रजवल्लित जरूर करें. इसके बाद पितरों से संबंधित काम करें. साथ ही तर्पण और दान भी करें. नियमित तौर पर पितरों का तर्पण करें और साथ ही दान भी करें. इस दिन जितना अधिक हो सके धार्मिक कामों में ध्यान करें. आज के दिन विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु जी और शिवजी की पूजा करें. विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रख सकती हैं. साथ में पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए. भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें और चांदी के नाग-नागिन की पूजाा कर नदी में प्रवाहित कर दें.इससे काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की पूजा भी करें. इससे घर में धन और समृद्धि आती है. साथ ही इस दिन पीपल के पेड़ पर जल और दूध चढ़ाने से पितरों को भी शांति मिलती है. इस दिन पांच रंग की मिठाई लें. इन्हें पीपल के पत्ते पर रखें. पीपल के पेड़ में अर्पित कर दें और पितरों का तर्पण करें. इससे पितर दोष से मुक्ति मिलती है।
⚛️ सोमवती अमावस्या का शुभ मुहूर्त
सोमवती अमावस्या का आरंभ 20 फरवरी को सुबह 12 बजकर 35 मिनट से होगा और 21 फरवरी को सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर अमावस्या तिथि समाप्त हो जाएगी।
स्नान, दान का शुभ मुहूर्त – सुबह 07 बजे से 08 बजकर 25 मिनट तक.
पूजा का शुभ मुहूर्त – सुबह 09 बजकर 50 मिनट से 11 बजकर 15 मिनट तक.
🔱 शिव योग: 20 फरवरी, 2023 की सुबह 11 बजकर 02 मिनट से 21 फरवरी, 2023 की सुबह 06 बजकर 55 मिनट तक।
🌚 सोमवती अमावस्या पर राशि अनुसार करें ये अचूक उपाय
🤷🏻‍♀️ जैसा कि बताया जा चुका है कि सोमवती अमावस्या 2023 के दिन विशेष संयोग बन रहा है और ऐसे में इस ख़ास दिन राशि अनुसार उपाय करने से भगवान शिव की कृपा हमेशा आप पर बनी रहेगी।
🐑 मेष राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन कच्चे दूध और दही से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही उन्हें काले तिल भी अर्पित करें और ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें।
🐂 वृषभ राशि इस दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिए वृषभ राशि के जातकों को शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद चंदन का तिलक लगाकर भगवान शिव को बेलपत्र या शमी पत्र चढ़ाना चाहिए।
👩‍❤️‍👨 मिथुन राशि सोमवती अमावस्या के दिन मिथुन राशि के जातकों को शिवलिंग का शहद से अभिषेक करना चाहिए। साथ ही साथ ‘ॐ नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
🦀 कर्क राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन सरसों का तेल शनि देव को अर्पित करना चाहिए और ‘ॐ चंद्रमौलेश्वर नम:’ मंत्र का जाप भी करना चाहिए।
🦁 सिंह राशि के जातकों को शिवलिंग का शुद्ध घी से अभिषेक करना चाहिए और ‘ॐ नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
👰🏻‍♀ कन्या राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ में गंगाजल, चीनी, चावल, पुष्प इत्यादि अर्पित करना चाहिए।
⚖️ तुला राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन शिव की पूजा के दौरान दही और गन्ने का रस अर्पित करना चाहिए।
🦂 वृश्चिक राशि के जातकों को भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए गंगाजल और दूध में शक्कर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए।
🏹 धनु राशि सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शंकर की कृपा पाने के लिए धनु राशि के जातकों को कच्चे दूध के साथ केसर, गुड़, हल्दी मिलाकर अभिषेक करना चाहिए।
🐊 मकर राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन शिवलिंग पर नारियल का जल भी अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ हौम ॐ जूँ स:’ मंत्रों का जाप करना चाहिए।
⚱️ कुम्भ राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन घी, शहद और बादाम के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।
🐬 मीन राशि के जातकों को सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा कच्चे दूध, केसर और गंगाजल से करनी चाहिए। इसके बाद शिवलिंग का हल्दी और केसर से तिलक करना चाहिए।

Related Articles

Back to top button