1 अगस्त से शुरू हुआ अभियान : वोटर आईडी से आधार कार्ड जोड़ने के लिए घर-घर जाएंगे बीएलओ
राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू कर दी थी तैयारी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । नगरीय निकाय चुनाव में कई मतदाताओं के नाम वार्ड में नहीं होने, रहवासी क्षेत्र व केंद्र बदलने, नाम कटने जैसी शिकायतें प्रशासन और राजनीतिक दलों के पास आई थीं। यह स्थिति पूरे प्रदेश में सामने आई। यह विधानसभा चुनाव में न रहे, इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी हैं। वोटर आईडी नंबर को आधार से जोड़ने के लिए 1 अगस्त से अभियान चलेगा और बीएलओ घर-घर जाकर आधार कार्ड लेंगे। आधार लिंक करवाना स्वैच्छिक रखा है, क्योंकि इसके साथ 11 वैकल्पिक दस्तावेज में से एक की जानकारी देने की सुविधा दी है।
एसडीएम रायसेन एलके खरे ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य रिपीट/डुप्लीकेट ईपिक की पहचान करना आसान होगा और जो शिकायतें अब तक आती रही हैं, उसे दूर किया जा सकेगा। मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 22 जुलाई को आधार कार्ड को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा कि 1 अगस्त सोमवार से मतदाताओं के आधार नंबर स्वैच्छिक आधार पर लिए जाएं। इसके बाद इन्हें गरुड़ एप पर फीड किया जाए। इसके बाद से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 1 अगस्त को जिलास्तर पर अभियान की शुरुआत हो चुकी है और बीएलओ अपने-अपने क्षेत्र के घर-घर जाकर मतदाता से संपर्क कर उसका आधार नंबर लेंगे। इसके लिए प्रत्येक परिवार काे चाहिए कि वे अपने सभी मतदाता सदस्यों के आधार और वोटर कार्ड की फोटोकॉपी तैयार रखें, जिससे एक बार में ही यह काम हो सकें। हालांकि बीएलओ पहले जानकारी देने आएंगे और निर्धारित तारीख के बाद फोटोकॉपी लेने आएंगे और प्रारूप-6 ख में भरेंगे। प्रारूप-6 ख भौतिक रूप से बीएलओ, ईआरओ या अधिकृत व्यक्ति से और ऑनलाइन जैसे- ईआरओनेट, गरुड़ एप, एनवीएसपी पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन एप से भरेगा।
मतदाता भी भर सकता है प्रारूप
मतदाता भी ऑनलाइन प्रारूप-6 ख भर सकता है। आधार के प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर और आधार डाटाबेस में दर्ज मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाले ओटीपी से कर सकता है।



