कुल्हाड़ी से अपने माता-पिता, पत्नि व सात वर्षीय पुत्र की हत्या करने वाले अभियुक्त को सुनाई मृत्युदंड, फांसी की सजा

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। अपर सत्र न्यायाधीश बरेली सुधांशु सक्सेना द्वारा आरोपी जितेन्द्र पूर्विया पिता जालमसिंह पुर्विया उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम सेमरीघाट को कुल्हाड़ी से अपने माता-पिता, पत्नि व सात वर्षीय पुत्र की हत्या करने के आरोप में विरले से विरलतम संगीन अपराध मानते हुए मृत्युदंड से दण्डित किया गया। उक्त हत्या का प्रकरण शासन के द्वारा चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज किये गये मामलों में से एक था। इस प्रकरण में राज्य की ओर से सुनील नागा, एडीपीओ बरेली एवं नरेंद्र सिंह राजपूत एजीपी, बरेली जिला रायसेन द्वारा पैरवी की गई।
अभियोजन के मुताबिक इस जघन्य हत्याकांड के प्रकरण का संक्षेप में विवरण इस प्रकार है कि फरियादी द्वारा थाना बरेली में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि, दिनांक 16 मई 2019 की रात करीब 1.30 -2 बजे की बात है, मेरे ही पडोस मे मेरे बडे ससुर जालमसिंह का परिवार रहता है। रात मे 1.30 से 2 बजे बडे़ ससुर के आंगन मे गोली चलने की आवाज आई तो मैं और बेटा नींद से जाग गए। देखा तो पड़ोस मे आरोपी की पत्नि की बचाओ- बचाओ की आवाज आ रही थी। जितेन्द्र उससे मारपीट कर रहा था जितेन्द्र के हाथ मे बंदूक व कुल्हाडी थी । आरोपी की पत्नि को बचाने उसके माता-पिता गए तो जितेन्द्र ने उन्हे भी मारपीट कर घायल कर दिया ।मैंने भी उन्हें रोका तो मेरे पीछे मारने दौडा तो मैं वहां से भागी मेरे बेटे के बांए हाथ मे भी कुल्हाडी के बैंठे से मारपीट करने लगा तो वह भी जान बचाकर भागा I जितेन्द्र ने उसके सात वर्षीय बेटे को भी सिर मे मारा, फिर मैंने पडोसी को जगाया और उन्हें बताया की जितेन्द्र उसके माता-पिता,पत्नि और बेटे को मार रहा है ।पडोसी आये तब तक जितेन्द्र मारपीट कर कुल्हाडी, बंदूक लेकर भाग गया I आरोपी द्वारा उसके माता-पिता, पत्नि व सात वर्षीय पुत्र की कुल्हाड़ी से हमला कर जघन्य हत्या की गई।
उक्त हत्या की रिपोर्ट पर थाना बरेली द्वारा अपराध क्रमांक 241/19 धारा 302,307 भा.द.स.पंजीबद्ध कर अनुसन्धान उपरांत अभियोगपत्र मान. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया I जिसके शीघ्र निराकरण हेतु प्रकरण को शासन द्वारा चिन्हित किया गया I
माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश बरेली द्वारा निर्णय दिनांक 19-09-2022 के माध्यम से आरोपी जितेन्द्र पूर्विया को धारा 302 भा.द.स. (चार काउंट) के में मृत्युदंड तथा धारा 25 (1-ख) (क) आयुध अधिनियम में तीन वर्ष का कठोर कारावास व 1000 रु. अर्थदंड एवं धारा 27 आयुध अधिनियम में पांच वर्ष का कठोर कारावास व 1000 रु. अर्थदंड से दण्डित किया गया I



