पर्यावरणमध्य प्रदेश

मौसम में फेर-बदल: अगले 5 दिन में मौसम में आ सकता है बदलाव, बादल छाने से बढ़ रहा तापमान, अधिकतम पारा 33.8 डिग्री

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। इस बार दीपावली त्योहार के समय हल्की सर्दी का एहसास बढ़ा, लेकिन उसके बाद नवंबर का पहला सप्ताह समाप्त होने को है।अब तक सर्दी ने अपना तेज असर नहीं दिखाया है। इन दिनों हवा का रुख पूर्व और दक्षिण-पूर्व से होने के कारण लगातार दिन और रात का तापमान बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि सोमवार और को दिन में लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। सोमवार काे अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग की मानें तो यदि हवा का रुख ऐसा ही रहा तो एक सप्ताह बाद अंचल में मावठा गिर सकता है।जिससे के बाद ठंड बढ़ेगी और तापमान में भी गिरावट के साथ कोहरा छाने देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर के अनुसार अच्छी बारिश होने से उम्मीद थी कि सर्दी भी जल्दी शुरू हो जाएगी और तेज ठंड पड़ेगी। लेकिन नवंबर महीने की शुरुआत में भी तापमान 33 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
हालांकि अक्टूबर महीने में कुछ दिन ठंड का अहसास जरूर हुआ था लेकिन नवंबर माह में बादलों के असर से रात के समय भी गर्मी बनी हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले पांच दिन में मौसम में बदलाव आ सकता है। आने वाले 5 दिन के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने तथा आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32 से 33 डिसे के मध्य तथा न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिसे के बीच रहेगा। वहीं हवा की औसत गति 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
बैंगन की फसल में बढ़ रहा फलछेदक कीट….
कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में बादल छाए रहे तो कीट व्याधि बढ़ेगी। चने पर इल्ली का प्रकोप बढ़ेगा।वहीं गेहूं में जड़माऊ रोग लग सकता है। उन्हांेने कहा कि बादलों के कारण हुई गर्मी से कीट जमीन की ऊपरी सतह की तरफ आते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। आने वाले 5 दिनों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की स्थिति को देखते हुए, किसान धनियां तथा लहसुन की बुवाई का काम करें। साथ ही पतवार अवश्य बिछाएं। जिससे कि जमाव शीघ्र हो। .
वहीं बैंगन में फलछेदक कीट का प्रकोप देखा जा रहा है।इससे बचाव के लिए क्वनालफास 25 ईसी दवा की 2.0 मिलीलीटर मात्रा 1 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। दवा छिड़काव के सात दिनों तक सब्जी न तोड़ें। मिर्च तथा टमाटर की फसल में पत्ती सिकुड़न का प्रकोप देखा जा रहा है, इससे बचाव को थायोमेथैक्सम 25 डीजी 100 ग्राम दवा को 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।

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