पुलिस अभिरक्षा में मृत कृतेश पटेल को न्याय दिलाने ओबीसी महासभा ने दिया धरना, मृतक कृतेश पटेल के परिवार सहित समाजजन रहे शामिल
रिपोर्टर : कुलदीप चौरसिया
जैसीनगर । पुलिस अभिरक्षा में मृत कृतेश पटेल को न्याय दिलाने की मांग जारी हैं, जगह-जगह ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की जा रही हैं।
वही शुक्रवार को जैसीनगर के ब्लॉक ग्राउंड में ओबीसी महासभा के तत्वाधान में पुलिस अभिरक्षा में मृत कृतेश पटेल को न्याय दिलाने के लिए धरना दिया गया, जिसमे ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेन्द्र यादव सहित प्रदेश के तमाम जिलों के जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
धरने में मृतक कृतेश पटेल के माता पिता भी शामिल रहे, साथ ही बड़ी संख्या में कुशवाहा समाज भी उपस्थित रही।
ओबीसी महासभा के प्रदेश बृजेन्द्र यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा मृत व्यक्ति के परिवार को न्याय के लिए टेंट लगाकर धरना देना पड़ रहा हैं, उन्होंने जैसीनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए, उन्होंने कहा कृतेश को स्वयं उसके पिता पुलिस के साथ भोपाल से लेकर आये थे, लेकिन पुलिस की लापरवाही ने उनसे उनका बेटा छीन लिया।
उन्होंने कहा पुलिस ने मृतक कृतेश के परिव्सर को अपनी दादागिरी दिखाकर हिन्दू धर्म के विपरीत रात के समय मृतक का अंतिम संस्कार किया। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए न्याय की बात कही।
ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमिटी के सदस्य एडवोकेट वैभव सिंह ने स्थानीय विधायक एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह पर समाज को खरीदने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा अभी हालही में दमोह में गोलीकांड में मृत अहिरवार समाज के तीन लोगों को खुद गोविंद सिंह राजपूत सरकार की तरफ से 8 लाख मुआवजे की बोल कर आये थे जिसकी सहायता अभी तक परिवार वालो को नही मिली।
उन्होंने कहा अभी तक मंन्त्री गोविंद सिंह को स्वयं आकर न्याय करवाना था लेकिन वो नही आये जिसके कारण हमें आना पड़ा।
वही मीडिया से बात करते हुए ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेन्द्र यादव ने कहा पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसीनगर थाने में पुलिस ने कृतेश पटेल से मारपीट की जिसके चलते ही कृतेश पटेल की जान चली गईं, आरोप से बचने के लिए पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप दिया।
सागर जिले में तीन तीन मंत्रियों के होते हुए भी अभी तक मृतक कृतेश पटेल के परिवार को न्याय नही मिला, इसके लिए अब हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं।




