मध्य प्रदेश

आंदोलन के द्वितीय चरण में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष विभाग के प्रदेश कर्मचारियों ने समस्त अस्पतालों में काली पट्टी लगाकर जताया विरोध

मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन रहेगा जारी
भोपाल । स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर अपनी 41 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए चलाए जा रहे चरण बद्ध आन्दोलन के द्वतीय चरण में प्रदेश के समस्त अस्पतालों में अधिकारी, कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी चरणबद्ध आंदोलन के चलते अपनी मांगों के निराकरण हेतु काली पट्टी लगाकर किया विरोध प्रदर्शन ।
स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव एवं डॉक्टर अतुल उपाध्याय, कल्याण सिंह, रमेश कुमार जाट, सुनील पराशर, प्रह्लाद प्रजापति, ब्रजेश गोस्वामी, राजदत्त दुबे, सलीम खान, ब्रजेश शर्मा, के के हिरनखेड़े, एस पी सोधिया, पूर्णिमा पांडे, जितेंद्र सिंह भदौरिया, गिरीश चतुर्वेदी, संदीप जैन, अंबर चौहान, राकेश बोरिया, विवेक मोर्या, आदि समस्त महासंघ के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा हे की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष विभाग एवम संबंधित अधिकारियों द्वारा हमारी जायज मांगों को जानबूझ कर मनमानी कर अनदेखा किया जा रहा हे निराकरण नहीं किया जा रहा हे जिसे प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारी अब बर्दास्त नही करेंगे जब तक मांगो का निराकरण नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा । जबकि अनेको मांगे अनार्थिक हे जिसमे सरकार, शासन का कोई पैसा खर्च नही होगा विभाग को सिर्फ प्रताव शासन को भेजना हे इसमें ही उनको पता नही विभाग को क्या दिक्कत हो रही है । जैसे… संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण शासन ने 2018 में नीति बना दी लागू नहीं कर रहे, पदनाम परिवर्तन, संचालनालय निर्माण, पदोन्नति, भर्ती नियम बनाना,भर्ती नियमों में संशोधन करना, विभिन्न केडरों के नए पद सृजित करना आदि ।
कई ऐसी मांग हे जो सोतेला व्यवहार किया जा रहा हे किसी अधिकारी कर्मचारी को उसका लाभ दिया जा रहा और किसी को दिया ही नहीं जा रहा जैसे … तीन एवं चार बेतन वृद्धि ,सातमे वेतनमान का लाभ, रात्रि कालीन भत्ता आदि ।
जिन केडरो का वेतनमान जब से वह सेवा में आया वही ग्रेड हे आज तक ग्रेड पे नही मिला यहां तक कि अनेकों सेवानिवृत ही हो गए जैसे .. ड्रेसर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग ऑफिसर, रेडियो ग्राफर, नेत्र सहायक ,कुष्ठ कर्मचारी, लेंब टेकनीशीयन, कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, आदि जिनको जो वेतनमान ग्रेड पे मिलना चाहिए नही मिल पा रहा हे ।
इस प्रकार 41 सूत्रीय मांगो में बहुत सारी मांगे ऐसी हे जिनका सिर्फ क्रियान्वयन करना है।
अगर समय सीमा में मांगो का निराकरण आदेश जारी नही किए गए तो प्रदेश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन निरंतर जारी रहेगा अंत में 21 दिसंबर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जायेंगे ।
अंबर चौहान, प्रदेश प्रवक्ता
स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ ने बताया कि चरण बद्ध आन्दोलन निम्नानुसार है। जिसके द्वितीय चरण:- 13 एवं 14 दिसम्बर को प्रदेश के समस्त अधिकारी कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपने अपने कर्तव्य स्थल पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
तृतीय चरण:- दिनांक 15 दिसम्बर को सरकार एवं विभाग के अधिकारियों के लिए सद्बुद्धि हेतु सद्बुद्धि महायज्ञ किया जाएगा
चतुर्थ चरण :- 16 दिसम्बर को सम्पूर्ण टीकाकरण का बहिष्कार किया जाएगा
पंचम चरण:- दिनांक 17 दिसम्बर को सुंदर काण्ड का पाठ किया जाएगा।
*छठवा चरण:- दिनांक 18 दिसम्बर को महासंघ में शामिल समस्त संगठनों के पदाधिकारी बैठक कर आगमी रूपरेखा तैयार करेंगे।
सातवां चरण:- दिनांक 19 दिसम्बर को सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्य मंत्री जी को चर्चा हेतु अवगत करवाया जायेगा।
आठवां चरण:- दिनांक 20 दिसम्बर को मुख्य मंत्री जी/ विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
नवमा चरण:- दिनांक 20 दिनंबर के पूर्व यदि मांगो का निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेश के समस्त कर्मचारी दिनांक 21 दिसम्बर 22 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। जिसकी जिम्मेवारी संबंधित विभागों एवं शासन प्रशासन की होगी।

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