भगवान श्री राम के गुण और चरित्र ही ऐसा है की मानव जाति कभी नहीं भूल सकती : रामदास जी ब्रम्हचारी
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेडा । श्री दादाजी महाराज की पावन नगरी साईंखेडा के श्री दादा दरबार, गाडरवारा रोड, साईंखेडा में परम पूज्य श्री छोटे सरकार जी महाराज के पावन सानिध्य में पूज्य श्री रामदास जी ब्रम्हचारी महाराज मऊरानीपुर वालो के मुखारविंद से श्री राम कथा महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हुआ।
प्रथम दिवस की कथा मे श्री व्रम्हाचारी जी ने श्री राम चरित्र मानस के महातम पर प्रकाश डाला गया और बताया कि भगवान श्री राम का जन्म लगभग १ करोड़ ७१ लाख साल पूर्व हुआ, पर भगवान श्री राम के गुण और चरित्र ही ऐसा है की मानव जाति चाहते हुए भी आज तक उनके गुण नहीं भुला पा रहे है, आज हम सभी को यह निश्चय करना चाहिए कि हम इस कथा को सिर्फ सुनेंगे नही अपितु हमारे आचरण में उतारने का प्रयत्न करेंगे ।
आगे की कथा में महाराज जी ने बताया, हमारी इस भारत धरा पर पुरातन काल से वैदिक सनातन संस्कृति का पालन होते आया है, पर धीरे धीरे इस वैदिक सनातन संस्कृति से वैदिक शब्द निकल गया और सिर्फ सनातन संस्कृति बची और आज ऐसा काल आया है जिसमे हम सनातन को भी छोड़कर सिर्फ एक शब्द संस्कृति जिसका नाम “हिंदू संस्कृति” की ओर बढ़ रहे है ।
जब जब इस धरा पर वैदिक सनातन संस्कृति का झरण हुआ है तब तब भारत पतन की ओर अग्रसर हुआ है, आज हम सभी भारत वासियों का कर्तव्य है कि हम हमारे धर्म ग्रंथों, वेदों का पालन कर वैदिक सनातन संस्कृति की रक्षा करें
कथा के उपरांत शिवमहिमन, शिवतांडव स्तोत्र का पाठ होकर दादाजी महाराज की आरती हुई और भक्तो ने भजन सत्संग का लाभ लिया।



