मध्य प्रदेशराजनीति

महू हत्याकांड की न्यायिक जांच कर फास्ट्रैक कोर्ट द्वारा दोषियों को कड़ी सजा की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा

सिलवानी। बुधवार को मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार अनीस धाकड़ को ज्ञापन सौंपकर महू हत्याकांड की न्यायिक जांच कर फास्ट्रैक कोर्ट द्वारा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और आजादी में आदिवासी नायको की भूमिका पर गोष्ठी आयोजित किया जा रहा है ऐसे वक्त में महू के गवली पलसिया में एक आदिवासी युवती के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या का मामला प्रकाश में आया है तथा उस घटना के संबंध में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगो पर द्वारा फायरिंग किया गया जिसमे एक निर्दोष आदिवासी युवक के मौत और एक कि गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली है, प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत युवक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था, जो आदिवासी बाहुल्य प्रदेश के लिए एक कलंक और प्रदेश के पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है। इस प्रकार कि बर्बरता पूर्ण कार्यवाही से लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध व्यक्त करने एवं आवाज उठाने के अधिकारों की अवहेलना होती है तथा संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष को प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, पूर्व मे भी नेमावर हत्याकांड, लटेरी गोली कांड में आज दिनांक त पीडितों को न्याय नहीं मिलने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
आजादी के 7 दशक बाद भी शांति प्रिय आदिवासी समुदाय पर लगातार अमानवीय तरीके से हमले एवं उसके बाद निष्पक्षता से कार्यवाही और दोषियों को दंड ना मिल पाना सबसे बड़ा अन्याय और चिंतन का विषय है। तत्कालीन एनसीआरबी की रिपोर्ट भी मध्यप्रदेश मे आदिवासियों के अत्याचार पर मुहर लगाती है, जो आदिवासी समाज के प्रति जिम्मेदार शासन प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर और चिंतनीय सवाल खड़ा करती है, और आदिवासी आज अपने आप को डरा हुआ महसूस करता है। समाज का मानना है कि आदिवासियों पर हुए अत्याचार, शोषण हमलो पर निष्पक्ष और बगैर राजनैतिक दबाव से जांच करते हुए दोषियों पर कठोर कार्यवाही हो तो ऐसे अपराधी पर अंकुश लगाया जा सकता है। चूकि भारतीय संविधान में आदिवासी प्रदेशो में महामहिम राज्यपाल की भूमिका आदिवासियों के पालक के तौर पर होती है इसलिए आदिवासी समुदाय की अपेक्षा है महामहिम राज्यपाल इस पर स्वयं संज्ञान लेकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के आदेश जारी करें तथा मृतक के परिवार को 1 करोड़ का मुवावजा और एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान करें।
संगठन ने समाज की उपरोक्त मांगों पर विचार कर यथाशीघ्र कार्यवाही करने के आदेश जारी करें अन्यथा आदिवासी कांग्रेस सर्व आदिवासी सामाजिक संगठनों के साथ सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भीषण आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में नीलमणि शाह आदिवासी कांग्रेस महामंत्री,
विजय पटेल पूर्व ब्लाक अध्यक्ष, ब्रजेश कुलोपा, संदीप शर्मा, गोविन्द पटेल, विट्टू राय, भरत पटेल, मोहन माण्डरे, कन्हैया राजू उड़के, अर्जुन ठाकुर, दीनू कुशवाह, रघुवीर खरे, नीलेश उइके, शंकर दिवारे, सखाराम, संदीप इबने, रामलाल उइके,
पंकज मरकाम, भगवान दास रमने, गोरेलाल बारीवा, राधे काका अनिल, जगतराम,
सुरेन्द्र तुमराम, आशीष धुर्वे, सुरेन्द्र मेहरा, अर्जुन बरपाये, राजकुमार उईके, कमलेश उइके, राजकुमार ऐल्लाम राजु हरिलाल मस्कोले, धनराज मरकाम आदि उपस्थित थे।

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