ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 14 अगस्त 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 14 अगस्त 2023

14 अगस्त 2023 दिन सोमवार को अधिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष कि त्रयोदशी तिथि है। आज मलमास के श्रावण कृष्ण पक्ष की मासशिवरात्रि व्रत भी है। अतः यह अति ही दुर्लभ सोमवार का व्रत है। लिखा है, “मलमासे सोमवासरे मास शिवरात्रि व्रतस्य अति दुर्लभ योगः” अर्थात आज भगवान शिव पूजन एवं रुद्राभिषेक समस्त दोषों का नाश कर पुण्यात्मा बना देता है। और साथ ही आज किया गया शिव पूजन प्रदोष के सामान फल देता है। ऐसा योग अति ही दुर्लभ होता है, जो कभी-कभार ही मिलता है। आज सर्वार्थसिद्धियोग, यायी (मुद्दई) जयद् योग भी है। आप सभी सनातनियों को श्रावण सोमवार व्रत एवं मासशिवरात्रि व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा
🌦️ मास – श्रावण मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – श्रावण माह कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 10:25 AM तक उपरांत चतुर्दशी
✏️ तिथि स्वामी – त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव को माना गया है। तथा तिथि में धन के स्वामी कुबेर जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुनर्वसु 11:07 AM तक उपरांत पुष्य
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी गुरु बृहस्पति होता है.पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी गुरु है।
🔕 योग – सिद्धि योग 04:40 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
प्रथम करण : वणिज – 10:25 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 11:32 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:36:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:36:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:23 ए एम से 05:06 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:45 ए एम से 05:49 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:52 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:38 पी एम से 03:31 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:02 पी एम से 07:23 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:02 पी एम से 08:07 पी एम
💧 अमृत काल : 08:27 ए एम से 10:14 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, अगस्त 15 से 12:48 ए एम, अगस्त 15
सर्वार्थ सिद्धि योग : 11:07 ए एम से 05:50 ए एम, अगस्त 15
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/मास शिवरात्रि, पाकिस्तान अपना कौमी दिवस,पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस (यूम-ए-आज़ादी), अभिनेता शम्मी कपूर पुण्य तिथि, शेयर व्यापारी राकेश झुनझुनवाला पुण्य तिथि, अभिनेता मोहनीश बहल जयन्ती, साहित्यकार चंद्रकांत देवताले स्मृति दिवस, विश्व युवक दिवस
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे डाइनिंग टेबल के बारे में। डाइनिंग टेबल यूं तो महज खाना खाने के लिए उपयुक्त स्थान है लेकिन इसका सीधा प्रभाव हमारे जीवन पर और हमारे व्यवहार पर भी पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार डाइनिंग टेबल घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए । इस दिशा में डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना खाने से परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बना रहता है और घर में खुशियां रहती हैं। डाइनिंग टेबल की दिशा के अलावा उसकी दशा, यानि उसके आकार का भी ख्याल रखना चाहिए।
वास्तु के अनुसार, घर में डाइनिंग टेबल आयताकार या वर्गाकार आकृति का होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, डाइनिंग टेबल को कभी भी खाली नहीं रखना चाहिए। उस पर हमेशा कोई न कोई खाने की चीज या पानी का जग भरकर जरूर रखना चाहिए। इससे घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के किसी भी कमरे में, ड्राइंग रूम में या अन्य किसी जगह पर लकड़ी का फर्नीचर रखने के लिए आग्नेय कोण, यानि दक्षिण-पूर्व दिशा का चुनाव करना ठीक होता है । क्योंकि इस दिशा का संबंध काष्ठ, यानि लकड़ी से होता है। अतः आग्नेय कोण में लकड़ी का फर्नीचर रखने से उस दिशा से संबंधित तत्वों का शुभ फल प्राप्त होता है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आयरन की कमी में खाएं लौंगन फल की सबसे खास बात ये है कि इस फल में आयरन की अच्छी मात्रा होती है जो कि शरीर में खून बढ़ाने के लिए जरूरी है। ये रेड ब्लड सेल्स को बढ़ावा देता और खून बनाने के प्रोसेस को तेज करता है। इसके अलावा ये फल आपके शरीर को एनर्जी देता है और और एनीमिया के लक्षणों को कम करने या कहें कि इससे निपटने में मदद करता है। तो, इन तमाम कारणों से आपको लौंगन फल खाना चाहिए।
एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर लौंगन फल एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है। ये आपको स्किन से जुड़ी कई समस्याओं से बचाने और शरीर में बैक्टीरियल इंफेक्शन को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इस फल की खास बात ये है कि इसमें कुछ एंटीवायरल गुण भी हैं जो कि मौसमी और खासकर कि वायरल बीमारियों से बचाने में मददगार है।
एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर लौंगन फल आपको दर्द और सूजन से बचा सकता है। जिन लोगों की हड्डियों में सूजन की समस्या रहती है या फिर जो लोग जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं उनके लिए लौंगन फल का सेवन कई प्रकार से काम कर सकता है। ये उनके शरीर में गर्मी लाता है और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
बालों के लिए मछली का तेल के फायदे-ओमेगा-3 से भरपूर बालों के लिए मछली का तेल कई प्रकार से फायदेमंद है जिसमें से एक है ओमेगा-3 भरपूर होना। दरअसल, आमेगा-3 आपके बालों के लिए न्यूट्रिएंट्स की तरह काम करता है और फिर इसकी बनावट को बेहतर बनाने में मददगार है। इससे आपके बाल झड़ते नहीं हैं और इनकी ग्रोथ बेहतर होती है।
स्कैल्प के लिए हेल्दी
मछली का तेल, स्कैल्प के लिए हेल्दी है। ये आपके स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और फिर बालों को झड़ने से रोकता है।इसके इस्तेमाल से स्कैल्प में इंफेक्शन नहीं होता है और फिर ये एक्जिमा का कारण नहीं बनता।एक्जिमा, बालों की जड़ों को कमजोर करता है और इनके झड़ने का कारण बनता है।
बालों की जड़ों में सूजन को कम करता है बालों की जड़ों में सूजन को कम करने में मछली के तेल का इस्तेमाल कई प्रकार से फायदेमंद है। ये एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है और बालों की जड़ों में सूजन को कम करता है और बालों की ग्रोथ बढ़ाता है। इस लिहाज से ये बालों के लिए हर प्रकार से फायदेमंद है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कुंडली में ग्रहों कि स्थिति का मजबूत होना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अगर ग्रह मजबूत रहता है तो जीवन में तरक्की के रास्ते खुलते हैं। साथ ही धन-धान्य और उत्तम स्वास्थ्य का सुख भी मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की मजबूती के लिए कई उपाय को बताया गया है। लेकिन इसके अलावा भी अन्य उपाय है जिसकी मदद से हम ग्रह दोषों से मुक्ति और उनकी स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। मान्यताओं के मुताबिक, सप्ताह के दिन के हिसाब से आटा में कुछ विशेष चीजों को मिलाक गूंथने से आप अपने परिवार के ग्रहों को ठीक रख सकते हैं।
सोमवार के दिन आटा में मिलाएं दूध
सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। इसके अलावा इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। ऐसे में अगर आप अपना और अपने परिवार का चंद्र ग्रह मजबूत करना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आटे में थोड़ा-सा दूध मिलाकर गूंथना चाहिए।
मंगलवार के दिन आटा में मिलाएं गुड़
मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए मंगवार के दिन आटे में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर आटा गूंथना चाहिए। इससे न केवल मंगल ग्रह मजबूत होता है बल्कि मंगल के बुरे प्रभावों से भी मुक्ति मिलती है।
बुधवार के दिन आटे मिलाएं धनिया या पालक
परिवार के बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए बुधवार के दिन आटे में थोड़ा सा धनिया या पालक मिलाकर गूंथे। इस उपाय को करने से बुध ग्रह मजबूत होता है।
गुरुवार के दिन आटा में मिला दें थोड़ी सी हल्दी
गुरुवार के दिन आटा गूंथते समय उसमें एक चुटकी हल्दी मिला दें। हल्दी के अलावा बेसन भी मिला सकते हैं। इस उपाय को करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है।
शुक्रवार के दिन आटा में मिला चीनी
आटा गूंथते समय उसमें थोड़ी सी चीनी मिला दें। ऐसा करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि मजबूत होती है।
शनिवार के दिन आटा में मिलाएं तेल
शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित है। ऐसे में आटा में थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।

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