Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 22 अगस्त 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 22 अगस्त 2023
22 अगस्त 2023 दिन मंगलवार को ही शुद्ध श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज भौमव्रत, दुर्गा यात्रा एवं हमद्दर्शन का बहुत महत्त्व होता है। आज मंगला गौरी व्रत भी है। आज कल्कि जयन्ती भी है। आज सायंकाल में कल्कि भगवान का अवतरण का उत्सव मनाया जायेगा। आज रवियोग एवं त्रिपुष्कर योग दोनों है इससे आज का दिन अत्यन्त ही शुभ फलदायी है। आप सभी सनातनियों को मंगलागौरी व्रत एवं कल्कि जयन्ती की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – अधिक श्रावण मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – श्रावण माह शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 03:06 AM तक उपरांत सप्तमी
✏️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र स्कन्द कुमार है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र चित्रा 06:31 AM तक उपरांत स्वाति
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह और नक्षत्र के स्वामी देव विश्वकर्मा हैं।
📢 योग – शुक्ल योग 10:17 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 02:37 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 03:05 ए एम, अगस्त 23 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:20:56
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:00:46
🎆 ब्रह्म मुहूर्त : 04:26 ए एम से 05:10 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:48 ए एम से 05:54 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:50 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:34 पी एम से 03:26 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:54 पी एम से 07:16 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:54 पी एम से 08:00 पी एम
💧 अमृत काल : 10:45 पी एम से 12:27 ए एम, अगस्त 23
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, अगस्त 23 से 12:46 ए एम, अगस्त 23
❄️ रवि योग : 06:31 ए एम से 05:54 ए एम, अगस्त 23
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में मसूर की दाल चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवियोग/भद्रा/ कल्की जयन्ती/ श्रीयाल षष्ठी/ सूपोदनवर्ण षष्ठी व्रत/ सैयद शाहिद हाकिम स्मृति दिवस, भारतीय न्यायाधीश सैयद फ़ज़ल अली स्मृति दिवस, हरिशंकर परसाई जयन्ती, काशी के प्रकांड विद्वान रेवा प्रसाद द्विवेदी जन्म दिवस, कवि गिरिजाकुमार माथुर जन्म दिवस, गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग पुण्यतिथि, धर्म या विश्वास के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय दिवस
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🗽 _Vastu Tips 🗼
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे सही विधि से वृक्षों को काटने के बारे में। एक बार फिर से आपको बता दूं- किसी भी वृक्ष को काटे जाने के लिए मृगशिरा, पुनर्वसु, अनुराधा, हस्त, मूल, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, स्वाति और श्रवण नक्षत्र शुभ होते हैं। इन्हीं नक्षत्रों में से किसी भी एक नक्षत्र में पेड़ काटे जा सकते हैं। किसी भी पेड़ को काटने से पहले उसकी विधि-पूर्वक पूजा जरूर करनी चाहिए। इसके लिए सबसे पहले गंध, पुष्प और नैवेद्य से वृक्ष की पूजा करें। फिर उसके तने को साफ वस्त्र से ढक्कर, उस पर सफेद रंग का सूत लपेट दें। फिर वृक्ष से प्रार्थना करें कि इस वृक्ष पर जो प्राणी वास करते हैं, उनका कल्याण हो, उन्हें मेरा नमस्कार है। आप मेरे दिए हुए उपहार को ग्रहण कर, अपने वास स्थान को किसी अन्य जगह पर ले जाएं।
साथ ही कहें- हे वृक्षों में श्रेष्ठ। आपका कल्याण हो। गृह और अन्य कार्यों के निमित्त मेरी यह पूजा स्वीकार करें। इस प्रकार पूजा आदि के बाद जल से वृक्ष को सींचकर मधु और घी लगे कुल्हाड़े से पूर्व से उत्तर दिशा की तरफ पेड़ के चारों ओर घूमने के क्रम में भली प्रकार उस वृक्ष को काटें। वृक्ष को गोलाई में काटना चाहिए और फिर उसके गिरने को देखना चाहिए। पेड़ जिस दिशा में गिरता है, उसका भी एक निश्चित फल होता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लैवेंडर की गंध- लैवेंडर की गंध से मच्छर कोसों दूर भागते हैं इसलिए इसे एंटीमाइक्रोबियल भी कहते हैं। इसके अलावा इसकी खुशबू काफी तेज होती है खासकर कि थोड़ी टैंगी सी जिससे की मच्छर कोसों दूर भागते हैं। तो, आप इसका पेड़ अपने आस-पास लगा सकते हैं या फिर इस तेल अपने शरीर पर लगा लें।
लौंगी की गंध इतनी तेज होती है कि मच्छर आपके आस-पास भटकेंगे भी नहीं। इसकी एंटीबैक्टीरियल गंध से, मच्छर कोसों दूर रहेंगे। आप इसका तेल अपने शरीर पर लगा सकते हैं या फिर शाम के समय नीम के पत्तों के साथ इसे जलाकर धुंआ कर सकते हैं।
🍃 आरोग्य संजीवनी 🍁
हाई यूरिक एसिड में गर्म पानी पीने के फायदे-जोड़ों में दर्द को कम करता है यूरिक एसिड जब भी बढ़ता है तो इससे हड्डियों में एक गैप की स्थिति आती है और फिर तेज दर्द होता है। इसके अलावा जोड़ों में एक प्रकार का खिंचाव रहता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित रहता है। ऐसी स्थिति में गर्म पानी पीना इस गैप को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन सही करने में मदद करता है। इसके अलावा ये सूजन में भी कमी लाता है और हाई यूरिक एसिड की समस्या से बचाव में मदद करता है।
प्यूरिन डिटॉक्सीफाई करता है आपके शरीर में प्यूरिन डिटॉक्सीफाई करना बेहद जरूरी है। दरअसल, खून में जमा गंदगी को समस-समय से डिटॉक्सीफाई करते रहना आपको कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है और जब आप गर्म पानी पीते हैं तो यही होता है। गर्म पानी न सिर्फ प्यूरिन को जमने से रोकता है बल्कि, ये शरीर में प्यूरिन पचाने की गति को भी तेज करता है। तो, इन तमाम कारणों से आपको रोजाना सुबह खाली पेट गर्म पानी पीना चाहिए। इससे न सिर्फ बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी बल्कि, कई समस्याओं से भी बचाव होगा।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
स्वायंभुव ‘मनु’ को आदि भी कहा जाता है। ‘आदि’ का अर्थ प्रारंभ। सभी भाषाओं के मनुष्य-वाची शब्द मैन, मनुज, मानव, आदम, आदमी आदि सभी मनु शब्द से प्रभावित है। यह समस्त मानव जाति के प्रथम संदेशवाहक हैं। इन्हें प्रथम मानने के कई कारण हैं।
संसार के प्रथम पुरुष स्वायंभुव मनु और प्रथम स्त्री थी शतरूपा। इन्हीं प्रथम पुरुष और प्रथम स्त्री की सन्तानों से संसार के समस्त जनों की उत्पत्ति हुई। मनु की सन्तान होने के कारण वे मानव कहलाए।
मानव उसे कहते हैं जिसमें जड़ और प्राण से कहीं ज्यादा सक्रिय है- मन। मनुष्य में मन की ताकत है, विचार करने की ताकत है, इसीलिए उसे मनुष्य कहते हैं। चूंकि यह सभी ‘मनु’ की संताने हैं इसीलिए मनुष्य को मानव भी कहा जाता है।
हिंदू धर्म में स्वायंभुव मनु के ही कुल में आगे चलकर स्वायंभुव सहित कुल क्रमश: 7 मनु हुए और 7 होना बाकी है। महाभारत में 8 मनुओं का उल्लेख मिलता है। श्वेतवराह कल्प में 14 मनुओं का उल्लेख है। इन चौदह मनुओं को ही जैन धर्म में कुलकर कहा गया है।
शेष कल
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⚜️ आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजनकरें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति केलिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा परबाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमनेका कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायेंमनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होताहै और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।



