Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 28 अगस्त 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 28 अगस्त 2023
28 अगस्त 2023 दिन सोमवार को शुद्ध श्रावण मास के शुक्ल पक्ष कि द्वादशी तिथि है। आज श्रावण सोमवार का पावन व्रत भी है। इतना ही नहीं आज सोमवार का प्रदोष व्रत भी है। अतः यह अति ही दुर्लभ सोमवार का व्रत हो जाता है। लिखा है, “सायं उमामहेश्वर पूजनम्।” श्रीविष्णु पवित्रारोपणम्। अर्थात आज सायंकाल मे माता पार्वती के साथ भगवान भोलेनाथ का पूजन करना चाहिए तथा पीपल वृक्ष लगाना एवं पूजन करना चाहिए। आज के दिन से दही नहीं खाना एवं दान भी नहीं करना चाहिए। (कहा जाता है, कि सावन साग न भादो दही) आज भगवान शिव पूजन एवं रुद्राभिषेक जन्मकुण्डली के समस्त दोषों का प्रशमन कर देता है। साथ ही आज वृद्ध द्वादशी भी है। आज सर्वार्थअमृतसिद्धियोग एवं रवियोग भी है। इसलिए आज का योग अति ही दुर्लभ है, जो कभी-कभार ही मिलता है। आज भगवान श्रीसूर्य देवता मघा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश कर जाएंगे। आप सभी सनातनियों को श्रावण सोमवार व्रत एवं सोमप्रदोष व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – अधिक श्रावण मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – श्रावण माह शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 06:23 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी इस तिथि के स्वामी श्री हरि विष्णु जी हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 02:43 AM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। राशि स्वामी गुरु है।
🔊 योग – आयुष्मान योग 09:56 AM तक, उसके बाद सौभाग्य योग 06:01 AM तक, उसके बाद शोभन योग
⚡ प्रथम करण : बव – 08:01 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 06:22 पी एम तक कौलव – 04:37 ए एम, अगस्त 29 तक
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय- सुबह 5:56 AM
🌅 सूर्यास्त- शाम 6:48 PM
🌌 ब्रह्म मुहूर्त : 04:28 ए एम से 05:12 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:50 ए एम से 05:57 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:22 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:48 पी एम से 07:10 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:48 पी एम से 07:55 पी एम
💧 अमृत काल : 09:00 पी एम से 10:25 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 ए एम, अगस्त 29 से 12:45 ए एम, अगस्त 29
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 02:43 ए एम, अगस्त 29 से 05:57 ए एम, अगस्त 29
❄️ रवि योग : 02:43 ए एम, अगस्त 29 से 05:57 ए एम, अगस्त 29
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में दुग्धाभिषेक करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – शिव पूजन/ सोम प्रदोष/ सावन का अंतिम प्रदोष व्रत सोमवार/ राष्ट्रीय रेड वाइन दिवस, राष्ट्रीय चेरी टर्नओवर दिवस, रेडियो विज्ञापन दिवस, प्रतीक दिवस के आसपास अपने माउस की दौड़, राष्ट्रीय नायक दिवस, मजदूर संगठन श्रमजीवी संघ स्थापना दिवस, टोयोटा मोटर्स कंपनी स्थापना दिवस, राष्ट्रीय रेड वाइन दिवस, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा
✍🏼 विशेष – द्वादशी के दिन तुलसी तोड़ना निषिद्ध है। द्वादशी के दिन यात्रा नहीं करनी चाहिए, इस दिन यात्रा करने से धन हानि एवं असफलता की सम्भावना रहती है। द्वादशी के दिन मसूर का सेवन वर्जित है।
📜 हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास की आखरी सोमवारी पर 5 शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन प्रदोष व्रत, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है।
🤷🏻♀️ शुद्ध श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की श्रावण पुत्रदा एकादशी तारीख 27 अगस्त 2023 को अर्द्ध रात्री 12:09 AM बजे से शुरू होकर 27 अगस्त 2023 को ही सायंकाल 21:34 PM बजे तक थी। इसलिए आज 28 अगस्त 2023 को पारण का समय सुबह 06:22 AM से 08:53 AM तक है। इस उक्त समय के भीतर ही एकादशी व्रत का पारण व्रतियों को अवश्य कर लेना चाहिए।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर के मुख्य दरवाजे को लेकर इस बात का भी रखें खास ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दरवाजे के सामने पेड़ या खंभा नहीं होना चाहिए। इससे घर के संतान पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही उनके करियर में भी बाधा आती है।
इस बात का भी ध्यान रखें कि घर के मुख्य द्वार के सामने गड्ढा या कुआं नहीं होना चाहिए। इससे घर के लोगों को मानसिक रोग का सामना करना पड़ सकता है।
घर के मुख्य दरवाजे के सामने कीचड़ भी नहीं होनी चाहिए। अगर आपके घर के सामने है तो तुरंत इसे हटा दें। ये बेहद अशुभ माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने गंदे पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
दाग-धब्बों को छुपाने के लिए कैसे करें फाउंडेशन का इस्तेमाल दाग-धब्बों को छुपाने के लिए आप फाउंडेशन का इस प्रकार से इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे कि
पहले चहरे पर मॉइस्चराइजर लगाएं।
इसके बाद प्राइमर लगाएं-इसके बाद फाउंडेशन लगाएं और इसे सेट करें।
अगर आपको इन तीनों का इस्तेमाल समझ नहीं आ रहा है तो आपको अपने फाउंडेशन में मॉइस्चराइजर मिलाकर लगाना चाहिए। ये एक क्रीम की तरह पूरे चेहरे पर बराबर से लगाएं। ध्यान रखें कि पहले आपको दोनों ही हल्का-हल्का लगाना है और फिर दाग-धब्बों को इन हल्की परत के जरिए छुपाना है।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
किडनी इंफेक्शन किडनी में पथरी या किडनी इंफेक्शन यूटीआई होने के जोखिम को बढ़ाते हैं, क्योंकि वे मूत्र पथ को ब्लॉक कर सकते हैं और मूत्र का बैकअप ले सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया को बढ़ने के लिए काफी समय मिलता है। इसलिए अगर इस स्थिति का आपको बार-बार सामना करना पड़ रहा है तो ये किडनी इंफेक्शन से जुड़ा हुआ हो सकता है।
लगाकार कब्ज की समस्या कब्ज होने से आपके मूत्राशय को पूरी तरह से खाली करना मुश्किल हो जाता है, जिसका मतलब है कि फंसे बैक्टीरिया को बढ़ने और संक्रमण पैदा करने के लिए बहुत समय मिलता है। दूसरी ओर, दस्त या मल असंयम से भी यूटीआई होने का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि ढीले मल से बैक्टीरिया आसानी से आपकी योनि और मूत्रमार्ग में अपना रास्ता बना सकते हैं। इसलिए जब भी आप बाथरूम का उपयोग करें तो आगे से पीछे तक पोंछें, लेकिन मल त्याग के बाद ऐसा करते समय विशेष रूप से सावधान रहें।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
शब्द ब्राह्मण का अर्थ क्या है?
जितनी बार पढ़ता हूँ उतनी बार आँखें भीग जाती हैं
पिछले दिनों मैं हनुमान जी के मंदिर में गया था जहाँ पर मैंने एक ब्राह्मण को देखा, जो एक जनेऊ हनुमान जी के लिए ले आये थे | संयोग से मैं उनके ठीक पीछे लाइन में खड़ा था, मेंने सुना वो पुजारी से कह रहे थे कि वह स्वयं का काता (बनाया) हुआ जनेऊ हनुमान जी को पहनाना चाहते हैं, पुजारी ने जनेऊ तो ले लिया पर पहनाया नहीं |
जब ब्राह्मण ने पुन: आग्रह किया, तो पुजारी बोले यह तो हनुमान जी का श्रृंगार है इसके लिए बड़े पुजारी (महन्थ) जी से अनुमति लेनी होगी, आप थोड़ी देर प्रतीक्षा करें वो आते ही होगें |
मैं उन लोगों की बातें गौर से सुन रहा था, जिज्ञासा वश मैं भी महन्थ जी के आगमन की प्रतीक्षा करने लगा | थोड़ी देर बाद जब महन्थ जी आए तो पुजारी ने उस ब्राह्मण के आग्रह के बारे में बताया तो महन्थ जी ने ब्राह्मण की ओर देख कर कहा कि देखिए हनुमान जी ने जनेऊ तो पहले से ही पहना हुआ है और यह फूलमाला तो है नहीं कि एक साथ कई पहना दी जाए |
आप चाहें तो यह जनेऊ हनुमान जी को चढ़ाकर प्रसाद रूप में ले लीजिए | इस पर उस ब्राह्मण ने बड़ी ही विनम्रता से कहा कि, मैं देख रहा हूँ कि भगवान ने पहले से ही जनेऊ धारण कर रखा है परन्तु कल रात्रि में चन्द्रग्रहण लगा था और वैदिक नियमानुसार प्रत्येक जनेऊ धारण करने वाले को ग्रहणकाल के उपरांत पुराना बदलकर नया जनेऊ धारण कर लेना चाहिए बस यही सोच कर सुबह सुबह मैं हनुमान जी की सेवा में यह ले आया था प्रभु को यह प्रिय भी बहुत है |
हनुमान चालीसा में भी लिखा है कि –हाथ बज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूज जनेऊ साजे |
अब महन्थ जी थोड़ी सोचनीय मुद्रा में बोले कि हम लोग बाजार का जनेऊ नहीं लेते हनुमान जी के लिए शुद्ध जनेऊ बनवाते हैं, आपके जनेऊ की क्या शुद्धता है |
इस पर वह ब्राह्मण बोले कि, प्रथम तो यह कि ये कच्चे सूत से बना है, इसकी लम्बाई 96 चउवा (अंगुल) है, पहले तीन धागे को तकली पर चढ़ाने के बाद तकली की सहायता से नौ धागे तेहरे गये हैं, इस प्रकार 27 धागे का एक त्रिसुत है जो कि पूरा एक ही धागा है कहीं से भी खंडित नहीं है, इसमें प्रवर तथा गोत्रानुसार प्रवर बन्धन है तथा अन्त में ब्रह्मगांठ लगा कर इसे पूर्ण रूप से शुद्ध बनाकर हल्दी से रंगा गया है और यह सब मेंने स्वयं अपने हाथ से गायत्री मंत्र जपते हुए किया है |
ब्राह्मण देव की जनेऊ निर्माण की इस व्याख्या से मैं तो स्तब्ध रह गया मन ही मन उन्हें प्रणाम किया..!!
मैने देखा कि अब महन्त जी ने उनसे संस्कृत भाषा में कुछ पूछने लगे, उन लोगों का सवाल – जबाब तो मेरे समझ में नहीं आया पर महन्त जी को देख कर लग रहा था कि वे ब्राह्मण के जबाब से पूर्णतया सन्तुष्ट हैं अब वे उन्हें अपने साथ लेकर हनुमान जी के पास पहुँचे जहाँ मन्त्रोच्चारण कर महन्त व अन्य 3 पुजारियों के सहयोग से हनुमान जी को ब्राह्मण देव ने जनेऊ पहनाया तत्पश्चात पुराना जनेऊ उतार कर उन्होंने बहते जल में विसर्जन करने के लिए अपने पास रख लिया |
शेष कल
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⚜️ द्वादशी तिथि का नाम यशोबला भी है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री विष्णु जी / भगवान श्रीकृष्ण जी का आंवले, इलाइची, पीले फूलो से पूजन करने से यश, बल और साहस की प्राप्ति होती है।
द्वादशी को श्री विष्णु जी की पूजा , अर्चना करने से मनुष्य को समस्त भौतिक सुखो और ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है, उसे समाज में सर्वत्र आदर मिलता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं निश्चय ही पूर्ण होती है।
द्वादशी तिथि के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यन्त श्रेयकर होता है। द्वादशी के दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
भगवान विष्णु के भक्त बुध ग्रह का जन्म भी द्वादशी तिथि के दिन माना जाता है। इस दिन विष्णु भगवान के पूजन से बुध ग्रह भी मजबूत होता है ।
यदि द्वादशी तिथि सोमवार और शुक्रवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। द्वादशी यदि रविवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, यह अशुभ माना जाता है, इसमें भी शुभ कार्य करना मना किया गया हैं।


