अंर्तराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न
सिलवानी । मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनीस कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा शुक्रवार को अंर्तराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर प्रिसटन कॉलेज सिलवानी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी अतुल यादव द्वारा उपस्थित छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूनेस्को द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस प्रतिवर्ष 8 सितंबर को मनाया जाता है, जिससे मानव विकास, अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ावा मिल सके। सफल जिंदगी जीने के लिये खाने की तरह ही साक्षरता भी बहुत जरूरी है। शिक्षित व्यक्ति में वो क्षमता है जो परिवार और देश की प्रतिष्ठा को बढ़ा सके और ये दिन शिक्षा को प्राप्त करने और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। देश और समाज के लिए शिक्षा बहुत जरूरी होती है। साक्षरता का अर्थ है शिक्षित होना अर्थात पढने और लिखने की क्षमता से संपन्न होना।
उन्होने शिविर में बताते हुए कहा कि साक्षरता से ही मानव अपना, अपने परिवार, अपने समाज एवं देश का विकास कर सकता है एवं निरक्षर व्यक्ति स्वयं का भला भी नहीं कर सकता। ऐसे स्थिति में वह समाज और राष्ट्र का किस काम आयेगा। ऐसे व्यक्ति को अपने अधिकारों का ज्ञान नहीं होता है और वह तमाम कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है। साक्षरता का तात्पर्य पढ़-लिख सकने की क्षमता से है। इसके साथ ही न्यायाधीश द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल श्रम, बाल शिक्षा, के बारे में विस्तार से बताया गया ।
विधिक साक्षरता शिविर में प्रिस्टन कॉलेज प्राचार्य संजीव रघुवंशी, कॉलेज स्टाफ व छात्र/छात्राएं मौजूद रहे ।



