ज्योतिष

शनिदेव के प्रभाव में रहेगा नववर्ष 2024 : प. मोहनलाल

अंक ज्योतिष में सन् 2024
ज्योतिषी पंडित मोहनलाल द्विवेदी, मैहर देवी धाम
अंक ज्योतिष के अनुसार सन् 2024 मंद गति गामी ग्रह शनिदेव के प्रभाव में रहेगा, अंक शास्त्र के अनुसार 2024 का योग करने पर आठ आता है, आठ अंक के स्वामी ग्रह शनिदेव है और इसमें एक और संयोग है कि सनातन धर्म का विक्रम संवत 2081 का प्रारंभ भी आठ अप्रैल की रात्रि 12.16 मिनिट पर होगा, इस प्रकार नए संवत के प्रारंभ के दिन भी शनिदेव की दिनांक आठ ही होगी ।
मैहर देवी धाम के अंक ज्योतिषी पंडित मोहनलाल द्विवेदी ने बताया की शनिदेव का नाम सुनते ही अच्छे अच्छों को पसीना आ जाता है लेकिन ऐसा है नही, तपा कर सोने के अलंकार बनाने जैसे शुभ फल प्रदान करने वाले ग्रह है शनिदेव, लेकिन इस बात की भी प्रबल संभावना है की 2024 में हमे देश और दुनिया पर बड़ा बदलाव और प्रभाव देखने को मिलेगा ।
पंडित द्विवेदी ने बताया कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार सतना शहर की नाम राशि कुंभ है इस प्रकार से सतना शहर के राशि स्वामी शनिदेव के नाम पर यह सन् 2024 रहेगा । जिसके प्रभाव से सतना जिले सहित प्रदेश में अच्छा विकास होगा, महंगाई बेरोजगारी से जनता पीड़ित रहेगी, शासन पर प्रशासन भारी रहेगा क्योंकि शनिदेव को ग्रहों में सेवक का पद प्राप्त है ।
इस साल शनिदेव सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहने वाले ग्रह हैं। दरअसल, साल 2024 का अंक 8 है जो कि शनिदेव का अंक है। ऐसे में इस साल देश दुनिया में कई बड़ी घटनाएं देखने को मिल सकती है। जिसमे अशांति, आतंकवाद, वैमनस्य से लेकर प्राकृतिक आपदाओं तक की संभावना है । कई ऐसी घटनाएं होंगी जिससे लोग हैरान परेशान रह जाएंगे। दुनिया भर में कई जगहों पर युद्ध विस्फोट जैसा हालात से आम जनता प्रभावित होगी। बीमारियों से मचेगा हाहाकार कोरोना नए रूप में आकर जन जीवन अस्त व्यस्त कर सकता है । जिससे लोगों को कष्ट और हाहाकार की स्थिति बन सकती है।
इस साल विश्व के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों में परस्पर बैर भाव के कारण निरंतर युद्ध जैसी स्थितियां बन सकती हैं । विश्व के अनेक विकसित देशों के मध्य परस्पर विरोध और युद्ध का माहौल रहेगा। विभिन्न देशों में सत्ता का टकराव। समाज और देश में भ्रष्टाचार, चोरी, ठगी, लूटमार और हिंसक घटनाएं अधिक हो सकती हैं।
राजनीतिक पार्टियों के बीच टकराव की आशंका देश में राजनीतिक उग्रता सांप्रदायिक उपद्रव और तोड़ फोड़ की वारदातें अधिक होंगी। भारत के राजनीतिक पटल पर विशेष उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान विभिन्न राजनेताओं और राजनीतिक पार्टियों के बीच टकराव देखने को मिल सकता है। साथ ही इस दौरान कई नए गठबंधन देखने को मिलेंगे जिनका प्रभाव न्यूनतम होगा । पेट्रोल डीजल के रेट में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
जून माह में भारत के राजनीतिक, सामाजिक, और आर्थिक क्षेत्रों में अस्थिरता अनिश्चितता और उथल पुथल रहने के संकेत हैं। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन आदि की घटनाएं देखने को मिल सकती है।

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