ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा पर दीपोत्सव मनाया गया

राम आयेंगे, सृष्टि में प्रेम और खुशियां लायेंगे : ब्रह्माकुमारी मोहिनी दीदी
सिलवानी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिलवानी सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मोहिनी दीदी ने श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएं देते हुए कहा, कि श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीरामचंद्र जी की प्राणप्रतिष्ठा होने जा रही हैं। इस समय पूरा भारत राममय हो गया हैं। भारत का बच्चा-बच्चा जय जय श्री राम के उद्घोष से, जोश और उमंग-उत्साह से परिपूर्ण हैं। प्राण शब्द का अर्थ है जीवन और प्रतिष्ठा का अर्थ है स्थापना। यह एक पवित्र प्रतिष्ठा अनुष्ठान है जो एक मूर्ति में प्राण फूंकता है, उसे एक दिव्य शक्ति में बदल देता है। वैसे ही हम सब भी एक अविनाशी चैतन्य शक्ति हैं और यह शरीर विनाशी हैं। आपने देखा होगा, कि देवी देवताओं के सभी चित्र भारत के उस गौरव को वर्णित करते हैं जब भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। कंचन काया और सिर के चारों तरफ दिव्यता का एक ताज उनकी पवित्रता और संपूर्ण निर्विकारी अवस्था थी। हीरे मणियों से सुशोभित ताज और गले तथा हाथों में पड़े हीरे जवाहरात के आभूषण उस समय की भारत की समृद्धि को दर्शाते हैं। चेहरे पर मुस्कान, आंखों में एक रूहानियत उनकी निश्छल और निष्कपट अवस्था को दर्शाते हैं। केवल भारत के लोग ही इन्हें अपना भगवान मानकर पूजते हैं क्यों? क्योंकि ये देवी देवता केवल भारत की पावन भूमि पर ही होके गए हैं यानी राज्य करके गए हैं जब भारत स्वर्ग के समान था तब शिवालय कहलाता था ।यही वो सृष्टि का स्वर्ण काल था जिसके लिए भारत को सोने की चिड़िया कह कर पुकारा गया। जैसे कि श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम है ऐसे हमें भी परमपिता परमात्मा की हर श्रीमत तथा हर आज्ञा का पालन करते हुए मर्यादाओं के अंदर ही रहकर कार्य करना चाहिए। श्रीराम के समान आदर, सम्मान बिना निस्वार्थ के करना चाहिए जैसे श्री राम ने अपने पिता की हर आज्ञा का पालन करते हुए आगे बढ़े। किसी को कभी छोटे-बड़े की दृष्टि से नहीं देखा सबको एक समान रखा ऐसे हमें भी सबको लेकर चलना है आगे बढ़ाना हैं। साथ ही मेडिटेशन कराकर आत्म-अनुभूति कराई।साथ ही सभी ने दीपक जलाकर आत्म ज्योति सदा जाग्रत रहे यह संकल्प लिया और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर संस्था के जुड़े भाई-बहन, और नगरवासी शामिल रहें।



