धार्मिक

चाहे दुख हो चाहे सुख हो हर स्थिति में भगवान का भजन करना चाहिए : राजकुमार शास्त्री

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । गौरझामर नगर के फोरलाईन के पास चल रही संगीतमय श्री मद् भागवत कथा पुराण सामूहिक ज्ञान यज्ञ जिसमे कथा व्यास पंडित राजकुमार दुबे शास्त्री जी के मुखारविंद से चौथे दिन की कथा में उन्होंने कहा जो व्यक्ति भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना करके भगवान् का भोग लगाता है उसके घर मे अन्न धन की कभी कमी नहीं होती उन्होंने कहा जीवन में अगर घर पर कोई भी अतिथि आ जाए तो उसे कभी भूखा नहीं जाना चाहिए यदि चला जाता है तो अपने पुण्य कम हो जाते हैं और उसके पाप अपने घर छोड़ जाता है भिखारी अगर दरवाजे पर आते है तो समझते हैं कि एक समय था कि मैं भी बड़ा आदमी था लेकिन मैंने कभी किसी को दान नहीं किया तो आज हम भिखारी हो गये उन्होंने कहा इसलिए अगर कोई भिखारी आपके दरवाजे पर आता है तो उसे कभी खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए और उन्होंने कहा भगवान अहंकार, अभिमान और अपने भक्तों का अपमान कभी स्वीकार नहीं करते ,विपत्ति के समय जैसे हाथी का परिवार उसे छोड़ कर चला जाता है ठीक इसी प्रकार मनुष्य जीवन जब बुढ़ापे कि ओर जाता है तो उसका कोई साथ देने वाला नहीं होता सब धन माया का खेल होता है भगवान काम क्रोध लालच सब स्वीकार कर लेते हैं अभिमान और अपने भक्तों का अपमान कभी स्वीकार नहीं करते।

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