ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 11 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 11 जून 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 05:27 PM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथि स्वामी – पंचमी तिथि के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आश्लेषा 11:39 PM तक उपरांत मघा
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध होता है। तथा राशि स्वामी चन्द्रमा है।
⚜️ योग – व्याघात योग 04:47 PM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : बालव – 05:27 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:14:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:42 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:49 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:40 पी एम से 03:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:18 पी एम से 07:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:19 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 09:55 पी एम से 11:39 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, जून 12 से 12:41 ए एम, जून 12
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:23 ए एम से 11:39 पी एम
❄️ रवि योग : 11:39 पी एम से 05:23 ए एम, जून 12
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏼‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग, पारसी बेहमन मासांरभ, महादेव विवाह (उड़ीसा), साईं टेउॅराम पुण्यतिथि, लालू प्रसाद यादव जन्मोत्सव, आचार्य श्रीराम शर्मा की पुण्यतिथि, स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी घनश्यामदास बिड़ला स्मृति दिवस, इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थापना दिवस, नेशनल कॉल योर डॉक्टर डे, केबीजी सिंड्रोम जागरूकता दिवस, स्वतन्त्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल जन्म दिवस, मानसी जोशी – भारतीय पैरा-बैडमिन्टन खिलाड़ी जन्म दिवस, भारत के भूतपूर्व मुख्य निर्वाचन शाहबुद्दीन याक़ूब क़ुरैशी जन्म दिवस, पॉल रत्नस्वामी जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय यार्न बॉम्बिंग दिवस , राष्ट्रीय जीवन को सुंदर बनाने का दिवस, राष्ट्रीय कॉल योर डॉक्टर दिवस, केबीजी सिंड्रोम जागरूकता दिवस, अंतर्राष्ट्रीय लिंक्स दिवस
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
Vastu tips 🌋
अब हम आपको बताते हैं कि मुख्य दरवाजे पर किस तरह खिड़की बनवानी चाहिए। घर बनवाते समय मुख्य दरवाजे, यानि मेन गेट के दोनों तरफ समान आकार की खिड़कियां बनवानी चाहिए। मुख्य दरवाजे के दोनों ओर खिड़कियां बनवाने से एक चुम्बकीय चक्र का निर्माण होता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसके अलावा घर में कुल खिड़कियों की संख्या सम होनी चाहिए न कि विषम।
वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़की खुलने व बंद होने का तरीका भी घर की सुख-शांति बनाएं रखने में बेहद अहमियत रखता है। खिड़कियां हमेशा इस तरह से बनवानी चाहिए कि ये घर के अंदर की तरफ ही खुले न कि बाहर की तरफ। इसके साथ ही खिड़कियां खोलते व बंद करते समय खिड़कियों का आवाज करना भी अच्छा नहीं माना जाता। इसका प्रभाव घर की सुख-शांति पर पड़ता है और इसके कारण परिवार के सदस्यों का ध्यान भंग होता है, इसलिए अगर खिड़कियों में इस तरह की कोई भी समस्या है तो उसे तुरंत ठीक करवा लें।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें गर्मी की वजह से पसीना आता है, जिससे आपको बार-बार प्यास लगती है. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए मौसम के हिसाब से कपड़े चुनें. गर्मियों में हल्के रंग और सूती कपड़े चुनें, जिससे आपकी त्वचा को सांस लेने में सहायता मिले.
मूत्रवर्धक से बचें शराब और कैफीन दो आम मूत्रवर्धक हैं जो पेशाब और डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकते हैं. इनसे बचने से समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है. यदि आपको कैफीन युक्त पेय पदार्थों की तलब है, तो दिन में एक या दो कप तक ही सीमित रहें.
अपनी डाइट को ठीक करें अपने दैनिक आहार में भरपूर मात्रा में कच्ची सब्जियाँ और फल शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो. इससे आपके पानी, विटामिन और खनिजों का सेवन बढ़ जाता है. चिया के बीज निर्जलीकरण को रोकने के लिए जाने जाते हैं. इसलिए, इन बीजों को अपने आहार में शामिल करें.
🥂 आरोग्य संजीवनी 🥃
पपीते की पत्ती का रस पपीते के पत्तियों का रस का सेवन करते ही यह हमारे प्लेटलेट्स काउंट को 24 घंटे के अंदर बढ़ाने लगता है। शोधों के अनुसार यह बहुत ही ज्यादा प्रभावी रूप से प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने में सहायक है। पपीते की पत्तियों का उपयोग पानी में उबाल कर जब पानी आधा रह जाए तब हम इसे उपयोग में ला सकते हैं या फिर पपीते की पत्तियों को धोकर इसका रस निकाल कर ऐसे ही सेवन कर सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान और देवी देवताओं की पूजा करते हुए हमारी पीढ़ियां बीत गई लेकिन आज तक कोई भी न तो फल मिला तथा न हीं देवी देवताओं के दर्शन हुए। तंत्र मंत्र द्वारा पूजा पाठ करके आज तक किसी को सफलता मिली हो ऐसा हमारी जानकारी में कोई भी व्यक्ति नहीं है। प्रत्येक दीपावली को मंत्र जाप करते हुए बरसों बीत गए लेकिन परिणाम कुछ भी नहीं मिला।
हमें देवी देवताओं के दर्शन हुए लेकिन वह तंत्र मंत्र के द्वारा नहीं बल्कि ध्यान की अवस्था में कुंडलिनी के जागृत होने पर हुए। इससे यह तो सिद्ध हो गया कि वास्तव में ही भगवान और देवी देवताओं का अस्तित्व है।
देवी देवता एक या दो नहीं बल्कि कई देवी देवता आंखें बंद करने पर साक्षात दिखाई दिए। भैरव का वाहन काला कुत्ता भी दिखाई दिया। लेकिन हमारा सहस्त्रार चक्र अधूरा रह जाने के कारण हमें देवी देवताओं का दिखना भी बंद हो गया तथा हमारी तीसरे नेत्र की शक्ति भी जाती रही।
इसके बाद मैंने कुंडलिनी में भैरव के कुत्ते को देखकर भैरव को सिद्ध करने के लिए भैरव का शाबर मंत्र 2 वर्ष तक लगातार सुबह-शाम जाप किया लेकिन परिणाम शून्य निकला। इसी प्रकार से देवी-देवताओं के भी 2 वर्ष से मंत्र जाप लगातार कर रहा हूं लेकिन जो देवी देवता हमें कुंडलिनी के अंदर वगैर बुलाए ही दिखाई दिए थे, वह देवी देवता मंत्र जाप करने के बावजूद नहीं दिखाई दिये जबकि कुंडलिनी में केवल 15 या 20 दिन बाद ही कई देवी देवता आंखें बंद करने पर सामने दिखाई दिए।
अब हमारी समझ में नहीं आ रहा है कि कहीं मंत्र जाप करके हमने गलती तो नहीं की? कहीं मंत्र जाप करने का रास्ता गलत तो नहीं है? क्योंकि हमने आज तक किसी को भी तंत्र मंत्र का जाप करके देवी-देवताओं तक पहुंचते हुए भी नहीं देखा है। मंत्र जाप करके कहीं मैं देवताओं ब भगवान से मिलने का रास्ता तो नहीं भटक गया हूं?
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

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