आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 15 जून 2024
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि 02:32 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 08:14 AM तक उपरांत हस्त
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के स्वामी सूर्य और स्वामी ग्रह शुक्र हैं.उत्तराफाल्गुनी के देवता अर्यमा होते हैं।
⚜️ योग – व्यातीपात योग 08:10 PM तक, उसके बाद वरीयान योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 01:19 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 02:32 ए एम, जून 16 तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 1154 ए एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 04:28 ए एम, जून 16 से 06:16 ए एम, जून 16
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 16 से 12:42 ए एम, जून 16
❄️ रवि योग : 08:14 ए एम से 05:23 ए एम, जून 16
🏎️ यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-शनिदेव का काले तिल मिश्रित तिल के तेल से अभिषेक करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवियोग, राजस संक्रांति (उड़ीसा), पद्म भूषण से सम्मानित देवी प्रसाद राय चौधरी जन्म दिवस, राधा स्वामी सत्संग’ संस्थापक शिव दयाल साहब स्मृति दिवस, वैश्विक पवन दिवस, सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे जन्म दिवस, राष्ट्रीय मुस्कान शक्ति दिवस, विश्व मार्टिनी दिवस है, राष्ट्रीय लॉबस्टर दिवस, प्रकृति फोटोग्राफी दिवस, बीयर दिवस ब्रिटेन, विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏠 Vastu tips 🏡
आप जेड प्लांट का पौधा अपने कमरे में या फिर अपने ऑफिस डेस्क में रखना चाहते हैं तो इसे दक्षिण-पूर्व कोने में रखना अत्यधिक शुभ होता है. इस स्थान पर रखने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है.
छात्रों को अपने स्टडी रूम में भी जेड प्लांट का पौधा रखना चाहिए. इसे आप अपने स्टडी टेबल पर पश्चिम दिशा में रख सकते हैं. इससे एकाग्रता बढ़ती है. इसके साथ ही ऑफिस में पश्चिम दिशा में जेड प्लांट लगाने से उन्नति होती है.
परिवार को खुशहाली देने के साथ दीर्घायु बनाता है. यदि आपकी तबीयत खराब रहती है, घर का कोई सदस्य बीमार रहता है तो आप जेड प्लांट का पौधा रखें. इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जेड प्लांट को धन का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे कभी भी गंदगी या फिर अंधेरे स्थान पर नहीं रखना चाहिए.
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पानी में फिटकरी डालकर नहाने के फायदे
थकान और दर्द में राहत- पानी में फिटकरी डालकर नहाने से दिनभर की थकान उतर जाती है। इससे मांसपेशियों को राहत मिलती है। अगर आप किसी फिजिकल एक्टिविटी के बाद थक गए हैं तो फिटकरी डालकर पानी से नहाएं। बच्चों को पैरों में दर्द होने पर फिटकरी वाले गुनगुने पानी से पैरों की सिकाई करनी चाहिए। गर्म पानी में फिटकरी डालकर पैर रखने से काफी आराम मिलता है।
बदबू होगी दूर- गर्मी में पसीने की बदबू सबसे ज्यादा परेशान करती है। अगर आप बार बार परफ्यूम लगाना नहीं चाहते हैं तो फिटकरी वाले पानी से नहाना शुरू कर दें। फिटकरी में जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं जो शरीर की बदबू को दूर करते हैं और दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं। फिटकरी वाले पानी से नहाने पर आप लंबे समय तक तरोताजा महसूस करते हैं।
🪻 आरोग्य संजीवनी ☘️
चिलगोजा ( pine nuts ) एक गर्म तासीर वाला महंगा ड्राई फ्रूट है , सर्दी – खांसी , सांस फूलने , गठिया , स्किन की सुंदरता बढ़ाने , शरीर को गर्म रखने और शारीरिक कमजोरी में चिलगोजा की छोटी मात्रा लेकिन अनियमित अंतराल पर ली जा सकती है ।
चिलगोजा बाजार से छिलका सहित लें और
इसकी गिरी को भिगो कर या भून कर या सब्जी में डाल कर , पाउडर या पेस्ट के रूप में प्रयोग करें । वयस्क के लिए 4 या 5 गिरी पर्याप्त है ।
भरपूर पोषक तत्वों से भरे इस सुपर फूड का इस्तेमाल महिलाएं गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान करती है वही पुरुषों में यह प्रजनन क्षमता बढ़ाने में मदद करता है ।
अवसाद और अनिंद्रा के अलावा यह कमजोर हड्डियों , रक्त की कमी , मधुमेह के खतरे को कम करने और मांसपेशियों को रिलैक्स करने में उपयोगी पाया गया है ।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आत्म ज्ञान की उच्चतम अवस्था इसके शब्दों में ही छिपी है :आत्म + ज्ञान अर्थात अपने आप को पहचानना.
★आत्मा का वास शरीर में है ।जीव में बद्ध आत्मा को जीवात्मा का नाम दिया जाता है । इस जीवात्मा को यह बोध नहीं हो पाता है कि वह परमात्मा का परमतत्व का ही अंश है।उसे अपने परमात्मा स्वरूप होने का बोध नहीं होता है ।हम सदैव अपने बोध को शरीर से ही जोड़ते हैं कि मैं अर्थात मेरा शरीर। इसलिए यह बोध हो जाना कि: मैं शरीर नहीं हूँ जो पञ्च महाभूतों से बना है और जो अनित्य है नाशवान है ,
बल्कि मैं शुद्ध चैतन्य स्वरुप आत्मा हूँ जो परमात्मा का अंश है, सर्व व्यापी चेतना है. यह स्वरूप बोध ही तत्व बोध है जैसा कि आगे कहा गया है।
◆यही आत्म ज्ञान की उच्च अवस्था है।
◆यही वास्तविक तत्व ज्ञान है।इसे आत्मज्ञान के स्थान पर आत्म बोध कहना बेहतर होगा.
आत्म ज्ञान या आत्म बोध की उच्च अवस्था में साधक को यह बोध हो जाता है कि जो सर्व व्यापी आत्माओं की आत्मा ब्रह्म है- वही में हूँ।श्वेतकेतु को उद्दालक ऋषि ने यही समझाया है: वह परमतत्व तू ही है श्वेतकेतु:
“…तत्त्वमसि श्वेतकेतु….” (तत त्वम असि)
◆इस आत्म बोध होने पर साधक सर्वव्यापी चेतना का अंश होने की अनुभूति करता है इसलिए सभी प्राणियों में स्वयं की और स्वयं में सभी प्राणियों सहित चराचर जगत की स्थिति की अनुभूति उसे होती है .
●इस कारण ऐसे सिद्ध पुरुष में सभी प्राणियों के प्रति निश्छल और अहेतुक प्रेम का सहज भाव आ जाता है. यही कारण है कि उसके निकट हिंसक पशु भी निर्भय होकर बैठे देखे जा सकते हैं .
●सर्व व्यापी चेतना का अंश महसूस करने का अनुभव परमहंस योगानंद ने योगी आत्मकथा में लिखा है कि जब उनके गुरु परमहंस नित्यानंद जी ने ऐसी दिव्यानुभूति का अनुभव देने के लिए उनको थोड़ा सा थपथपा दिया तो उनके सामने का सम्पूर्ण दृश्य एकदम दूर दूर तक पारदर्शी हो गया सब कुछ अपने में ही घटित होता सा दीखता रहा था
(शेष कल)
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।



