आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 23 जून 2024
23 जून 2024 दिन रविवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज गुरुहर गोविंदसिंह जी की जन्मजयन्ती है। आप सभी सिख भाइयों को गुरुहरगोविंद सिंह जी के जन्म जयन्ती की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 03:26 AM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है । द्वितीया तिथि के स्वामी सृष्टि के रचियता भगवान ‘ब्रह्मा’ जी हैं। इसका विशेष नाम ‘सुमंगला’ है। यह भद्रा संज्ञक तिथि है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 05:03 PM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र है तो राशि स्वामी शुक्र। और जल के देवता वरूण देव हैं।
⚜️ योग – ब्रह्म योग 02:26 PM तक, उसके बाद इन्द्र योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 04:21 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 03:25 ए एम, जून 24 तक वणिज
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:04 ए एम से 04:44 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:24 ए एम से 05:24 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:51 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:43 पी एम से 03:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:22 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 12:26 पी एम से 01:58 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, जून 24 से 12:44 ए एम, जून 24
🌸 त्रिपुष्कर योग : 05:03 पी एम से 03:25 ए एम, जून 24
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:03 पी एम से 05:25 ए एम, जून 24
🚕 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को लाल वस्त्र भेंट करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग/सर्वार्थसिद्धि योग/ भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी पुत्र संजय गाँधी स्मृति दिवस, संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस, अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस, इसे जाने दो दिवस, राष्ट्रीय जलयोजन दिवस, राष्ट्रीय पेकन सैंडीज़ दिवस, हरिभाऊ देशपांडे, गंधर्व-युग के अरगनिस्ट स्मृति दिवस, अन्तरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ का स्थापना दिवस, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति दिवस, सामाजिक कार्यकर्ता चण्डी प्रसाद भट्ट जन्म दिवस, हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
घर में कभी भी आपको टूटा हुआ सामान नहीं रखना चाहिए, इसके साथ ही बासी खाना, सूखे हुए फूल भी घर के अंदर नहीं होने चाहिए। इन चीजों को घर में रखने से माता लक्ष्मी की कृपा रुक सकती है। वहीं ये चीजें अगर आप समय रहते ही घर से बाहर कर देते हैं तो कई परेशानियां आपके जीवन में नहीं आती।
अगर घर बनने के बाद वास्तु दोष किसी वजह से उत्पन्न हो जाता है तो आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि घर में कभी भी ऐसा फर्नीचर न लाएं जो तिकोना हो। हमेशा घर का फर्नीचर गोल या चौकोर होना चाहिए। घर में अगर बेडोल आकार का फर्नीचर रखते हैं तो आर्थिक नुकसान आपको हो सकता है।
आपको घर के किचन में कभी भी दर्पण नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से कई तरह की परेशानियां आपके जीवन में आ सकती हैं, किचन में दर्पण होने से घर के लोगों का स्वास्थ्य बार-बार खराब हो सकता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
यदि कोई व्यक्ति में तनाव और डिप्रेशन की समस्या हैं तो उन्हें गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना चाहिए। इससे ब्रेन सेल्स मजबूत हो जाते हैं और डिप्रेशन से छुटकारा भी मिल जाता हैं।
डिमेंशिया की बीमारी शायद आपको पता ना हो तो बतादें की डिमेंशिया एक मानसिक बीमारी हैं। जिसमे इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती हैं। बतादें की ऐसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाने में लिए गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करना सबसे लाभकारी साबित होता हैं।
दिल की बीमारी आपको बतादें की गर्म पानी के साथ गुड़ का सेवन करने पर दिल की कार्य प्रणाली काफी ज्यादा अच्छी रहती हैं। इससे दिल संबंधित सारी बीमारी कम हो जाती हैं।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
थाइराइड की दवा सिद्ध आयुर्वेदिक योग
🩻 थायराइड की दवा
अखरोट – 300 ग्राम
मैथी दाना – 250 ग्राम
अजवायन- 100 ग्राम
बादाम – 100 ग्राम
काली मिर्च – 50 ग्राम
सेंधा नमक – 50 ग्राम
मैथी दाना को थोड़ा भून लेना है । सभी औषधियों को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें।
मात्रा – 3 से 5 ग्राम दिन में 3 बार ऐलोवेरा रस के साथ ले। ऐलोवेरा रस बाजार से न लें ।खेत या गमला से ले । 3 चम्मच ऐलोवेरा रस एक ग्लास पानी में मिलाकर पीएं और दवा ले ।
👉🏽 नोट -सफेद नमक बिल्कुल बंद कर दें । सेंधा नमक ही प्रयोग करे।
गुरु भक्ति योग
शिव को गुरु बनाने की विधि
आंखें बंद करके आराम से बैठ जायें.
भगवान शिव से कहें हे शिव मै आप को अपना गुरु बनने का आग्रह कर रहा हूं. आप मुझे शिष्य के रूप में स्वीकार करें !
▪️ दोनों ऊपर हाथ उठाकर ब्रह्मांड की तरफ देखते हुए 3 बार घोषणा करें. कहें- अखिल अंतरीक्ष सम्राज्य में मै घोषणा करता हूं कि शिव मेरे गुरु हैं मै उनका शिष्य हूं. शिव मेरे गुरु हैं मै उनका शिष्य हूं. शिव मेरे गुरु हैं मै उनका शिष्य हूँ !
तथास्तु. घोषणा दर्ज हो. हर हर महादेव.इससे भगवान शिव अपनी ही तय शास्त्रीय व्यवस्था के मुताबिक आग्रह करने वाले को शिष्य के रूप में स्वीकार कर लेते हैं. इसी कारण उसी दिन से जीवन बदलने लगता है !
शिव गुरु को साक्षी बनाकर शुरु किये कार्यों में रुकावटें नही आतीं. इसलिये जो भी काम करें उसके लिये भगवान शिव को पहले साक्षी बना लें. कहें- हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं आपको साक्षी बनाकर ये कार्य करने जा रहा हूं. इसकी सफलता के लिये मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें !
हर रोज शिव गुरु से कम से कम तीन बार कहें- हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें. हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें. हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें !
हर रोज शिव गुरु को नमन करें. इसके लिये शांत मन से कुछ मिनटों तक जपें – नमः शिवाय गुरुवे
भगवान शिव को राम नाम सबसे अधिक प्रिय है. वे खुद भी सदैव इसका ध्यान करते रहते हैं. इसलिये उन्हें गुरु दक्षिणा के रूप में उनकी सबसे प्रिय चीज राम राम ही अर्पित करें !
·············••●◆❁✿❁◆●••··············
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।

