मध्य प्रदेश

माला जलाशय में जारी है मछली पकड़ने का खेल, बंद सीजन में भी की जा रही लाखों की कमाई

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । दमोह जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत जबेरा माला जलाशय जहां एक और शासन, प्रशासन द्वारा 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई है, वही दूसरी और जिले के सबसे बड़े माला जलाशय में दिन रात मछली पकड़ने का कार्य किया जा है। अधिकारियों के लिए इसका तनिक भी आभास नहीं है जबकि पूरे क्षेत्र को इसकी खबर है, माला जलाशय में शून्य नदी का पानी भराव लेता है इस वर्ष अभी तक इतनी बारिश भी नहीं हुई की तालाब भरा हो, सूत्रों की जानकारी अनुसार मछली पर रोक के बाद भी इस जलाशय में से भारी मात्रा में मछली पकड़ने का कार्य किया जा रहा है, सूत्र बताते हैं कि एक दिन में लाखों रुपए की मछली पकड़ी जाती है, मछली पकड़ने वाले मछुआरों को 25 से 30 रु किलोग्राम के हिसाब से रुपए ठेकेदार द्वारा दिए जाते है, जबकि ठेकेदार द्वारा दमोह और जबलपुर में मछली बेचकर लाखो रुपए कमाएं जाते है, इस संबंध में मत्स्य विभाग सहायक संचालक सुरेन्द्र कुर्मी से फोन माध्यम से बात हुई इनका कहना है कि 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्णतः प्रतिबंध है, क्यों इस समय मछली अंडा देती है हमें आपके द्वारा जानकारी लगीं हैं। मछली पकड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी ।मछली पकड़ने का कार्य चल रहा है दो तीन घण्टे पहले बताइए तो वहा पहुंचकर पकड़ने की कार्यवाही की जाएगी सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों के पास मोटी रकम पहुंचती हैं इसलिए आधिकारियो द्वारा बंद सीजन में भी मछली पकड़ने का कार्य करा जा रहा है, प्रशासन के अधिकारी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं न कि दमोह जिले में कुछ ही तालाब ऐसे है जिनमें नदियों का पानी रुकता है। जिले के मुखिया भी ऐसे मामलों पर ध्यान दें । खबर प्रकाशन के बाद मुखिया द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है, देखना होगा ?

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