आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🎗️ आज का पंचाग 🎗️
सोमवार 19 अगस्त 2024
आप सभी सनातनियों को हरियाली पूर्णिमा एवं भाई बहन के हर्षोल्लास रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास समाप्ति
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 11:55 PM तक उपरांत प्रतिपदा
📝 तिथि स्वामी – पूर्णिमा तिथि के देवता हैं चंद्रमा। इस तिथि में चंद्रदेव की पूजा करने से मनुष्य का सभी जगह आधिपत्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र श्रवण 08:10 AM तक उपरांत धनिष्ठा 05:45 AM तक उपरांत शतभिषा
🪐 नक्षत्र स्वामी – श्रवण नक्षत्र भगवान विष्णु द्वारा शासित है और इसका स्वामी ग्रह चंद्र हैं।
⚜️ योग – शोभन योग 12:47 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 01:32 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – बव – 11:55 पी एम तक बालव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:35:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:25 ए एम से 05:09 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:47 ए एम से 05:53 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:51 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:35 पी एम से 03:27 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:56 पी एम से 07:18 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:56 पी एम से 08:02 पी एम
💧 अमृत काल : 08:24 पी एम से 09:50 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, अगस्त 20 से 12:47 ए एम, अगस्त 20
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:53 ए एम से 08:10 ए एम
❄️ रवि योग : 05:53 ए एम से 08:10 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिवलिंग का गाय के दूध से अभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ हरियाली पूर्णिमा/ तैत्तिरीय श्रावणी/ ऋक शुक्ल यूज- श्रावणी/ हयग्रीवोत्पत्ति/ शिव पूजन/ अमरनाथ यात्रा/ हिरण्यकेशी श्रावणी/ झूलन यात्रा समाप्ति/ बलभद्र पूजा (उड़िसा)/ पूर्णिमा समाप्ति रात्रि 11.55/ पंचक प्रारम्भ 18.59/ रक्षा बंधन, झूला पूर्णिमा, विश्व मानवतावादी दिवस, बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयन्ती, अंतर्राष्ट्रीय बेघर पशु दिवस, राष्ट्रीय विमानन दिवस, राष्ट्रीय आलू दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ओरांगुटान दिवस, राष्ट्रीय मूविंग दिवस (यूके), टॉक लाइक जार जार बिंक्स दिवस, विश्व फोटोग्राफी दिवस, राष्ट्रीय विमानन दिवस, अफगान स्वतंत्रता दिवस (अफगान विजय दिवस), डॉ शंकरदयाल शर्मा जयन्ती, हजारीप्रसाद द्विवेदी जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
🏘️ Vastu tips 🛕
वास्तु शास्त्र के अनुसार चांदी से बनी चीजें उपहार में देना या पाना दोनों ही बहुत शुभ होता है। इससे मां लक्ष्मी की कृपा होती है। साथ ही आपको कभी भी धन-दौलत की कमी नहीं रहती।
हाथी का जोड़ा हाथी समृद्धि, साहस और ज्ञान का प्रतीक है। यह परिवार में धन और सौभाग्य लाने के लिए जाना जाता है। ऐसे में गिफ्ट में हाथी का जोड़ा देना या मिलना बेहद शुभ होता है। लेकिन अगर हाथी चांदी, पीतल या लकड़ी से बनी हों तो ज्यादा अच्छा रहेगा। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी किसी कांच की हाथी गिफ्ट में न दें।
7 घोड़े की तस्वीर वास्तु शास्त्र के अनुसार 7 घोड़ों की तस्वीर तोहफे में देना या लेना बहुत शुभ माना जाता है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार
द्र्वगुण विज्ञान के मुताबिक अश्वगन्धा, दशमूल, शुद्ध गूगल, निर्गुन्डी, एरण्ड, रास्ना, महवात विध्वंसन रस, एकांग्वीर रस, त्रिलोक्य चिंतामणि रस स्वर्णयुक्त आदि 54 तरह की जड़ीबूटियों द्वारा इसे रोका जा सकता है।
इस योग से निर्मित ऑर्थोकी गोल्ड माल्ट Orthokey Gold Capsule एक महीने दूध या जल से नियमित लेवें। ऑनलाइन मिलेगा
सुबह की धूप में बैठकर पूरी देह की ऑर्थोकी पैन ऑयल से मालिश कराना अत्यंत हितकारी होता है।
यह दवाएं थायराइड के अतिरिक्त सभी 99 तरह के वातविकारों को जड़ से मिटाने में सहायक है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
आइये जानते हैं हल्दी वाला पानी पीने के फायदे-
हल्दी को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे शरीर स्वस्थ बनता है।
हल्दी में एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। हल्दी का सेवन हमारे शरीर को इंफेक्शन से बचाता है।
शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन, चोट का दर्द, जोड़ों का दर्द होने पर हल्दी वाला पानी पीने से आराम मिलता है।
ये पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है तथा गैस, कब्ज जैसी परेशानियों को दूर करता है।
सुबह खाली पेट हल्दी वाला पानी पीने से त्वचा स्वस्थ व चमकदार बनती है।
हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन याददाश्त को तेज करता है प्रतिदिन हल्दी वाले पानी का सेवन करने से एकाग्रता बढ़ती है।
हल्दी में बैक्टीरिया-रोधी गुण होते हैं जो घाव को भरने में मदद करते हैं हल्दी आर्थराइटिस की समस्या में भी लाभकारी है।
हल्दी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है सर्दी-जुकाम, फ्लू, इंफेक्शन के खतरे को कम करती है।
हल्दी का सेवन ग्लूकोज के लेवल को कम करता है तथा डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करता है।मधुमेह के रोगियों के लिए हल्दी वाला पानी रामबाण की तरह काम करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आज हम आपको बताएंगे कि, वो कौन से कार्य हैं जो हमें सुबह उठकर करने चाहिए। इन कार्यों को करके न केवल आप ऊर्जावान बनते हैं बल्कि जीवन में सफलता भी आपको प्राप्त होती है। आइए विस्तार से जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से की इन शिक्षाओं के बारे में।
सुबह सूर्योदय से पहले जाग जाएं जीवन में सफल होने के लिए सुबह जल्दी उठने की आदत आपको डालनी चाहिए। जो लोग सूर्योदय के बाद जागते हैं उनको जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों में ऊर्जा की कमी भी होती है और नकारात्मकता भी, इसलिए सुबह आपको सूर्योदय से पहले जागने की आदत डालनी चाहिए।
सुबह के समय करनी चाहिए कसरत सुबह उठकर कसरत करने को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं। जो लोग सुबह उठकर कसरत करते हैं उनमें दिन भर ऊर्जा बनी रहती है। कसरत न केवल आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती है, बल्कि इससे आपको मानसिक बल भी प्राप्त होता है। सुबह के समय कसरत करने से पाचन तंत्र भी सही रहता है और आप बीमार पड़ने से बचते हैं। इसलिए कहते हैं कि, सुबह के समय कसरत करने की आदत सब में होनी चाहिए।
सूर्य को जल का अर्घ्य दें सुबह के समय जल को अर्घ्य देना भी आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार बहुत शुभ होता है। सूर्य को अर्घ्य देने का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व तो है ही, साथ ही आज विज्ञान भी इस बात को मानता है कि, सूर्य को अर्घ्य देने से सकारात्मकता हमें मिलती है, क्योंकि सुबह के समय सूर्य की किरणों में ऐसी ऊर्जा होती है जो हमारे स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव डालती हैं और हमारे मन पर भी। इसलिए आचार्य जी के अनुसार आपको सुबह सूर्य को अर्घ्य अवश्य देना चाहिए।
पर्याप्त मात्रा में पिएं पानी सुबह उठकर पर्याप्त मात्रा में आपको पानी का सेवन करना चाहिए। सुबह के समय पानी पीने से शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। इससे आपका पाचन तंत्र भी मजबूत होता है और दिनभर आप तरोताजा बने रहते हैं। ··············••●◆❁✿❁◆●••··············•
⚜️ हमारे वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। आज दत्तात्रेय भगवान जी की जन्म जयन्ती है। जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।



