पुजारी ने प्राचीन मूर्ति की छेड़छाड़, ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा

सिलवानी । ग्राम कुंवरखेड़ी के श्रीराम जानकी मंदिर की प्राचीन लगभग 500 वर्ष पुरानी स्थापित भगवान श्री लडडू गोपाल की मुर्ति को खण्डित करके पुजारी एवं उसके परिवार द्वारा मूर्ति को चोरी करके दूसरी मूर्ति स्थापित करने पर कार्यावाही करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम एवं एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को सिलवानी तहसील के ग्राम ग्राम कुंवरखेडी के ग्रामीण जनों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम प्रकाश नायक एवं एसडीओपी अनिल मौर्य को ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम कुवरखेडी में श्री रामजानकी मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है जिसमें अष्टधातु की मूर्ति स्थापित होकर भगवान विराजमान है उक्त मंदिर में नारायण प्रसाद पुजारी भगवान की पूजा-अर्चना करते है उक्त प्राचीन मंदिर सार्वजनिक है। जिसमें सभी ग्रामवासी पूजा अर्चना सभी धार्मिक कार्याक्रम करते है मंदिर की देखभाल करने वाले पुजारी नारायण प्रसाद के दो लड़के जिसमें बडा लड़का अशोक ‘शर्मा तथा छोट लड़का महेश ‘शर्मा है। जिसमें बड़े लड़के अशोक ‘शर्मा द्वारा चोरी छिपे वर्षों से स्थापित भगवान श्री लडडू गोपाल जी की मूर्ति को दिनांक 17 जुलाई 2024 चुराकर उदयपुरा ले जाकर दूसरी पीतल की मूर्ति कुंवरखेडी के मंदिर में विराजमान कर दी गई है। इसकी सूचना पुजारी एव परिवार द्वारा ग्रामीणों को नहीं दी जब गांव वाले मंदिर में पूजा-अर्चना के लिये मंदिर में गये तब उन्होने देखा की लडडू गोपाल की मूर्ति देखी तो बताया की वह मूर्ति नही है। गांव वाले एकतित्र होकर जिसकी लिखित सूचना 19 जुलाई 2024 को जैथारी चौकी प्रभारी को ग्रामवासियो एवं राघवेन्द्र व नवनीत के द्वारा पुलिस चौकी जैथारी को दी गई। वहा से दुसरे दिन मंदिर पर आकर पुलिस ने पुछताछ की तो पुजारी के छोटे लड़के महेश मिला जिसने कहा की मूर्ति यही है पुलिस ने देखा की मुर्ति नई है पुरानी मुर्ति नहीं है और पुलिस ने सख्ती पुछा तब उसने बताया की मुर्ति को बड़े अशोक ‘शर्मा नर्मदा जी ले गये है। तब पुलिस वालो ने कहा की मुर्ति को वापिस लेकर आओं बिना बताये कैसे ले गये न किसी से पुछा न किसी से कहा तब दूसरे दिन अशोक ‘शर्मा मुर्ति का सिर अलग कर पुलिस एवं ग्राम वासियों के सामने वापिस लेकर आये और कहा और बाते बनाई की मूर्ति खण्डित हो गई थी तो मैने नर्मदा जी में विसर्जित कर दी थी उक्त संबध में ग्रामवासियो द्वारा पुलिस में विधि अनुसार कार्यावाही करने का निवेदन किया था लेकिन पुलिस द्वारा कोई समुचित कार्यवाही नहीं गई।
ग्रामीणों ने बताया कि प्राचीन मूर्ति जी अष्टधातु की थी, उसके स्थान पीतल की मूर्ति स्थापित की गई। जिसकी जांच कार्यवाही की मांग की है।
इस अवसर पर नवनीत रघुवंशी, नेतराम, नारायण सिंह, राहुल, रवि, पुष्पेन्द्र, अभिषेक, तुलसीराम, मस्तराम आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।




