मध्य प्रदेश

ग्राम पंचायतो में लगाये जा रहे फर्जी बिल अधिकारी सो रहे कुंभकरण की नीद

फर्जी बिल धारक जनपद सीईओ और सरपंच सचिव की मिली भगत से शासन को लगा रहे लाखों का चूना
रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा । टीकमगढ़ जिले की दो जनपद पंचायतें पलेरा और जतारा इन दिनों भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है इन जनपद पंचायतो के अंतर्गत आने वाली लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जमकर भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है आपको बता दे की पलेरा और जतारा की ग्राम पंचायतो में फर्जी बिल लगाने का फैशन बन गया है सरपंच सचिव बिना जीएसटी के फर्जी बिल लगाकर लाखो की राशि आहरण कर जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों की मिली भगत से राशि बंदर बांट कर रहे है जनता के विकाश के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली राशि से अपना घर भर रहे है सरपंच सचिव फोटो कॉपी के नाम पर प्राइवेट दुकानों के फर्जी बिल लगाकर लाखो रूपये की राशि आहरण कर रहे है किताबो की दुकानों पर मिठाई के फर्जी बिल लगाये जा रहे है सीमेंट की दुकान पर रेत के बिल लगाये जा रहे है जबकि रेत की लीज बंद पड़ी है सीमेंट की दुकान पर रेत मिलना सवाल खड़े करता है की शासन के ऐसे कौन से अधिकारी है जो दुकानदारों को रेत बेचने की इजाजत दे रहे है और यदि इजाजत नहीं दी है तो फिर दुकानदार फर्जी बिल लगाकर रेत कैसे बेच रहे है इन पर कार्यवाही अधिकारियों के द्वारा क्यों नहीं की जा रही है ऐसे में अधिकारियों पर सवालियाँ निशान खड़े होते है जब ग्राम पंचायतों में फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण की जाती है लेकिन जनपद के सीईओ द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है जिससे जनपद के सीईओ भी भ्रष्टाचार से लिप्ती के घेरे में आते है पलेरा में कुछ दुकानदारों के द्वारा फर्जी बिल लगाये जा रहे है अकरम फ्लेक्स फोटो कॉपी के व शिव ट्रेडर्स बिल्डिंग मैटेरियल रामजी शर्मा हरकनपुरा के द्वारा फर्जी मैटेरियल के फर्जी बिल कई ग्राम पंचायतो में लगे हुए है।ऐसा ही मामला जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत हरकनपुरा में देखने को मिला है यहां की सरपंच रीता राय और सचिव महेश सिसोदिया ने फोटो कॉपी, मिठाई, पंचायत कार्यालय की स्टेशनरी,और पंचायत में होने वाले कार्यक्रमों के नाम पर लाखो के फर्जी बिल लगाकर जनपद के अधिकारियों की मिली भगत से राशि आहरण कर ली है जिसकी शिकायत पलेरा जनपद सीईओ सिद्धोपाल वर्मा व एसडीएम जतारा से हरकनपुरा पंचायत उपसरपंच के द्वारा की गई थी लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जब से जनपद सीईओ सिद्ध गोपाल वर्मा के द्वारा जतारा और पलेरा दो जनपद पंचायतो का प्रभार संभाला गया है तब से भ्रष्टाचार अपनी चर्म सीमा पर है इनके द्वारा भ्रष्टाचार करने वाले सरपंच सचिव पर कार्यवाही नहीं की जाती है जनपद सीईओ सिद्धोपाल वर्मा द्वारा सरपंचों को भ्रष्टाचार के प्रति खुली छूट दी जा रही है।
इस संबंध में अतुल खटीक ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिनिधि का कहना है कि आपके द्वारा जानकारी मिली है की पंचायतों में फर्जी बिल लगाए जा रहे है मैं जानकारी करवाता हूं यदि ऐसा होगा तो कार्यवाही की जाएगी।
शैलेंद्र सिंह एसडीएम जतारा का कहना है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि के लिए मैं जनपद सीईओ से इस संबंध में जानकारी लेकर आपको अवगत कराता हूं आप मुझे बिल भेज दीजिए मैं जांच करवाता हूं।

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