मध्य प्रदेश

सड़क किनारे बिजली 11 केवी लाइन विस्तारीकरण के नाम पर ठेकेदार ने काट दिए दर्जनों हरे भरे पेड़

ग्रामीणों किसानों का आरोप जिम्मेदारों की लापरवाही से हो रही हरे पेड़ों की कटाई
बिजली विभाग 11 केवी लाइन खड़ी करने के नाम पर ठेकेदार ने दी दर्जनों पेड़ों की बलि,चढ़ाई कड़ी कार्रवाई की मांग

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । दमोह जिले जबेरा तहसील के अंतर्गत विद्युत वितरण केंद्र हरई सिगौरगढ़ की ग्राम पंचायत मुड़ारी में राजघाट दिनारी मार्ग पर इन दिनों 11 केवी लाइन की विस्तारीकरण का कार्य ठेकेदार के द्वारा करवाया जा रहा है जिसमें ठेकेदार के द्वारा 11 केवी लाइन के विस्तारीकरण के नाम राजस्व विभाग से बिना अनुमति और विद्युत विभाग को जानकारी दिए बिना दर्जनों हरेभरे फलदार वृक्षों को काट दिया गया है। भानसिंग ठाकुर .गणेश ठाकुर कनछेदी वंशवर्ती वंशवर्ती खिलान अहिरवाल।खुमानसिंह गोविंद पीयूष बांसवर्थी किसानों का कहना है आम जामुन नीम बामूरा बाबुल के 30 से अधिक वृक्षों को उनके खेतों से लगे सड़क किनारे काट दिया गया और सौ से अधिक वृक्षों को ठेकेदार के द्वारा काटा जाना है तब कही बिजली विभाग 11 केवी लाइन खड़ी हो पाएगी किसानों के द्वारा आरोप लगाया गया है इसकी जानकारी राजस्व विभाग और विद्युत वितरण केंद्र के अधिकारियों को काटे गए पेड़ों की फोटो और वीडियो व्हाट्सएप पर सेंड करने के वावजूद आला अफसरो द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पेड़ो की कटाई जड़ मूल से आरा मशीन चलकर की जा रही है सड़क किनारे किनारे लगे इन वृक्षों सिर्फ इसलिए काटा जा रहा है क्योंकि यहां दी 11 केवी लाइन के खंबे खड़े करना अधिकारियों के द्वारा ठेकेदार को सिर्फ जरूरी होने पर टहनियां काटने को कहा गया था लेकिन ठेकेदार के द्वारा आरा मशीन चलाकर पेड़ो को जड़मूल से काटने का आरोप स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा लगाया जा रहा है बता दे जहां शासन प्रशासनके द्वारा बृहद स्तर पर “एक पेड़ मां के नाम अभियान” चलाकर एक एक पोधा लगाए जा रहे और पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने की कसमें खाई जा रही हैं वहीं दूसरी और हरे भरे पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई ठेकेदार के द्वारा की जा रही और प्रशासन के द्वारा ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है विद्युत वितरण केंद्र तेजगढ़ हर्रई के जेई महेश महतो का कहना है ठेकेदार के द्वारा पेड़ों की कटाई का मामला हमारे संज्ञान में नहीं 11 केवी लाइन का विस्तारीकरण जरूर किया जा रहा है लेकिन जरूरत पड़ने पर पेड़ों की ढहनियों की छटाई तो एक हद तक जनहित के कार्यों की जा सकती है लेकिन पेड़ों को यदि जड़मूल से काटा गया है तो मैं ठेकेदार से बात करता हूं ऐसा नहीं होना चाहिए।
नोहटा उप तहसील नायब तहसीलदार राजेश साहू का कहना है ठेकेदार के द्वारा पेड़ों की कटाई की कोई अनुमति नहीं ली गई है मैं पटवारी को भेज कर जांच करवाता हूं।

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