धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 06 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 06 दिसम्बर 2024
06 दिसम्बर 2024 दिन शुक्रवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि है। आज श्रीरामविवाहोत्सव है, जिसे विवाह पञ्चमी भी कहा जाता है। अर्थात आज ही भगवान श्रीराम एवं माता सीता का विवाह हुआ था। आज पञ्चमी तिथि को नाग देवता की पूजा पुरे मन से की जाती है, इसलिए आज की पञ्चमी को दूसरी नागपञ्चमी भी कहा जाता है। आज के दिन तीर्थ में स्नान एवं ब्राह्मणों को दान देने का बहुत ही महत्त्व बताया गया है (स्नानेदानेबहुफलम्)। आज गुरुतेगबहादुर जी का शहीद दिवस भी है। आज ही मध्यान्ह काल में सुब्रह्मण्यम षष्ठी भी मनाया जायेगा। आज रवियोग भी है। आज पूर्व सर्वार्थसिद्धि योग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्रीरामविवाहोत्सव अथवा विवाह पञ्चमी” की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 12:08 PM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र श्रवण 05:18 PM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – श्रवण नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह है। इस नक्षत्र का स्वामी है और ज्ञान तथा विद्या प्रदान करने वाली सरस्वती इसकी देवी हैं।
⚜️ योग – ध्रुव योग 10:42 AM तक, उसके बाद व्याघात योग
प्रथम करण : बालव – 12:07 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 11:39 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:15:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:12 ए एम से 06:06 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:39 ए एम से 07:00 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:33 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:56 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:49 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 06:38 ए एम, दिसम्बर 07 से 08:12 ए एम, दिसम्बर 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:45 पी एम से 12:40 ए एम, दिसम्बर 07
सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:00 ए एम से 05:18 पी एम
❄️ रवि योग : 05:18 पी एम से 07:01 ए एम, दिसम्बर 07
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-श्रीराम जानकी मंदिर में श्रृंगार एवं सौभाग्य सामग्री भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/श्री पंचमी/श्रीराम जानकी विवाहोत्सव/पंचक प्रारंभ/ नागरिक सुरक्षा दिवस, होमगार्ड स्थापना दिवस, भीमराव आम्बेडकर, एक बहुजन राजनीतिक नेता और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी स्मृति दिवस, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक मेजर होशियार सिंह शहीद दिवस, अभिनेत्री बीना राय पुण्य तिथि, अभिनेता राम मोहन पुण्य तिथि, भारतीय प्रशासनिक डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा स्मृति दिवस, अभिनेता प्रवीण कुमार सोबती जन्म दिवस, कपिल देव द्विवेदी अप्रतिम विद्धान जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗽 Vastu tips 🗺️
वास्तु के मुताबिक, पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में दुकान का प्रवेश द्वार कारोबार के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। यदि आप पश्चिम दिशा में प्रवेश द्वार बनवाते हैं तो आपका बिजनेस भी ठीक चलेगा तो कभी बिल्कुल खराब, कभी मंदी रहेगी तो कभी तेजी।
इसके अलावा यदि आप दक्षिण दिशा का चुनाव करते हैं तो यह आपके बिजनेस के लिए और भी बेकार है। आपका बिजनेस बिल्कुल चींटी की तरह धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और आपको पैसों की तंगी बनी रहेगी। लेकिन यहां एक बात ध्यान देने की है कि अगर आप इन दिशाओं का चुनाव खाद्य पदार्थों और मनोरंजन सेवाओं की दुकान के लिए करते हैं तो ये दोनों ही दिशाएं अच्छी मानी जाती हैं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर आपके ऊपर कर्जा हो गया है और आप कर्ज से बहुत ज्यादा परेशान हैं फिर चाहे वह कर्ज आप पर कारोबार से संबंधित है चाहे आपके घर में कोई बीमारी आ गई थी या चाहे आपने घर लोन पर लिया है और उसकी ईएमआई देने में आपको बहुत दिक्कतें आ रही हैं या आपने बच्चों की फीस दी है या बच्चे बाहर भेजे हैं पढ़ाई के लिए उसके कारण कर्ज हो गया है चाहे किसी भी तरह से कर्ज हो गया है तो आप यह दो उपाय कीजिए
आपका कर्जा उतरना शुरू हो जाएगा सबसे पहले आप शुद्ध शहद जहां पर आप सोते हैं उससे एक फुट की दूरी पर सिरानी स्थापित कर दीजिए इससे आपका मंगल मजबूत होगा और यह मंगल शनि राहु को क्रेश करना प्रारंभ कर देगा जिससे आप की जिंदगी में परेशानी आ रही है और जिसके कारण आप कर्ज नहीं उतार पा रहे तो शनि और राहु को शांत करने के लिए हमें मंगल को स्ट्रांग करना है
🍑 आरोग्य संजीवनी 🍓
कलौंजी के तेल में एक अलग प्रकार की चर्बी के टुकड़ा होता है। लिर्नोलेटिक टुकड़ा 60 प्रतिशत और पाश्मेहिक टुकड़ा लगभग 11 प्रतिशत इसमें प्राप्त हैं। इसलिए इसमें स्वतंत्र अम्ल 40 अथवा उससे भी ज्यादा हो सकते है। यह कार्बनिक तेल को आसानी से पानी के रूप में बदल देता है। अधिकतर कलौंजी के बीजों को ही औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके बीजों में एक सेपोनिन नामक पदार्थ होता है। इसके बीजों में निजेलीन नामक कडुवा पदार्थ भी होता है। कलौंजी मूत्र लाने वाला, वीर्यपात को ठीक करने वाला और मासिक-धर्म के कष्टों को दूर करने वाला होता है।
कलौंजी का तेल कफ को नष्ट करने वाला और रक्तवाहिनी नाड़ियों को साफ करने वाला होता है। इसके अलावा यह खून में मौजूद दूषित व अनावश्यक द्रव्य को भी दूर होता है। कलौंजी का तेल सुबह खाली पेट और रात को सोते समय लेने से बहुत से रोग समाप्त होते हैं। गर्भावस्था के समय स्त्री को कलौंजी के तेल का उपयोग नहीं कराना चाहिए इससे गर्भपात होने की सम्भावना रहती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आज हम आपको बातने वाले हैं कि, स्त्री के किन गुणों को बेहद खास माना है। इन गुणों का स्त्री में होना घर को स्वर्ग के सामान बना देता है। ऐसी स्त्रियों से जो भी पुरुष विवाह करता है उसके जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। आइए जान लेते हैं स्त्रियों के इन गुणों के बारे में।
पहला गुण स्त्री का जीवन में कोई न कोई लक्ष्य अवश्य रखना चाहिए। जो स्त्रियां लक्ष्य विहीन होती हैं वो व्यर्थ की बातों में अपना समय बर्बाद कर देती हैं, इससे उनके घर परिवार पर भी बुरा असर पड़ता है। वहीं जो स्त्रियां किसी लक्ष्य के साथ जीवन में आगे बढ़ती हैं, वो बेवजह की बातों में समय बर्बाद नहीं करती। ऐसी स्त्रियां स्पष्ट सोच वाली और घर परिवार को व्यवस्थित रखने वाली होती हैं। विवाह के बाद ऐसी स्त्रियां, पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं। इसलिए स्त्रियों में यह गुण अवश्य होना चाहिए।
दूसरा गुण हर शख्स के जीवन में कभी न कभी बुरा समय जरूर आता है। अक्सर बुरे समय में आपके करीबी भी आपसे नाता छुड़ा लेते हैं। ऐसे में अगर आपको ऐसी स्त्री मिल जाए जो हर परिस्थिति में डटकर आपके साथ खड़ी हो, तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। इसीलिए आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, मुश्किल स्थिति में भी जीवनसाथी का साथ निभाने वाली स्त्री, विपरीत समय में भी हंसकर आपका साथ देनी वाली स्त्री को बहुत अच्छा पार्टनर मानते हैं। ऐसा साथी अगर किसी को मिल जाए तो उसको धरती पर ही स्वर्ग सी अनुभूति हो सकती है।
तीसरा गुण जो स्त्रियां अपने जीवनसाथी की सूरत नहीं बल्कि उनके गुणों पर ध्यान देती हैं, वो भी पारिवारिक जीवन को सुखद और संपन्न बनाकर रखती हैं। उम्र ढलने के साथ भले ही आपके रंग रूप में परिवर्तन आए लेकिन आपके गुण हमेशा आपके पास रहते हैं, इसलिए, ऐसी स्त्री से ही रिश्ता जोड़ना चाहिए जो आपके गुणों पर ध्यान दे ना कि आपकी सूरत या आपके धन पर। ऐसी स्थिति कभी आपका साथ नहीं छोड़ती।
चौथा गुण अगर स्त्री अपने जीवनसाथी की उपलब्धियों पर गर्व करती है और साथी की कमियों को बताकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित करती है, तो समझ जाइए वो एक सच्ची जीवन साथी है। ऐसी स्त्रियां अगर किसी गलत शख्स से भी रिश्ता जोड़ लेती हैं, तब भी ये उन्हें सही राह पर ला सकती हैं। इन गुणों वाली महिला के साथ विवाह करके पुरुष का घर-परिवार सुख शांति से रहता है।
◄┉┉┉┉┉┉༺✦ᱪ✦༻┉┉┉┉┉┉►
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

Related Articles

Back to top button