प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से किए जा रहे बोर, स्थानीय प्रशासन मौन
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । गिरते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार यादव ने जिले में नई बोरिंग खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है । इसके बाबजूद उमरियापान, ढीमरखेड़ा सहित ग्रामीण क्षेत्र में धड़ल्ले से नए बोर कराए जा रहे हैं । जिनको रोकने स्थानीय प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है ।
सूखे की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने बोरिंग खनन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश का पालन कराने में जिम्मेदार अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं । इसके बावजूद उमरियापान, ढीमरखेड़ा क्षेत्र में एजेंटों के द्वारा धड़ल्ले से बोरिंग मशीन चलाई जा रहीं हैं । स्थानीय प्रशासन बोरिंग मशीनों के संचालन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध नहीं लगा पा रहे हैं । जबकि ग्रामीण क्षेत्र में बोर लगातार कराए जा रहे हैं ।
मोटी रेट लेकर बेखौफ खनन कर रहे बोरिंग मशीन एजेंट
कलेक्टर के प्रतिबंध का हवाला देकर बोरिंग मशीन एजेंटों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के खेतों पर बोरिंग करने के लिए मनमाने दाम वसूल रहे हैं । इसका कारण है कि बोरिंग मशीन के एजेंटों की ओर से किसानों को प्रशासन की रोक की जिम्मेदारी लेना बताया जाता है । बोरिंग मशीन के एजेंटों के द्वारा अधिकतर रात के समय ही बोरिंग की जा रही हैं । जिसकी प्रशासन को भनक तक नहीं लग पाती है। लेकिन स्थानीय प्रशासन और बोरिंग मशीन के एजेंटों के साठगांठ के चलते धड़ल्ले से उमरियापान, ढीमरखेड़ा क्षेत्र में हो रहें बोर ।



