दशहरा चल समारोह की तैयारी में जुटे युवा, व्यायामशाला में सीख रहे लाठी-तलवारबाज़ी
सिलवानी। नगर की व्यायामशालाओं में इन दिनों युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, और इसी क्रम में कई युवा पारंपरिक शस्त्र-कला जैसे लाठी, तलवारबाज़ी और करतबों का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
स्थानीय अखाड़ों और व्यायामशालाओं में शाम को अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षकों की देखरेख में युवाओं को अनुशासन, संतुलन और युद्ध-कला की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिर्फ शारीरिक दक्षता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना भी है।
दशहरा के दिन नगर में भव्य चल समारोह निकाला जाएगा, जिसमें यह युवा अपने सीखे हुए करतबों और शस्त्र-कला का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान दर्शकों को पारंपरिक भारतीय युद्ध-कला की झलक देखने को मिलेगी, जो आज की पीढ़ी में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का कार्य करेगी।
श्रीराम बजरंग व्यायामशाला के अध्यक्ष मनोज रैकवार ने बताया कि युवा पीढ़ी में इस तरह की पारंपरिक कलाओं के प्रति रुझान बढ़ना सकारात्मक संकेत है। यह न केवल उनके शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना भी जगाता है।



