कृषि

किसानों का बिजली संकट सड़कों पर फूटा किसानों का ग़ुस्सा

स्टेट हाईवे 44 पर एक घंटे चक्काजाम, एसडीएम हषर्ल चौधरी के आश्वासन के बाद माने किसान
किसानों के लो वोल्टेज व 10 घंटे बिजली न मिलने से फसलें सूखने को लेकर किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सिलवानी । बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या से जूझ रहे किसानों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। नगपुरा नगझिरी, सेमराखास महुआखेड़ा, जामनपानी, घोघरी, सोनपुरा, रायपानी सहित करीब 20 ग्रामों के सैकड़ों किसानों ने बजरंग चौराहे से पैदल मार्च करते हुए गैरतगंज, गाडरवारा स्टेट हाईवे 44 पर पावर हाउस के सामने लगभग एक घंटे तक चक्काजाम किया। किसानों का आरोप है कि उन्हें 10 घंटे की निर्धारित बिजली सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिससे गेहूं चना सहित अन्य रबी फसलें सूखने की कगार पर हैं। किसानों के चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम हर्षल चौधरी, एसडीओपी अनिल मौर्य, थाना प्रभारी पूनम सविता तथा विद्युत वितरण कंपनी के जिला स्तरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर समझाइश दी। किसान लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। अधिकारी एसडीएम हषर्ल चौधरी द्वारा मांगों को जायज मानते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद करीब एक घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। स्टेट हाईवे 44 पर वाहनों की दोनों तरफ लंबी-लंबी कटारे लग गई किसानों ने एसडीएम को कलेक्टर, ऊर्जा मंत्री एवं वन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि क्षेत्र में अत्यधिक विद्युत भार के कारण लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे कृषि और घरेलू उपकरणों के संचालन में परेशानी हो रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि आवश्यकतानुसार विद्युत आपूर्ति के लिए नवीन फीडर की स्थापना की जाए, पुराने व कमजोर तारों तथा सीमेंट के पोल बदले जाएं और प्रतापगढ़ पावर हाउस की क्षमता 3000 केवीए से बढ़ाकर 5000 केवीए की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिवस के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस संबंध में एसडीएम हर्षल चौधरी का कहना है कि प्रतापगढ़ क्षेत्र के किसान तीन प्रमुख मांगों के लेकर एकत्रित हुए थे मुख्य मांग वोल्टेज को लेकर दस घंटे मिलना चाहिए लेकिन उनको पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है तीसरा वन विभाग कि भूमि से होते हुए डेक्स कनेक्शन होना है। इसकी अनुमति वनविभाग से नहीं होने के कारण रूका हुआ है। ट्रांसफर के ऑगरटेशन का काम के लिए पूर्व किसानों द्वारा प्रदर्शन किया गया था उसके बाद से वह चालू है बाकी संभवत गुरुवार तक पूर्ण करने का प्रयास किया जायेगा।

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